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The Haryana Story | मनीषा मौत मामला: CBI की क्लोजर रिपोर्ट में आत्महत्या का निष्कर्ष, अब सुप्रीम कोर्ट तक जाएगी परिवार की लड़ाई

मनीषा मौत मामला: CBI की क्लोजर रिपोर्ट में आत्महत्या का निष्कर्ष, अब सुप्रीम कोर्ट तक जाएगी परिवार की लड़ाई

पंचकूला कोर्ट में जांच रिपोर्ट जमा, चार्जशीट दाखिल नहीं

गांव ढाणी लक्ष्मण की 19 वर्षीय शिक्षिका मनीषा की मौत के मामले में सीबीआई की जांच के बाद दाखिल क्लोजर रिपोर्ट को लेकर एक बार फिर मामला गरमा गया है। सीबीआई की रिपोर्ट में मौत का निष्कर्ष आत्महत्या बताया गया है। रिपोर्ट के बाद मंगलवार को ढाणी लक्ष्मण स्थित धर्मदास आश्रम में सर्व समाज और ग्रामीणों की पंचायत हुई, जिसमें परिवार ने न्याय की लड़ाई आगे भी जारी रखने का फैसला लिया।

पंचकूला कोर्ट में जांच रिपोर्ट जमा, चार्जशीट दाखिल नहीं

पंचायत में बताया गया कि 7 सितंबर को गांव के 11 मौजिज लोगों की कमेटी पंचकूला स्थित सीबीआई कोर्ट पहुंची थी। वहां सीबीआई की जांच कमेटी की ओर से पूरी जांच रिपोर्ट अदालत में जमा किए जाने की जानकारी सामने आई। हालांकि, मामले में चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है। पंचायत को यह भी बताया गया कि यदि परिवार क्लोजर रिपोर्ट के निष्कर्ष से असहमत है तो वह अपने वकील के माध्यम से अदालत में आगे कानूनी लड़ाई लड़ सकता है। इससे पहले 14 अगस्त 2026 को सीबीआई ने पंचकूला स्थित विशेष अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू की थी। बाद की सुनवाई में रिपोर्ट और संबंधित दस्तावेजों को लेकर भी परिवार की ओर से सवाल उठाए गए थे।

पंचायत में पूर्व सरपंच की अध्यक्षता, समाज ने दिया साथ

मंगलवार को धर्मदास आश्रम में हुई पंचायत की अध्यक्षता पूर्व सरपंच शिंभूराम ने की। भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान मेवा सिंह आर्य ने कहा कि मनीषा के परिवार के साथ समाज और विभिन्न संगठनों ने अब तक जिस तरह सहयोग किया, वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि अब मामला कानूनी लड़ाई के चरण में पहुंच चुका है और इसे कानून के दायरे में रहकर आगे लड़ा जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जहां भी समाज की जरूरत होगी, वहां पीड़ित परिवार के साथ लोग खड़े मिलेंगे। 

पिता संजय ने खाई शपथ, बोले- सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेंगे

पंचायत में मनीषा के पिता संजय और उनके परिवार ने शपथ लेते हुए कहा कि वे न्याय की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे। परिवार ने समाज के मौजिज लोगों और संगठनों के सहयोग से मामले को आगे अदालतों में चुनौती देने का फैसला किया है। जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट तक न्याय की लड़ाई लड़ने की बात कही गई है। पंचायत ने भी सर्वसम्मति से फैसला लिया कि जब भी मनीषा के परिवार को समाज की आवश्यकता होगी, पूरा समाज संजय के साथ खड़ा रहेगा।

एक साल से ज्यादा समय से जारी है मामले में कानूनी लड़ाई

मनीषा की मौत का मामला पिछले करीब एक साल से हरियाणा में चर्चा का विषय रहा है। मनीषा का शव अगस्त 2025 में सिंघानी गांव के खेतों में मिला था। परिवार ने उसकी मौत पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी। बाद में सीबीआई ने मामले की जांच अपने हाथ में लेकर एफआईआर दर्ज की और घटनास्थल समेत कई पहलुओं की जांच की। जून 2026 तक भी जांच की प्रगति को लेकर परिवार और ग्रामीणों में नाराजगी थी और सीबीआई कोर्ट ने एजेंसी से स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी थी।

परिवार ने सभी संगठनों का जताया आभार

पंचायत के दौरान मनीषा के पिता संजय ने अब तक साथ देने वाली खापों, सामाजिक संगठनों और किसान संगठनों का आभार जताया। वहीं पंचायत में मौजूद लोगों ने स्पष्ट किया कि क्लोजर रिपोर्ट में आत्महत्या का निष्कर्ष आने के बावजूद परिवार को कानूनी विकल्पों के इस्तेमाल के लिए पूरा सामाजिक सहयोग दिया जाएगा। फिलहाल मनीषा मौत मामले में सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट का निष्कर्ष आत्महत्या है, लेकिन परिवार इसे अंतिम सत्य मानने को तैयार नहीं है। अब इस मामले की अगली लड़ाई अदालत के जरिए आगे बढ़ाने की तैयारी है।

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