हरियाणा शिक्षा विभाग ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम और मान्यता संबंधी नियमों का उल्लंघन करने वाले 22 जिलों के 1,107 निजी स्कूलों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर शिक्षा निदेशालय ने इन सभी स्कूलों को मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (MIS) पोर्टल पर ब्लॉक कर दिया है, जिससे इनमें शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नए दाखिलों पर तत्काल प्रभाव से रोक लग गई है।
कार्रवाई की मुख्य वजहें
शिक्षा निदेशालय की बार-बार चेतावनी और समय देने के बावजूद इन स्कूलों पर नियमों की अनदेखी का आरोप है। ये स्कूल तय समयसीमा के भीतर मान्यता से जुड़े जरूरी कानूनी दस्तावेज पेश करने में पूरी तरह नाकाम रहे। इसके साथ ही शिक्षा का अधिकार अधिनियम के कड़े प्रावधानों और मानकों का पालन नहीं किया गया। कई स्कूल रिहायशी मकानों या दुकानों से चल रहे थे जिनमें खेल का मैदान, पर्याप्त कमरे और सुरक्षा मानकों का अभाव था। वहीं जांच में यह भी सामने आया कि कई अनधिकृत संस्थान कोचिंग सेंटर या 'डमी स्कूल' की तरह काम कर रहे थे।
तीन श्रेणियों में बांटे गए ब्लैकलिस्टेड स्कूल
शिक्षा विभाग ने डेटा के आधार पर इन प्रतिबंधित 1,107 स्कूलों को तीन अलग-अलग समूहों में वर्गीकृत किया है।
145 स्कूल: जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी (DEEO) से हरी झंडी मिलने के बाद भी अस्थाई मान्यता का विस्तार न होने के कारण ब्लॉक हुए।
693 स्कूल: इन्हें आरटीई (RTE) प्रक्रिया के तहत फिलहाल "गैर-अंतिम" सूची में रखा गया है।
269 स्कूल: जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी (DEEO) द्वारा दस्तावेज खारिज किए जाने के बाद सीधे ब्लॉक कर दिए गए।
जिलावार आंकड़े: किस जिले में गिरे सबसे ज्यादा गाज?
हरियाणा के सभी 22 जिलों में से कैथल जिले में सबसे ज्यादा 162 निजी स्कूलों पर प्रतिबंध लगाया गया है।
जिला ब्लॉक किए गए स्कूलों की संख्या
कैथल 162 स्कूल (राज्य में सबसे अधिक)
गुरुग्राम 99 स्कूल
हिसार 98 स्कूल
पानीपत 92 स्कूल
भिवानी 76 स्कूल
फरीदाबाद 70 स्कूल
जींद 67 स्कूल
रोहतक 63 स्कूल
फतेहाबाद 10 स्कूल (राज्य में सबसे कम)
(नोट: अन्य जिलों जैसे करनाल में 57, यमुनानगर में 51 और सोनीपत में 45 स्कूलों को ब्लॉक किया गया है।)
आगे क्या होगा? विभाग की अगली तैयारी
प्राथमिक शिक्षा निदेशक मनीता मलिक के अनुसार, विभाग की कार्रवाई सिर्फ एडमिशन रोकने तक सीमित नहीं रहेगी। आने वाले दिनों में इन सभी स्कूलों का जमीनी स्तर पर भौतिक सत्यापन किया जाएगा। यदि भौतिक जांच में भी गड़बड़ी और खामियां बरकरार मिलती हैं, तो सरकार इन स्कूलों की मान्यता हमेशा के लिए रद्द कर इन्हें स्थाई रूप से बंद कर देगी।
अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह
शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए सचेत रहें। किसी भी स्कूल में अपने बच्चे का नया एडमिशन कराने से पहले स्कूल की आधिकारिक मान्यता की जांच जरूर कर लें। स्कूल प्रशासन से मान्यता से जुड़े वैध दस्तावेज दिखाने की मांग करें। पुख्ता जानकारी के लिए केवल हरियाणा प्राथमिक शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी सूचियों पर ही भरोसा करें।
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