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The Haryana Story | धान खरीद में देरी पर भड़के अभय चौटाला, बोले- दो दिन में धान खरीद शुरू करो, वरना लठ लेकर मंडी आऊंगा

धान खरीद में देरी पर भड़के अभय चौटाला, बोले- दो दिन में धान खरीद शुरू करो, वरना लठ लेकर मंडी आऊंगा

‘किसान का एक-एक दाना खरीदना होगा’, करनाल मंडी में अधिकारियों पर बरसे अभय

हरियाणा की अनाज मंडियों में धान खरीद को लेकर जारी परेशानियों के बीच इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने शनिवार को करनाल की नई अनाज मंडी का दौरा किया। उन्होंने मंडी में धान खरीद व्यवस्था का जायजा लिया और सरकारी खरीद में देरी को लेकर नाराजगी जताई। चौटाला ने सरकार और संबंधित अधिकारियों को दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि किसानों की धान की खरीद सुचारू रूप से शुरू नहीं हुई तो वह दोबारा लठ लेकर मंडी पहुंचेंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदा जाना चाहिए और उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए परेशान नहीं होना चाहिए।

धान की ढेरी देखकर मंडी सचिव से किए सवाल

मंडी में निरीक्षण के दौरान अभय चौटाला ने मार्केट कमेटी के सचिव विकास गुप्ता को धान की एक ढेरी के पास बुलाया और पूछा कि इसकी खरीद हुई है या नहीं। इस पर अधिकारी ने रिकॉर्ड देखकर जानकारी देने की बात कही। चौटाला ने नाराजगी जताते हुए कहा कि मंडी अधिकारियों के पास खरीद का पूरा रिकॉर्ड होना चाहिए और उन्हें मौके पर पता होना चाहिए कि किसान की फसल खरीदी गई है या नहीं। अधिकारियों ने बताया कि धान की खरीद के लिए तीन एजेंसियां हैं। इस पर चौटाला ने सवाल किया कि जब एजेंसियां खरीद करती हैं तो क्या अधिकारी मौके पर मौजूद रहते हैं? उन्होंने अधिकारियों को दफ्तरों में बैठने के बजाय मंडी में पहुंचकर किसानों की समस्याएं सुनने और खरीद सुनिश्चित करने की नसीहत दी।

'मंडी सचिव का कसूर नहीं, सरकार के आदेशों पर करते हैं काम'

अभय चौटाला ने कहा कि मंडी सचिव का कोई कसूर नहीं है। सचिव सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर काम करते हैं और उन्हें जो निर्देश मिलते हैं, वे उनका पालन करते हैं। उन्होंने कहा कि असली जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करने की है कि मंडी में अपनी फसल लेकर पहुंचे किसानों को खरीद के लिए कई दिनों तक इंतजार न करना पड़े। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दो दिन में खरीद व्यवस्था नहीं सुधरी तो वह फिर मंडी पहुंचेंगे। किसानों की फसल की सरकारी खरीद समय पर होनी चाहिए, ताकि उन्हें मजबूरी में कम कीमत पर धान न बेचना पड़े।

हुड्डा पर भी साधा निशाना

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खुद को न थका हुआ और न सेवानिवृत्त बताने वाले बयान पर भी चौटाला ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि हुड्डा सक्रिय हैं तो उन्हें मंडियों में पहुंचकर किसानों की समस्याएं उठानी चाहिए। चौटाला ने सवाल किया कि हुड्डा किसानों की परेशानी सुनने के लिए मंडी में क्यों नहीं आते। उन्होंने हरियाणा में विपक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाए। चौटाला के अनुसार, प्रदेश में पक्ष और विपक्ष मिले हुए हैं और किसानों की समस्याओं को लेकर इनेलो ही संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा कि करनाल मंडी में किसानों की परेशानी सुनने के लिए दूसरी पार्टियों के नेता नहीं पहुंचे।

जंतर-मंतर प्रदर्शन और युवाओं के गुस्से पर कही यह बात

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के आह्वान के संबंध में चौटाला ने दावा किया कि इनेलो के हजारों युवा प्रदर्शन में शामिल होने के लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को दबाने की जितनी कोशिश करेगी, उनका गुस्सा उतना ही बढ़ेगा। चौटाला ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि युवाओं की नाराजगी को हल्के में नहीं लेना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि युवा सत्ता परिवर्तन की ताकत रखते हैं और यदि उनकी आवाज दबाने की कोशिश की गई तो इसका राजनीतिक नुकसान सरकार को उठाना पड़ सकता है।

धान खरीद बनी दौरे का मुख्य मुद्दा

अभय चौटाला के करनाल मंडी दौरे के दौरान सरकारी खरीद में देरी, अधिकारियों की जवाबदेही और किसानों की परेशानी प्रमुख मुद्दे रहे। अब देखना होगा कि दो दिन के भीतर खरीद व्यवस्था में कितना सुधार होता है और किसानों को उनकी फसल बेचने में राहत मिलती है।

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