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The Haryana Story | रिटायरमेंट के दिन निलंबित SE गीतू राम तंवर की मौत, कार में मिला शव, सुसाइड नोट में IAS समेत कई अफसरों पर गंभीर आरोप

रिटायरमेंट के दिन निलंबित SE गीतू राम तंवर की मौत, कार में मिला शव, सुसाइड नोट में IAS समेत कई अफसरों पर गंभीर आरोप

परिवार को फोन कर कहा कि वह अपनी आखिरी चिट्ठी देकर आते हैं

हरियाणा के करनाल में बिजली निगम के निलंबित अधीक्षण अभियंता गीतू राम तंवर की सोमवार को उनके रिटायरमेंट के दिन संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव सेक्टर-9 स्थित घर से कुछ दूरी पर डीएवी स्कूल के पास उनकी कार में मिला। पुलिस की शुरुआती जांच में जहरीला पदार्थ निगलने की बात सामने आई है। मामले को लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

सुबह घर से निकले, कहा- 'आखिरी चिट्ठी देकर आता हूं'

परिजनों के मुताबिक गीतू राम तंवर सोमवार सुबह करीब 7 बजे घर से निकले थे। कुछ देर बाद उन्होंने परिवार को फोन कर कहा कि वह अपनी आखिरी चिट्ठी देकर आते हैं। इसके बाद उनका फोन बंद हो गया। जब वह वापस नहीं लौटे तो परिजनों ने तलाश शुरू की। उनकी बेटी ने डीएवी स्कूल के पास कार देखी, जिसमें गीतू राम अचेत अवस्था में मिले। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

कार से मिला 3 पेज का नोट, अधिकारियों पर लगाए आरोप

डीएसपी महावीर सिंह के अनुसार पुलिस को कार से तीन पेज का नोट मिला है। ताजा पुलिस जानकारी के मुताबिक इसमें एक IAS अधिकारी, एक SE, तीन XEN, चार SDO और एक अन्य अधिकारी समेत करीब 10 अधिकारियों के नामों का उल्लेख है। नोट में इन अधिकारियों पर रंजिश रखने, मानसिक रूप से परेशान करने और उनके निर्देशों की अनदेखी करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। नोट में XEN रणबीर देशवाल, अश्वनी कौशिक और राज सिंह, जबकि SDO सतीश गोयत, प्रदीप कुमार, आशीष और रूपेश के नामों का उल्लेख बताया गया है। अंत में बिजली निगम के एमडी विजय सिंह (IAS) का नाम भी लिखा गया है। हालांकि, ये सभी आरोप फिलहाल सुसाइड नोट में लगाए गए आरोप हैं, पुलिस ने इनकी पुष्टि नहीं की है।

सरकार से स्वतंत्र जांच की मांग

बताया गया है कि गीतू राम ने नोट में सरकार से संबंधित अधिकारियों के खिलाफ निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी पुराने कोर्ट केस को लेकर उनसे रंजिश रखते थे और उनके निर्देशों को नहीं मानते थे। पुलिस अब नोट की सत्यता, उसमें लगाए गए आरोपों और मौत के पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

'जाट-झोटा' टिप्पणी के बाद हुए थे निलंबित

गीतू राम तंवर कुछ महीने पहले एक वायरल वीडियो को लेकर विवादों में आए थे। वीडियो में उनकी जाट और 'झोटा' को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी सामने आई थी। इसके बाद बिजली निगम ने उनके खिलाफ कार्रवाई की और 2 अप्रैल 2026 को उन्हें निलंबित कर दिया गया था। इस विवाद के बाद विभागीय अधिकारियों की ओर से भी उनके खिलाफ शिकायतें किए जाने की बात सामने आई थी।

रिटायरमेंट वाले दिन मौत से कई सवाल

सबसे गंभीर बात यह है कि गीतू राम तंवर की तीन दशक से अधिक लंबी सरकारी सेवा के बाद सोमवार को ही सेवानिवृत्ति होनी थी, लेकिन उसी दिन उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। फिलहाल परिवार की ओर से पुलिस को कोई लिखित शिकायत नहीं दिए जाने की बात डीएसपी ने कही है। शिकायत मिलने और जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई स्पष्ट होगी। उल्लेखनीय है कि सुसाइड नोट में जिन अधिकारियों पर आरोप लगाए गए हैं, उनके खिलाफ आरोपों को अभी सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता। उनकी भूमिका की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी।

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