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The Haryana Story | पानीपत में 5 सफाई कर्मचारियों पर एफ़आईआर, सरकारी काम में बाधा का आरोप; 26 कर्मचारियों को टर्मिनेट करने की तैयारी

पानीपत में 5 सफाई कर्मचारियों पर एफ़आईआर, सरकारी काम में बाधा का आरोप; 26 कर्मचारियों को टर्मिनेट करने की तैयारी

नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल और प्रदर्शन के बीच विवाद अब कार्रवाई तक पहुंच गया

नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल और प्रदर्शन के बीच विवाद अब कार्रवाई तक पहुंच गया है। निगम प्रशासन ने सरकारी काम में बाधा डालने और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा डालने के आरोप में सफाई कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई शुरू की है। हालिया घटनाक्रम में निगम कार्यालयों पर तालाबंदी और कार्यालय के बाहर कूड़ा डालने से प्रशासन और कर्मचारियों के बीच टकराव और बढ़ गया है। मिली जानकारी के अनुसार, 5 सफाई कर्मचारियों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में FIR दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। वहीं नगर निगम प्रशासन ने आंदोलन में शामिल कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। करीब 26 कर्मचारियों को टर्मिनेट करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने की जानकारी है। 

कार्यालयों पर लगाया ताला, सड़क पर कूड़ा डालने से बढ़ा विवाद

सफाई कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर चल रहा आंदोलन पिछले दिनों उस समय उग्र हो गया, जब कर्मचारियों ने नगर निगम के दो प्रमुख कार्यालयों पर ताला लगा दिया। इसके बाद पालिका बाजार स्थित निगम कार्यालय के बाहर कूड़े से भरी ट्रॉली भी खाली कर दी गई। कर्मचारियों ने मेयर कार्यालय का घेराव करते हुए वहां भी तालाबंदी की। इससे निगम का प्रशासनिक काम प्रभावित हुआ। इससे पहले भी प्रदर्शन के दौरान जीटी रोड, इंसार बाजार और विधायक कार्यालय के बाहर कूड़ा डालने का मामला सामने आया था। निगम प्रशासन ने इसे सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने के साथ-साथ सरकारी काम में बाधा डालने का मामला माना था। इसी घटनाक्रम में निगम आयुक्त की ओर से 12 कर्मचारियों के खिलाफ FIR कराने की बात रिपोर्ट की गई थी।

निगम आयुक्त ने दी थी सख्त कार्रवाई की चेतावनी

नगर निगम आयुक्त डॉ. पंकज यादव ने स्पष्ट किया था कि कर्मचारियों को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने का अधिकार है, लेकिन किसी अन्य नागरिक के अधिकारों का उल्लंघन या सरकारी काम में बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि जबरदस्ती या इस तरह की गतिविधियां जारी रहने पर कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन और बर्खास्तगी जैसी कार्रवाई की जा सकती है।

सरकार और कर्मचारियों के बीच मांगों को लेकर खींचतान

सफाई कर्मचारियों का आंदोलन उनकी विभिन्न मांगों को लेकर चल रहा है। दूसरी ओर, राज्य सरकार का कहना है कि कर्मचारियों की कई मांगों पर पहले ही सहमति बन चुकी है और समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 1 सितंबर को विधानसभा में कहा था कि सफाई कर्मचारियों की 12 मांगें मानी जा चुकी हैं, जबकि न्यायालय से जुड़े मामलों में अदालत के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। 2 सितंबर को शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने भी सफाई कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील करते हुए कहा था कि सरकार उनकी मांगों के समाधान की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है।

अब टकराव के बीच आगे क्या?

पानीपत में मामला अब केवल मांगों और हड़ताल तक सीमित नहीं रह गया है। एक तरफ कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखे हुए हैं, तो दूसरी तरफ निगम प्रशासन सरकारी कामकाज बाधित करने और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा डालने जैसी गतिविधियों को लेकर सख्ती के मूड में है। 5 कर्मचारियों पर FIR और 26 कर्मचारियों को टर्मिनेट करने की प्रस्तावित कार्रवाई से विवाद और गहरा सकता है। हालांकि, सेवा समाप्ति का अंतिम निर्णय संबंधित विभागीय प्रक्रिया और आदेश जारी होने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगा। प्रशासन का रुख साफ है कि विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक तरीके से किया जाए, लेकिन सरकारी कार्यालयों में तालाबंदी, काम में बाधा या सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा डालने जैसी गतिविधियों पर कार्रवाई की जाएगी।

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