हांसी वाले बाबा 'महंत दिनेश पुरी' के खिलाफ हुड्डा खाप और भारतीय किसान यूनियन का गुस्सा भड़क गया है। बाबा द्वारा हुड्डा गोत्र पर की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी 'हुड्डा-सूड्डा-पुड्डा' को लेकर पूरे हरियाणा में समाज के लोगों में भारी नाराजगी है। भारतीय किसान यूनियन अम्बावता के प्रदेश अध्यक्ष दिलबाग हुड्डा ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा है कि बाबा को इसके लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी, अन्यथा पूरे प्रदेश में उनके खिलाफ बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा।
बाबा ने सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी, तो...
हरियाणा के हांसी स्थित श्री बालाजी धाम के महंत दिनेश पुरी (हांसी वाले बाबा) द्वारा हुड्डा गोत्र को लेकर दी गई एक कथित अमर्यादित टिप्पणी के बाद राज्य का माहौल गर्मा गया है। भारतीय किसान यूनियन (अम्बावता) के प्रदेश अध्यक्ष दिलबाग हुड्डा ने इस बयान की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा है कि इस अशोभनीय टिप्पणी से पूरे हुड्डा समाज और हरियाणा के लोगों में भारी आक्रोश है। उन्होंने ऐलान किया है कि यदि बाबा ने सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी, तो पूरा हुड्डा गोत्र लामबंद होकर उनके खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू करेगा।'
हुड्डा गोत्र का बड़ा इतिहास, 'हर फील्ड में आगे हैं लोग'
दिलबाग हुड्डा ने हिसार और आसपास के क्षेत्रों में खाप प्रतिनिधियों से बातचीत के बाद कहा कि हुड्डा गोत्र के लोगों ने देश और प्रदेश के विकास में हमेशा बढ़-चढ़कर योगदान दिया है। इसी मेहनत के कारण आज इस गोत्र के लोग हर क्षेत्र में आगे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि इसी गोत्र से आने वाले भूपेंद्र सिंह हुड्डा हरियाणा के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। ऐसे प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक गोत्र के खिलाफ बाबा ने "हुड्डा-सूड्डा-पुड्डा" जैसे अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल करके अपनी संकीर्ण मानसिकता को दर्शाया है।
पैतृक गांव सांघी और खाप पंचायतों में निंदा प्रस्ताव पास
विवाद बढ़ने के बाद दिलबाग हुड्डा के पैतृक गांव सांघी (रोहतक) में एक विशेष पंचायत का आयोजन किया गया। इस पंचायत में हुड्डा खाप और ग्रामीणों ने एक सुर में बाबा के बयान की कड़ी निंदा की। खाप प्रतिनिधियों का कहना है कि यह केवल एक गोत्र का नहीं, बल्कि पूरी खाप व्यवस्था का अपमान है।
दिलबाग हुड्डा की प्रमुख मांगें
हांसी वाले बाबा को अपने इस अमर्यादित बयान के लिए पूरे समाज के सामने आकर माफी मांगनी होगी। दिलबाग हुड्डा ने स्पष्ट किया है कि बाबा को ऐतिहासिक चौबीसी चबूतरे (महम) और सांघी गांव की मुख्य पंचायत में आकर बुजुर्गों के सामने सिर झुकाकर माफी मांगनी पड़ेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे बाबा धर्म के नाम पर जनता और विशेष रूप से भोली-भाली बहन-बेटियों को बरगलाने और ठगने का काम कर रहे हैं।
लामबंदी की चेतावनी
यदि बाबा ने समय रहते माफी नहीं मांगी, तो आने वाले दिनों में सभी खापों और किसान संगठनों को एकजुट कर हांसी धाम के खिलाफ बड़ा मोर्चा खोला जाएगा। यह विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर पाखंडवाद के खिलाफ चल रही एक बहस के दौरान महंत दिनेश पुरी ने गुस्से में "हुड्डा-सूड्डा-पुड्डा" जैसे शब्दों का प्रयोग कर दिया था। हालांकि, विवाद बढ़ता देख बाबा ने बाद में सफाई देते हुए कहा था कि उन्होंने यह शब्द किसी का अपमान करने के लिए नहीं, बल्कि लाड-प्यार में कहे थे। लेकिन हुड्डा खाप और दिलबाग हुड्डा इस सफाई से संतुष्ट नहीं हैं और वे बाबा की सशर्त व सार्वजनिक माफी पर अड़े हुए हैं।
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