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The Haryana Story | मंत्री कृष्ण कुमार बेदी का कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले - संविधान 'जेब' में रखने से कुछ नहीं होता, डॉ. अंबेडकर को 'समझो'

मंत्री कृष्ण कुमार बेदी का कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले - संविधान 'जेब' में रखने से कुछ नहीं होता, डॉ. अंबेडकर को 'समझो'

बेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने जिन लोगों ने संविधान की हत्या की, उन्हें ही रक्षक बनाकर पेश किया

मंत्री कृष्ण कुमार बेदी

रोहतक में डीएससी समाज द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे हरियाणा सरकार के मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि "जेब में संविधान की किताब रखने से कुछ नहीं होता। डॉ. अंबेडकर एक युग है, उन्हें  पढ़ना एक बात है, लेकिन उनके विचारों को जीवन में अपनाना असली बात है।" बेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने जिन लोगों ने संविधान की हत्या की, उन्हें ही रक्षक बनाकर पेश किया।

डीएससी समाज को योग्यता के आधार पर सम्मान दिया है, न कि दिखावे के लिए

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने बाबा साहेब को भारत रत्न देने से पहले अपने प्रधानमंत्री को यह सम्मान दिया, जो उनके असली इरादों को दशार्ता है। मंत्री ने कहा कि भाजपा ने डीएससी समाज को योग्यता के आधार पर सम्मान दिया है, न कि दिखावे के लिए। अंबेडकर का सच्चा अनुयायी वही है, जो उनके विचारों और सिद्धांतों का पालन करे। मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि कांग्रेस समाज को बांटने की बात कर रही है, लेकिन कांग्रेस न ही समाज को बांटने का काम किया है। 

अब समाज तो बट नहीं रहा, कांग्रेस वालों के पेट में दर्द जरूर बढ़ गया

1975 से पंजाब में आरक्षण है, 1994 से 2005 तक हरियाणा में आरक्षण रहा, तब तो समाज नहीं बटा। अब समाज तो बट नहीं रहा, कांग्रेस वालों के पेट में दर्द जरूर बढ़ गया है। मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि आजादी से लेकर 2014 तक डीएससी समाज ने बाबा साहेब के विरोधियों पर भरोसा किया। कांग्रेस पर भरोसा करने का नतीजा रहा कि डीएससी समाज को उनका हक नहीं मिला। पिछले लोकसभा चुनाव में भी लोग कांग्रेस के चंगुल में फंस गए और भरोसा नहीं कि आगे भी नहीं फंसोगे।

मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि आज भी 60 प्रतिशत लोगों को बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का नाम भी सही से बोलना नहीं आता। बाबा साहेब की जीवनी कहने की जरूरत नहीं है, क्योंकि वह तो किताबों में मिल जाएगी। लेकिन बाबा साहेब की बातों का अनुसरण कितने लोग कर रहे है, इस पर विचार करना चाहिए।

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