उत्तर प्रदेश के नोएडा में बुधवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। सेक्टर-66 स्थित ममूरा गांव की एक चार मंजिला रिहायशी इमारत (ग्राउंड फ्लोर + 4 मंजिल) में भीषण आग लगने से एक महिला और एक पुरुष की मौत हो गई। पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, यह पूरी दुर्घटना इमारत के अंदर चार्ज हो रहे एक इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन में शॉर्ट सर्किट होने की वजह से हुई। हादसे के बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मकान मालिक को गिरफ्तार कर लिया है।
EV चार्जिंग के दौरान लगी आग, पेट्रोल गाड़ियों ने बढ़ाई आग
संयुक्त पुलिस आयुक्त राजीव मिश्रा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार ग्राउंड फ्लोर पर एक इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन चार्ज किया जा रहा था, जिसमें अचानक स्पार्क हुआ और आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ग्राउंड फ्लोर पर ही पास में पार्क किए गए अन्य पेट्रोल से चलने वाले दोपहिया वाहनों तक फैल गई। पेट्रोल की मौजूदगी के कारण आग ने बेहद विकराल रूप ले लिया। आग लगते ही पूरी इमारत में जहरीला और काला धुआं भर गया, जिससे ऊपर की मंजिलों पर रहने वाले लोगों का दम घुटने लगा।
चीख-पुकार के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन, 50 से अधिक किराएदार बचाए गए
इस बहुमंजिला इमारत में प्रति मंजिल 10 से 12 कमरे थे, जिन्हें मकान मालिक ने किराए पर दे रखा था। आग लगने के बाद इमारत में रह रहे करीब 48 से 50 परिवारों (लगभग 150 लोग) के बीच अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 7 दमकल गाड़ियां और एक हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म तत्काल मौके पर पहुंचे। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और खिड़कियों व छतों के रास्ते लगभग 50 किराएदारों को सुरक्षित बाहर निकाला।
'बचाओ-बचाओ' की पुकार
हादसे का शिकार हुई 26 वर्षीय महिला फोन पर 'बचाओ-बचाओ' चिल्ला रही थी, लेकिन दम घुटने के कारण वह बेहोश हो गई। अस्पताल ले जाए जाने पर डॉक्टरों ने दोनों (महिला और पुरुष) को मृत घोषित कर दिया।
मकान मालिक पर कानूनी शिकंजा, सेफ्टी पर उठे सवाल
इस हादसे ने रिहायशी इलाकों और भीड़भाड़ वाले गांवों में बनी बहुमंजिला इमारतों की फायर सेफ्टी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने और अवैध रूप से इतने कमरे किराए पर देने के आरोप में मकान मालिक के खिलाफ केस दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है। फॉरेंसिक टीम और दमकल विभाग की टीम मौके पर मौजूद है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इमारत में कोई इमरजेंसी एग्जिट या अग्निशामक यंत्र मौजूद थे या नहीं।
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