हरियाणा के खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम के अथक प्रयासों से पलवल जिले के जिन पांच गांवों की जमीन राष्ट्रीय राजमार्ग 334डी के लिए अधिकृत की गई थी, परंतु भू मालिक लंबे समय से उचित मुआवजे की मांग करते आ रहे थे, अब उन्हें इस समस्या के समाधान की आस नजर आ रही है। इस संबंध में खेल मंत्री ने आज सिविल सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में राजस्व विभाग की वित्तायुक्त एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा व किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर विस्तृत चर्चा की।
अब तक उचित मुआवजा नहीं मिला था
इस बारे में खेल मंत्री ने कहा कि चंडीगढ़ स्थित सिविल सचिवालय कार्यालय में पलवल जिले के किसान भाइयों से मुलाकात कर उनकी वर्षों पुरानी समस्या को गंभीरता से सुना गया और समाधान की दिशा में ठोस पहल की गई। किसानों की जमीन राष्ट्रीय राजमार्ग 334डी के लिए अधिग्रहित की गई थी, लेकिन उन्हें अब तक उचित मुआवजा नहीं मिला था।
इस विषय पर हरियाणा सरकार की वित्तायुक्त एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व विभाग) डॉ. सुमिता मिश्रा के साथ किसान प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें विस्तार से चर्चा हुई। डॉ. मिश्रा ने आश्वासन दिया कि किसानों का प्रतिवेदन लेकर राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार गहन जांच की जाएगी और उचित मुआवजा दिलवाने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा जाएगा।
उत्तर प्रदेश के जेवर एयरपोर्ट को पलवल से सीधा जोड़ेगा
बैठक में शामिल किसानों ने इस बैठक के लिए खेल मंत्री गौरव गौतम व डॉ. सुमिता मिश्रा का विशेष आभार व्यक्त किया, जिन्होंने विस्तार से और पूरी संवेदनशील के साथ उनकी बातों को सुना और सकारात्मक समाधान का आश्वासन दिया। उल्लेखनीय है कि एनएच 334डी के लिए पेलक, सिहौल, मीसा, चांट व रहीमपुर गांवों की करीब 26 एकड़ जमीन अधिकृत हुई थी, जो उत्तर प्रदेश के जेवर एयरपोर्ट को पलवल से सीधा जोड़ेगा। इन गावों के किसान मार्केट रेट के अनुसार जमीन के दामों की मांग करते आ रहे हैं।
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