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The Haryana Story | NEET-UG पेपर लीक पर CBI की चार्जशीट में सबसे बड़ा पर्दाफाश! महीनों पहले रची गई साजिश, दिमाग में रटे सवाल, होटल में बनाईं पर्चियां

NEET-UG पेपर लीक पर CBI की चार्जशीट में सबसे बड़ा पर्दाफाश! महीनों पहले रची गई साजिश, दिमाग में रटे सवाल, होटल में बनाईं पर्चियां

मोटी रकम के बदले सवालों को याद करके कोचिंग संचालकों और दलालों के जरिए व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर फैलाया

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NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक मामले में सीबीआई ने दिल्ली की राउस एवेन्यू कोर्ट में एक सनसनीखेज चार्जशीट दाखिल की है। CBI की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा 13 आरोपियों के खिलाफ दायर इस चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि पेपर लीक कोई तात्कालिक घटना नहीं थी, बल्कि इसकी साजिश महीनों पहले यानी साल 2025 के अंत और 2026 की शुरुआत में रची गई थी। इस पूरी साजिश में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा अनुबंधित तीन विषय विशेषज्ञ शामिल थे, जिन्होंने मोटी रकम के बदले सवालों को याद करके कोचिंग संचालकों और दलालों के जरिए व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर फैलाया। 2025 के अंत में ही कोचिंग माफिया और बिचौलियों ने NTA एक्सपर्ट्स को खरीद लिया था।

दिमाग में रटे सवाल, होटल में बनाईं पर्चियां

NTA ऑफिस में चेकिंग न होने का फायदा उठाकर एक्सपर्ट्स ने प्रश्न याद किए और सादे कागजों पर नोट किए। व्हाट्सएप और टेलीग्राम रूट से प्रश्न पत्र लीक हुए, लीक हुए प्रश्न पत्रों को PDF और फोटो के रूप में देश भर के छात्रों तक पहुंचाया गया। लातूर के कोचिंग संचालक ने 5 लाख रुपये देकर मास्टर पेपर हासिल किया, 111 सवाल परीक्षा से हूबहू मैच हुए।

NTA एक्सपर्ट्स का चौंकाने वाला रोल: कैसे लीक हुए सवाल?

CBI की चार्जशीट के मुताबिक, NTA द्वारा पेपर सेट करने के लिए बुलाए गए तीन एक्सपर्ट्स मनीषा गुरुनाथ मंधारे (बॉटनी), पी.वी. कुलकर्णी (केमिस्ट्री), और मनीषा संजय हवलदार (फिजिक्स) इस साजिश के मुख्य मोहरे थे। NTA ऑफिस में आते-जाते समय इन एक्सपर्ट्स की गहन तलाशी नहीं होती थी। कुलकर्णी ने रफ वर्क के लिए मिले सादे कागजों पर केमिस्ट्री के 135 सवाल और उनके विकल्प नोट कर लिए। उन्होंने मराठी से अंग्रेजी में बैक-ट्रांसलेशन भी किया। एक्सपर्ट्स दिनभर पेपर तैयार करते समय सवाल याद करते थे और शाम को होटल लौटकर उन्हें पर्चियों पर लिख लेते थे। NCERT की किताबों में संबंधित चैप्टर और पैराग्राफ को मार्क किया जाता था ताकि आगे भेजने में आसानी हो।

सीक्रेट रिवीज़न सेशन और व्हाट्सएप-टेलीग्राम नेटवर्क

लीक किए गए सवालों को सीधे छात्रों को नहीं दिया गया, बल्कि इसके लिए एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था। अप्रैल के महीने में कुलकर्णी (केमिस्ट्री) और मंधारे (बायोलॉजी) ने पुणे में अपने घरों पर 'विशेष रिवीज़न सेशन' आयोजित किए। वहां छात्रों को हुबहू वही सवाल, विकल्प और जवाब नोटबुक में लिखाए गए। फिजिक्स की एक्सपर्ट मनीषा हवलदार ने पुणे के कोचिंग फैकल्टी तेजस हर्षदकुमार शाह को सवाल लिखाए, जिन्होंने हाथ से लिखे इन नोट्स की तस्वीरें लीं। शाह, जिसने हवलदार का नंबर अपने फोन में 'God' नाम से सेव किया था ने इन तस्वीरों को आगे बढ़ाया। जांच में आरोपी यश यादव के मोबाइल से NEET-UG 2026 प्रश्न पत्र की PDF फाइलें और टेलीग्राम पर 'AP Broker' शुभम मधुकर खैरनार के साथ हुई बातचीत के पुख्ता चैट रिकॉर्ड मिले हैं।

लातूर कोचिंग सेंटर और 5 लाख का सौदा

CBI ने विशेष अदालत को बताया कि महाराष्ट्र के लातूर में रैनुकाई करियर सेंटर के मैनेजिंग पार्टनर शिवराज मोटेगांवकर ने केमिस्ट्री के पेपर सेटर पी.वी. कुलकर्णी को 5 लाख रुपये की रिश्वत देकर प्रश्न हासिल किए थे। मोटेगांवकर के मोबाइल से 36 तस्वीरें मिलीं, जिनमें 132 हस्तलिखित केमिस्ट्री के प्रश्न थे। फोरेंसिक जांच में सामने आया कि इनमें से 111 प्रश्न NTA के असली मास्टर प्रश्नपत्र से हुबहू मेल खाते थे।

सुरक्षा के तौर पर जमा कराए 'ओरिजिनल सर्टिफिकेट और ब्लैंक चेक'

यह पूरी तरह से पैसों का एक संगठित सौदा था। लीक पेपर देने के बदले बिचौलियों ने छात्रों और उनके अभिभावकों से एडवांस के तौर पर 10वीं-12वीं के ओरिजिनल एजुकेशनल सर्टिफिकेट और साइन किए हुए ब्लैंक चेक बतौर सिक्योरिटी जमा करवा लिए थे, ताकि पेपर पास होने के बाद पूरी रकम वसूली जा सके।

आरोपियों पर कड़ा कानूनी शिकंजा

CBI ने डिजिटल सबूतों, कॉल रिकॉर्ड्स और बैंक खातों की फॉरेंसिक जांच के आधार पर सभी 13 आरोपियों को जेल भेज दिया है। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी की धारा 316(5) के तहत दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास या 10 साल तक की जेल हो सकती है। लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 - इस नए कानून के तहत 7 से 10 साल की जेल और न्यूनतम 10 करोड़ रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत NTA एक्सपर्ट्स पर लोक सेवक के तौर पर भरोसा तोड़ने और रिश्वतखोरी का मामला दर्ज है।जांच एजेंसी ने आरोपियों के बैंक खाते, लॉकर और डीमैट अकाउंट्स को भी फ्रीज कर दिया है।

(नोट: यह पूरी रिपोर्ट CBI द्वारा कोर्ट में पेश की गई चार्जशीट और डिजिटल साक्ष्यों पर आधारित है। फिलहाल दिल्ली की राउस एवेन्यू कोर्ट में इसका स्पीड ट्रायल चल रहा है।)

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