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The Haryana Story | बहन की छींक को मां ने माना अनहोनी का संकेत, बेटे को दिल्ली जाने से रोका था; सत्य निकेतन हादसे में अर्पित की मौत

बहन की छींक को मां ने माना अनहोनी का संकेत, बेटे को दिल्ली जाने से रोका था; सत्य निकेतन हादसे में अर्पित की मौत

दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक पीजी बिल्डिंग हादसे ने कई परिवारों को दिया गहरा सदमा

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दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक पीजी बिल्डिंग हादसे ने कई परिवारों को गहरा सदमा दिया है। हादसे में जान गंवाने वाले 19 वर्षीय छात्र अर्पित जाज की कहानी बेहद भावुक कर देने वाली है। हादसे से पहले उसकी मां को किसी अनहोनी का डर सताने लगा था और उन्होंने बेटे को दिल्ली लौटने से रोकने की कोशिश भी की थी।

रेलवे स्टेशन पर बहन को आई छींक, मां ने कहा- दिल्ली मत जाओ

अर्पित रक्षाबंधन मनाने के बाद मध्य प्रदेश स्थित अपने घर से दिल्ली लौट रहा था। रेलवे स्टेशन पर जब अर्पित की बहन को छींक आई तो उसकी मां ने इसे अशुभ संकेत माना। मां को अचानक बेटे के साथ कुछ अनहोनी होने का डर सताने लगा। उन्होंने अर्पित से दिल्ली वापस नहीं जाने की गुजारिश की। लेकिन अर्पित ने मां को बताया कि उसका टिकट कंफर्म है और उसकी क्लास भी शुरू होने वाली हैं। इसके बाद वह दिल्ली के लिए रवाना हो गया।

दिल्ली पहुंचने के कुछ ही घंटों बाद हुआ हादसा

अर्पित 6 सितंबर की सुबह दिल्ली पहुंचा था और उसने परिवार को सुरक्षित पहुंचने की जानकारी भी दी थी। इसके कुछ समय बाद सत्य निकेतन इलाके में स्थित पांच मंजिला पीजी इमारत ढह गई। अर्पित भी मलबे में दब गया और उसकी मौत हो गई। हादसे में कुल सात लोगों की जान जाने की पुष्टि हुई है। बेटे से संपर्क नहीं होने पर परिवार की चिंता बढ़ गई। बाद में अर्पित की मौत की खबर ने पूरे परिवार को तोड़ दिया। उसकी मां पहले से जताए डर को याद कर बेहद भावुक हो गईं। मीडिया रिपोर्ट्स में उनके हवाले से बताया गया कि उन्हें पहले ही कुछ बुरा होने का अहसास हो रहा था।

मौत के बाद भी अर्पित बना किसी की जिंदगी की रोशनी

इस त्रासदी के बीच अर्पित के परिवार ने बेहद मानवीय फैसला लिया। परिवार ने उसके दोनों कॉर्निया दान करने का निर्णय लिया, जिससे दो लोगों को दुनिया देखने में मदद मिल सकेगी। बेटे को खोने के असहनीय दुख के बीच परिवार का यह फैसला मिसाल बन गया है।

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