भगवान श्रीकृष्ण पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मौलाना जर्जिस अंसारी को पानीपत कोर्ट ने समन जारी कर 12 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। जानकारी अनुसार मुस्लिम लीगल एड ट्रस्ट इंडिया द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद की गई है। कोर्ट की कार्रवाई और पेशी के आदेश, 12 अगस्त को पेशी पानीपत की अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के इटावा निवासी मौलाना जर्जिस अंसारी को 12 अगस्त को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया है। यह याचिका मुस्लिम लीगल एड ट्रस्ट इंडिया की तरफ से दायर की गई है। ट्रस्ट के चेयरमैन मोमिन मलिक ने साफ कहा कि मौलाना के इस बयान से न केवल हिंदू समाज की आस्था को ठेस पहुंची है, बल्कि मुस्लिम समाज की छवि भी खराब हुई है।
क्या था विवादित बयान? 23 जून का वीडियो
यह पूरा विवाद झारखंड में 23 जून को दिए गए एक भाषण के वीडियो से शुरू हुआ। खुद के नाम के आगे 'चतुर्वेदी' टाइटल लगाने वाले मौलाना जर्जिस अंसारी ने गीता के एक श्लोक का गलत संदर्भ देते हुए दावा किया कि भगवान श्रीकृष्ण धर्म से मुस्लिम थे और दिन में 5 बार नमाज पढ़ा करते थे। मौलाना ने अपने भाषण में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जिक्र करते हुए कहा था कि अगर वे हमारी किताब पढ़ लें, तो इस्लाम से मोहब्बत करने लगेंगे। मौलाना जर्जिस अंसारी ने कहा ‘हमारे भाई अगर बुरा ना मानें, तो कृष्ण जी भी पांचों वक्त की नमाज पढ़ा करते थे।
यकीन ना आए तो श्रीमद्भागवत गीता का छठा अध्याय का दसवां मंत्र देख लीजिए।’ योगी युञ्जीत सततमात्मानं रहसि स्थितः । एकाकी यतचित्तात्मा निराशीरपरिग्रहः ॥ मौलाना ने दावा किया- 'श्लोक में कृष्ण जी अर्जुन से कह रहे हैं कि हे अर्जुन! ईश्वर की जब पूजा करो तो पूरे शरीर का योग करो। योगी, यूपी वाला नहीं। योगी युञ्जीत सततमात्मानं, पूरे शरीर का योग करो। यानी पूजा सिर्फ खड़े होकर नहीं, पूरे शरीर के साथ होनी चाहिए और पूरे शरीर का योग होना चाहिए। आज हिंदू धर्म में चले जाइए, सिर्फ ऐसे हाथ उठाएंगे, 'ओम नमः शिवाय', बस हो गई पूजा। ये हिंदू-मुस्लिम अगर ये अपनी किताबें पढ़ लें, योगी जी बड़े भक्त बनते हैं राम के... अगर अपनी किताबें पढ़ लें, अपनी किताबें, तो यकीन मानिए इस्लाम से मोहब्बत करने लगेंगे। क्योंकि इस्लाम ये मुसलमानों का धर्म है ही नहीं सिर्फ, ये उनका भी धर्म है। इसी दीन और इसी धर्म को रामचंद्र जी ने भी पेश किया है, कृष्ण जी ने भी पेश किया है। ये सिर्फ मुसलमानों का नहीं है।'
श्लोक का वास्तविक अर्थ
दरअसल, यह भगवद्गीता के अध्याय 6 का 10वां श्लोक है। इस श्लोक का वास्तविक अर्थ है- एक योगी का धर्म है कि वह निरंतर अपने मन, शरीर और आत्मा को परमात्मा में लगाए। एकांत जगह पर और खुद को अकेला करे और अपने मन और इंद्रियों को वश में रखते हुए, सभी प्रकार की इच्छाओं और मोह से मुक्त हो जाए।
देशव्यापी आक्रोश और अन्य कानूनी एक्शन
यूपी में दर्जनों शिकायतें वीडियो वायरल होने के बाद उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों विशेषकर लखनऊ और मथुरा में मौलाना के खिलाफ 95 से अधिक शिकायतें व एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी हैं। इस टिप्पणी के बाद मथुरा और अन्य धार्मिक स्थलों के संतों व हिंदू संगठनों में गहरा रोष है। मौलाना के बयान पर संतों में भारी आक्रोश है। अयोध्या के संतों ने मौलाना की जीभ काटने वाले को 10 लाख रुपए का इनाम देने की घोषणा की है। कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास ने भी मौलाना के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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