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The Haryana Story | ‘कबड्डी किंग’ की पत्नी सुसाइड केस में सुलझा विवाद, खाप महापंचायत में 3 शर्तों पर दोनों पक्षों में बनी लिखित सहमति

‘कबड्डी किंग’ की पत्नी सुसाइड केस में सुलझा विवाद, खाप महापंचायत में 3 शर्तों पर दोनों पक्षों में बनी लिखित सहमति

मुस्कान के बेटे हार्दिक के भविष्य को लेकर हुआ बड़ा फैसला

AI-Generated Images

अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी शीलू बल्हारा की पत्नी मुस्कान बल्हारा सुसाइड केस में एक बड़ा मोड़ आया है, जहां महम चौबीसी और अठगामा की खाप महापंचायत के बाद मुस्कान के मायके वालों ने शीलू और उनके परिवार को माफ करने का फैसला किया है। दोनों पक्षों के बीच हुई इस महापंचायत में मुस्कान के मासूम बेटे हार्दिक के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए 3 मुख्य शर्तों पर लिखित सहमति बनी है, जिसके पूरे होते ही पुलिस केस की शिकायत वापस ले ली जाएगी।

शीलू बल्हारा केस में खाप पंचायत का महाफैसला

रोहतक के बहु अकबरपुर निवासी 'कबड्डी किंग' शीलू बल्हारा की पत्नी मुस्कान ने 31 जुलाई 2026 को अपने ससुराल में कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद मुस्कान के पिता सुखबीर (निवासी गांव फरमाणा) ने शीलू, उनके माता-पिता और भाई के खिलाफ दहेज हत्या (बीएनएस की धारा 80 और 3(5)) का मामला दर्ज कराया था। हालांकि, पोस्टमार्टम की प्राथमिक रिपोर्ट में शरीर पर चोट के निशान न मिलने और मौत की वजह केवल फांसी आने के बाद दोनों गांवों की पंचायतें सक्रिय हुईं। फरमाणा गांव में करीब 5 घंटे चली इस महापंचायत में शीलू के परिवार ने अपनी गलतियों के लिए माफी मांगी, जिसे खाप और लड़की पक्ष ने स्वीकार कर लिया।

इन 3 बड़ी शर्तों पर बनी सहमति

पंचायत ने मुस्कान और शीलू के 1 साल के बेटे हार्दिक बल्हारा के हक में तीन शर्तें तय की हैं, जिन्हें पूरा करने के लिए शीलू के परिवार को 10 दिन का समय दिया गया है। पहली शर्त बच्चे के नाम पर तत्काल 50 लाख रुपये की बैंक एफडी कराई जाएगी। दूसरी शर्त बहु अकबरपुर स्थित शीलू की डेढ़ एकड़ की खेल अकादमी को कानूनी रूप से बेटे के नाम ट्रांसफर किया जाएगा और तीसरी शर्त शीलू का मौजूदा रिहायशी मकान और 450 वर्ग गज का प्लॉट भी बच्चे हार्दिक के नाम दर्ज होगा।

शिकायत वापसी की प्रक्रिया और कानूनी पहलू

दोनों पक्षों की पंचायत बुधवार को बहु अकबरपुर थाने जाएगी और लिखित में पुलिस से शर्तें पूरी करने के लिए 10 दिन का वक्त मांगेगी।  जैसे ही जमीन, मकान और एफडी बच्चे के नाम पर रजिस्टर्ड हो जाएगी, मुस्कान के पिता सुखबीर अपनी पुलिस शिकायत को वापस ले लेंगे। वहीं कानूनी जानकारों और रोहतक पुलिस के अनुसार, परिवार द्वारा शिकायत वापस लेने या समझौते के बावजूद पुलिस की अपनी जांच जारी रहेगी। चूंकि यह गैर-शमनीय (Non-Compoundable) गंभीर धारा है, इसलिए पुलिस जांच में यदि प्रताड़ना के सबूत नहीं मिलते, तभी कोर्ट से शीलू के परिवार को पूरी राहत मिल पाएगी। फरमाणा गांव के पूर्व सरपंच सतीश ने यह भी कहा कि शीलू उनके बेटे जैसा है; यदि वह भविष्य में दूसरी शादी कर अपना घर बसाना चाहेगा, तो मायके पक्ष को कोई आपत्ति नहीं होगी।

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