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The Haryana Story | कॉलेज कर्मचारियों को मिला 'क्लास-बी' का तोहफा : हरियाणा के सरकारी कॉलेजों में पहली बार स्वीकृत हुए सुपरिटेंडेंट के पद, 7 साल बाद मांग पूरी

कॉलेज कर्मचारियों को मिला 'क्लास-बी' का तोहफा : हरियाणा के सरकारी कॉलेजों में पहली बार स्वीकृत हुए सुपरिटेंडेंट के पद, 7 साल बाद मांग पूरी

सरकार ने राज्य के 187 सरकारी कॉलेजों में से शुरुआती चरण में 10 बड़े कॉलेजों में यह पद स्वीकृत किए

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हरियाणा के उच्च शिक्षा विभाग और सरकारी कॉलेज कर्मचारियों के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक खुशखबरी आई है। राज्य के इतिहास में पहली बार सरकारी कॉलेजों में 'सुपरिटेंडेंट' के पदों को प्रशासनिक मंजूरी दे दी गई है। पिछले 7 वर्षों से, विशेषकर साल 2019 से लगातार की जा रही कर्मचारियों की यह मांग अब जाकर सिरे चढ़ी है। इस फैसले से कॉलेज के गैर-शिक्षण (मिनिस्ट्रियल) कर्मचारियों में भारी उत्साह है, क्योंकि अब उन्हें प्रमोशन पाकर क्लास-बी अधिकारी बनने का सुनहरा अवसर मिलेगा।

इन 10 जिलों के बड़े कॉलेजों को मिली प्राथमिकता

हरियाणा में वर्तमान में कुल 187 सरकारी कॉलेज संचालित हैं। पहले चरण में सरकार ने 22 जिलों में से 10 प्रमुख कॉलेजों में सुपरिटेंडेंट के पदों को स्वीकृति दी है। इस चयन में उन संस्थानों को प्राथमिकता दी गई है जहाँ छात्रों की संख्या 4,000 से अधिक है। जिन 10 कॉलेजों में पद स्वीकृत हुए हैं, उनमें राजकीय कॉलेज भिवानी, पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय कॉलेज फरीदाबाद, द्रोणाचार्य राजकीय कॉलेज गुरुग्राम, राजकीय महिला कॉलेज (सेक्टर-14), गुरुग्राम, राजकीय कॉलेज हिसार, पंडित सी.एल. शर्मा राजकीय कॉलेज करनाल, राजकीय कॉलेज नारनौल, इंदिरा चक्रवर्ती राजकीय महिला कॉलेज रोहतक, पंडित नेकी राम राजकीय कॉलेज रोहतक, राजकीय नेशनल कॉलेज सिरसा शामिल है। 

क्यों अहम है यह फैसला?

इससे पहले तक, सरकारी कॉलेजों में कार्यरत मिनिस्ट्रियल स्टाफ के कर्मचारी अधिकतम डिप्टी सुपरिटेंडेंट के पद तक ही पहुंच पाते थे। आगे प्रमोशन का कोई रास्ता न होने के कारण कई योग्य कर्मचारी एक ही पद पर रिटायर्ड हो जाते थे। अब सुपरिटेंडेंट का पद बनने से कर्मचारियों को क्लास-बी अधिकारी बनने का सीधा मौका मिलेगा।

प्रशासनिक कामकाज में आएगी तेजी

हरियाणा गवर्नमेंट मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष मनीष घनघस और अन्य पदाधिकारियों के अनुसार, कॉलेजों में सुपरिटेंडेंट स्तर के अधिकारी न होने से कई प्रशासनिक दिक्कतें आती थीं। स्थापना से जुड़े मामलों, वित्तीय मंजूरियों और छात्र सेवाओं से जुड़ी फाइलों के निपटारे में काफी देरी होती थी और मौजूदा स्टाफ पर काम का बोझ बहुत ज्यादा था। इस नए पद के आने से फाइलों का काम तेजी से होगा और कॉलेजों का प्रशासनिक ढांचा मजबूत होगा।

एसोसिएशन ने शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा का जताया आभार

इस ऐतिहासिक निर्णय के बाद हरियाणा गवर्नमेंट मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा से मुलाकात की। एसोसिएशन ने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए शिक्षा मंत्री का धन्यवाद और आभार व्यक्त किया। कर्मचारी नेताओं ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में जैसे-जैसे अन्य कॉलेजों में छात्रों की संख्या और प्रशासनिक काम बढ़ेगा, सरकार बाकी बचे संस्थानों में भी चरणबद्ध तरीके से सुपरिटेंडेंट के पद सृजित करेगी।

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