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The Haryana Story | CJP-सरकार के बीच आज फिर होगी बैठक, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर फंसा पेच, CJP ने कहा- PM मोदी दबाव में हैं, इसलिए रात 12:30 बजे जारी किया वीडियो'

CJP-सरकार के बीच आज फिर होगी बैठक, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर फंसा पेच, CJP ने कहा- PM मोदी दबाव में हैं, इसलिए रात 12:30 बजे जारी किया वीडियो'

सीजेपी और केंद्र सरकार के बीच नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में करीब दो घंटे तक अहम बातचीत हुई

नीट पेपर लीक विवाद को लेकर आज कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और केंद्र सरकार के बीच नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में करीब दो घंटे तक अहम बातचीत हुई है। बैठक में शामिल स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और पीएमओ राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह के सामने सीजेपी प्रतिनिधियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अपनी मुख्य मांग को "नॉन-नेगोशिएबल" (जिस पर कोई समझौता न हो) बताया है।

भारी दबाव में हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारी दबाव में हैं। उन्होंने दावा किया कि पेपर लीक मामले पर पीएम मोदी को रात 12:30 बजे सेल्फी मोड में एक वीडियो जारी कर सख्त कार्रवाई का भरोसा देना पड़ा। सीजेपी का कहना है कि अगर सरकार वाकई छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है, तो सबसे सख्त कदम यही होगा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत पद से बर्खास्त किया जाए।

सरकार से बातचीत: 2 मांगों पर बनी सहमति, इस्तीफे पर मांगा समय

नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई राउंड-2 की बैठक में सीजेपी की तरफ से सौरभ दास और आशुतोष रांका शामिल हुए। लगभग दो घंटे चली इस बातचीत में मुख्य रूप से तीन मांगें रखी गईं पेपर लीक से आहत होकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा। वहीं आंदोलन कर रहे निर्दोष छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएं। सरकार ने उक्त दोनों की मांगों पर सकारात्मक रवैया दिखाया है।

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा

सीजेपी सबसे मुख्य एक और मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तुरंत इस्तीफा लिया जाए। हालांकि इस मांग पर पेंच फंसा हुआ है। सरकार ने आंतरिक चर्चा के लिए शनिवार दोपहर 3:30 बजे तक का समय मांगा है। वहीं इस मुलाकात के बाद सीजेपी के संस्थापकों और प्रवक्ताओं ने साफ कर दिया है कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा ही इस समस्या का एकमात्र समाधान है। जब तक धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से नहीं हटते, तब तक दिल्ली के जंतर-मंतर और देशभर में उनका शांतिपूर्ण आंदोलन और तेज गति से जारी रहेगा।

दिल्ली में कड़े सुरक्षा इंतजाम, 18 मेट्रो स्टेशन बंद

आंदोलन के उग्र रूप और छात्रों के भारी जमावड़े को देखते हुए दिल्ली पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सुरक्षा कारणों से राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट समेत कुल 18 मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद रखने का फैसला किया है, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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