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The Haryana Story | पाइट में म्यूजिकल टॉकशाला : पदमजीत सहरावत ने गीतों और किस्सों से सिखाया जीवन जीने का सलीका, बोले-अकड़ को करो दफन, तभी निखरेगा व्यक्तित्व

पाइट में म्यूजिकल टॉकशाला : पदमजीत सहरावत ने गीतों और किस्सों से सिखाया जीवन जीने का सलीका, बोले-अकड़ को करो दफन, तभी निखरेगा व्यक्तित्व

कहा - हर व्यक्ति को राम जैसा भाई और बेटा बनने का प्रयास करना चाहिए

अक्सर हम भगवान से बहुत थोड़ा मांगते हैं या मांगने में संकोच करते हैं। अगर भगवान से कुछ चाहिए तो केवट की तरह सोचकर मांगें। केवट ने नदी पार कराने के बदले केवल धन नहीं मांगा, बल्कि प्रभु से कहा कि आज मैंने आपको इस पार उतारा है, दूसरे लोक में आप मुझे पार लगा देना। श्रीराम चरित मानस की चौपाई सुनाते हुए  प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर, कमेंटेटर एवं गायक पदमजीत सहरावत ने हर किसी को अपने साथ बांध लिया। छात्र-छात्राओं को सफलता के ढेर सारे मंत्र बताए।

अकड़ को दफन कर दो, तभी व्यक्तित्व निखरेगा

पदमजीत सहरावत यहां पानीपत इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (पाइट) में म्यूजिकल टॉकशाला से गीतों, किस्सों और प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से जीवन में आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि रगड़ दे खुद को मेहनत से, क्योंकि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। दूसरों को दोष देना आसान है, लेकिन जो व्यक्ति अपनी कमियों पर काम करता है, वही आगे बढ़ता है। उन्होंने छात्रों से अहंकार छोड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि अकड़ को दफन कर दो, तभी व्यक्तित्व निखरेगा।

छोटी-छोटी परेशानियों से हार नहीं माननी चाहिए

सहरावत ने विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखने की प्रेरणा देते हुए कहा कि जब बैसाखी के सहारे चलने वाले लोग भी जीवन में आगे बढ़ सकते हैं, तो हमें अपनी छोटी-छोटी परेशानियों से हार नहीं माननी चाहिए। उन्होंने कहा कि असफलता अंत नहीं, बल्कि सीखने का अवसर है। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि अमिताभ बच्चन को कभी रेडियो में नौकरी नहीं मिली थी, जबकि हैरी पॉटर की लेखिका जेके रोलिंग की पांडुलिपि भी कई प्रकाशकों ने ठुकरा दी थी। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और इतिहास रच दिया। उन्होंने कहा, जिन्हें आसमान छूना है, वे उड़ान भरते हैं और जिन्हें सिर्फ छत तक जाना है, वे सीढ़ियां चढ़ते हैं। इसलिए लक्ष्य बड़ा रखिए और उसी के अनुरूप मेहनत कीजिए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने गुरु के महत्व पर भी विशेष जोर दिया।

हर व्यक्ति को राम जैसा भाई और बेटा बनने का प्रयास करना चाहिए

उन्होंने कहा कि शिक्षक का सम्मान करना हर विद्यार्थी का पहला कर्तव्य है। गुरु के बिना सच्ची सफलता प्राप्त नहीं की जा सकती। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा, ये कैसे हो गए हम, टीचर से पराए हो गए। पारिवारिक मूल्यों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को राम जैसा भाई और बेटा बनने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने क्षमा के महत्व को बताते हुए कहा कि माफ करना सीखिए, क्योंकि माफ करने से दो लोग मुक्त होते हैं। 

सहरावत ने विनम्रता का महत्व बताते हुए कहा, इतने छोटे बनो कि हर किसी के साथ बैठ सको और इतने बड़े बनो कि जब तुम खड़े हो जाओ तो कोई बैठा न रह सके। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने एक सरल उदाहरण देकर मेहनत का महत्व समझाया। उन्होंने कहा, सड़क पर कच्चा भुट्टा 10 रुपये का बिकता है और वही भुनने के बाद 40 रुपये का हो जाता है। यदि अपनी कीमत बढ़ानी है तो जलना पड़ेगा। पौधा पानी मांगता है, शरीर अभ्यास मांगता है और कर्मठ व्यक्ति काम मांगता है।

स्किल पर फोकस करें

उन्होंने विद्यार्थियों से किसी भी उपलब्धि पर घमंड न करने और निरंतर सीखते रहने का संदेश दिया। पाइट में लीड वर्कशॉप इस अवसर पर पाइट के निदेशक डॉ.शक्ति कुमार ने कहा कि स्किल पर फोकस करें। एआई की वजह से नए सेक्‍टरों में जॉब बढ़ेंगी। काम आसान होंगे। पाइट में छात्रों के लिए लीड वर्कशॉप का आयोजन किया जा रहा है। साइबर सिक्योरिटी विभाग की अध्‍यक्ष डॉ.शक्ति अरोड़ा ने कहा कि लीड वर्कशॉप के माध्यम से छात्रों को रोडमैप समझाया जा रहा है। विशेषज्ञों के माध्‍यम से प्रेरित किया जा रहा है। इस अवसर पर चेयरमैन हरिओम तायल, सचिव सुरेश तायल, बोर्ड सदस्य शुभम तायल, डीन डॉ.जेएस सैनी, डीन डॉ.बीबी शर्मा, एप्लाइड साइंस एवं ह्यूमैनिटी विभाग की अध्‍यक्ष डॉ.विनय खत्री भी मौजूद रहीं। 

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