हरियाणा के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अब पारंपरिक 'नॉट वाली टाई' पहनने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। भिवानी जिले के फूलपुरा गांव में स्कूल यूनिफॉर्म की टाई के कारण एक 7 वर्षीय मासूम की दर्दनाक मौत के बाद, हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (HSCPCR) ने इस संबंध में सख्त एडवाइजरी जारी की है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता और स्कूल ड्रेस के अनुशासन के नाम पर बच्चों की जान जोखिम में नहीं डाली जा सकती। इस फैसले को लागू करने के लिए शिक्षा विभाग और भिवानी बोर्ड (HBSE) को आधिकारिक पत्र भेज दिया गया है।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
भिवानी के गांव फूलपुरा में एक 7 साल का बच्चा अपने घर में खेल रहा था। घर की खूंटी (हुक) पर उसके बड़े भाई की स्कूल यूनिफॉर्म की नॉट वाली पारंपरिक टाई टंगी हुई थी। खेल-खेल में मासूम ने उस टाई को अपने गले में पहनने की कोशिश की। इसी दौरान टाई का फंदा कस गया और हुक में फंसने के कारण गला घुटने से बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना का संज्ञान लेते हुए बाल आयोग ने तुरंत एक्शन लिया।
बाल आयोग की एडवाइजरी: स्कूलों को दिए गए 2 सुरक्षित विकल्प
आयोग ने बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 की धारा-13 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए पारंपरिक टाई के स्थान पर दो नए और सुरक्षित विकल्प सुझाए हैं।
आई-कार्ड अटैचमेंट टाई : ऐसी टाई जिसमें पहचान पत्र (I-Card) को हुक या क्लिप के जरिए सीधे शर्ट या कॉलर से ही अटैच कर दिया जाता है, जिससे गले में फंदा बनने का कोई खतरा नहीं रहता।
रेडीमेड इलास्टिक/क्लिप-ऑन टाई : ऐसी टाई जिसे गले में बांधना नहीं पड़ता, बल्कि इसे इलास्टिक या रेडीमेड क्लिप के माध्यम से कॉलर पर फिक्स किया जाता है। यदि यह किसी वस्तु में फंसती भी है, तो तुरंत गले से अलग हो जाती है।
बच्चों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता - चेयरपर्सन तृप्ति श्योराण
हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (HSCPCR) की नवनियुक्त चेयरपर्सन तृप्ति श्योराण ने इस फैसले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा 'देश के विभिन्न हिस्सों से ऐसे कई दर्दनाक हादसे सामने आए हैं, जहां स्कूल के मैदानों में खेलते समय, झूलों में, दीवारों के हुक या गेट में बच्चों की पारंपरिक टाई फंस गई और दम घुटने से उनकी जान चली गई। ये घटनाएं भले ही दुर्घटनावश होती हैं, लेकिन थोड़ी सी सावधानी और सही नियमों से इन्हें पूरी तरह रोका जा सकता है। बच्चों की सुरक्षा हमारे लिए सबसे ऊपर है। अनुशासन या यूनिफॉर्म की किसी पुरानी परंपरा के नाम पर हम नौनिहालों के जीवन को खतरे में नहीं डाल सकते। इसीलिए हमने यह एडवाइजरी जारी कर साफ किया है कि अब स्कूलों में पारंपरिक नॉट वाली टाई लागू नहीं की जाएगी।"
खेलकूद और दैनिक गतिविधियों के दौरान भी रहेगी रोक
आयोग ने अपनी गाइडलाइन में विशेष रूप से रेखांकित किया है कि खेलकूद या स्कूल की दैनिक गतिविधियों के दौरान बच्चे सबसे ज्यादा सक्रिय होते हैं। ऐसे समय में हुक या झूले में टाई फंसने का जोखिम दोगुना हो जाता है। शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे जल्द से जल्द सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों को इस नियम का कड़ाई से पालन करने के आदेश जारी करें।
कई घटनाएं सामने आने के बाद लिया सबक
आयोग ने बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 की धारा-13 के तहत अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर यह एडवाइजरी जारी की है। आयोग ने देश के विभिन्न हिस्सों में सामने आए उन दर्दनाक हादसों का संज्ञान लिया है, जिनमें स्कूल जाने वाले बच्चों की मौत पारंपरिक टाई के झूले, दीवार के हुक, गेट या अन्य वस्तुओं में फंसने से गला घुटने के कारण हुई।
आयोग का कहना है कि ये घटनाएं दुर्घटनावश जरूर हुईं, लेकिन इन्हें रोका जा सकता है। 2 जुलाई को भिवानी के गांव फुलपुरा में 7 वर्षीय हर्षित की घर के अंदर स्कूल टाई से गले में फंदा लगाने से माैत हाे गई थी। तीसरी कक्षा में पढ़ने बच्चा दीवार पर लगी खूंटी में टंगी स्कूल टाई से खेल रहा था। अचानक बेड से पांव फिसल गया और टाई से दम घुट गया। 9 महीने पहले पानीपत में प्राइवेट स्कूल के 9वीं के छात्र मयंक ने घर पर स्कूल टाई से फंदा लगा लिया था।
दो महीने पहले ही तृप्ति आयोग की चेयरपर्सन बनीं
प्रदेश सरकार ने 28 अप्रैल को नोटिफिकेशन जारी कर तृप्ति श्योराण को HSCPCR की चेयरपर्सन नियुक्त किया है। 37 वर्षीय तृप्ति लोहारू के गांव गागड़वास की हैं। उनके भाई वरुण श्योराण भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता हैं। तृप्ति के पिता चौधरी हरिपाल हरियाणा को-ऑपरेटिव बैंक भिवानी के सहायक प्रबंधक रहे हैं।
related
खुलेंगे इतिहास के पन्ने : बीते कल को सहेजने की तैयारी, हरियाणा में ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण की बड़ी पहल
हरियाणा में रेल कनेक्टिविटी का नया दौर : HORC टनल का 61 फीसदी कार्य पूरा, कुरुक्षेत्र एलिवेटेड ट्रैक लॉन्च के लिए तैयार
“दो रोटी कम खाओ, लेकिन बच्चों को जरूर पढ़ाओ”, दाखिला मिशन ने पकड़ी रफ्तार
Latest stories
CISF की जांबाज खिलाड़ी ने चीन में गाड़ा जीत का झंडा, रितु श्योराण की कप्तानी में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने जीता गोल्ड
पानीपत के 35 गांवों की बदलेगी सूरत, 'मास्टर प्लान' तैयार, जानिए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल का 'मिशन विलेज'
फिरोजपुर झिरका में सीवर की जहरीली गैस ने छीनी दो मजदूरों की जिंदगी, ठेकेदार फरार, जिम्मेदार कौन?