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The Haryana Story | उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने दिया इस्तीफा, स्वास्थ्य कारणों को बताया इस्तीफे की वजह, सियासी हलचल तेज, कयासों का बाजार गर्म

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने दिया इस्तीफा, स्वास्थ्य कारणों को बताया इस्तीफे की वजह, सियासी हलचल तेज, कयासों का बाजार गर्म

राष्ट्रपति को पत्र में उन्होंने लिखा स्वास्थ्य की प्राथमिकता और चिकित्सकीय सलाह का पालन करते हुए मैं भारत के उपराष्ट्रपति पद से तत्काल प्रभाव से त्यागपत्र दे रहा हूं

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़

जगदीप धनखड़ ने उप राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों को इस्तीफे की वजह बताया है। राष्ट्रपति को पत्र में उन्होंने लिखा स्वास्थ्य की प्राथमिकता और चिकित्सकीय सलाह का पालन करते हुए मैं भारत के उपराष्ट्रपति पद से तत्काल प्रभाव से त्यागपत्र दे रहा हूं। पत्र में उन्होंने राष्ट्रपति को उनके सहयोग और सौहार्दपूर्ण संबंधों के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल को भी सहयोग के लिए आभार जताया।

जगदीप धनखड़ ने 2022 में 14वें उप राष्ट्रपति के रूप में ली थी शपथ

2022 में जगदीप धनखड़ ने 14वें उप राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। 6 अगस्त 2022 को हुए उप राष्ट्रपति के चुनाव में धनखड़ ने विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को हराया था। धनखड़ को कुल 725 में से 528 वोट मिले थे, जबकि अल्वा को 182 वोट मिले थे। 18 मई 1951 को झुंझुनू जिले में साधारण किसान परिवार में पैदा हुए जगदीप धनखड़ की शुरूआती शिक्षा गांव में हुई। फिर उनका एडमिशन सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ में करवाया गया। धनखड़ का नेशनल डिफेंस एकेडमी में सिलेक्शन हो गया था, लेकिन वो गए नहीं। उन्होंने राजस्थान यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद एलएसबी की पढ़ाई की। जयुपर में ही रहकर वकालत शुरू की थी। 70 साल के जगदीप धनखड़ को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 30 जुलाई 2019 को बंगाल का 28वां राज्यपाल नियुक्त किया था। वे 1989 से 1991 तक राजस्थान के झुंझुनू से लोकसभा सांसद रहे। 1989 से 1991 तक वीपी सिंह और चंद्रशेखर की सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रहे 

इस्तीफे में लिखा......

माननीय राष्ट्रपति जी ..

सेहत को प्राथमिकता देने और डॉक्टर की सलाह को मानने के लिए मैं संविधान के अनुच्छेद 67 (ए) के अनुसार अपने पद से इस्तीफा देता हूं। मैं भारत के राष्ट्रपति में गहरी कृतज्ञता प्रकट करता हूं। आपका समर्थन अडिग रहा, जिनके साथ मेरा कार्यकाल शांतिपूर्ण और बेहतरीन रहा। मैं माननीय प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद के प्रति भी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करता हूं।प्रधानमंत्री का सहयोग और समर्थन अमूल्य रहा है और मैंने अपने कार्यकाल के दौरान उनसे बहुत कुछ सीखा है। माननीय सांसदों से मुझे जो स्नेह, विश्वास और अपनापन मिला है, वह मेरी स्मृति में हमेशा रहेगा। मैं इस बात के लिए आभारी हूं कि मुझे इस महान लोकतंत्र में उपराष्ट्रपति के रूप में जो अनुभव और ज्ञान मिला, वह अत्यंत मूल्यवान रहा। यह मेरे लिए सौभाग्य और संतोष की बात रही है कि मैंने भारत की अभूतपूर्व आर्थिक प्रगति और इस परिवर्तनकारी युग में उसके तेज विकास को देखा और उसमें भागीदारी की। हमारे राष्ट्र के इतिहास के इस महत्वपूर्ण दौर में सेवा करना मेरे लिए सच्चे सम्मान की बात रही। आज जब मैं इस सम्माननीय पद को छोड़ रहा हूं, मेरे दिल में भारत की उपलब्धियों और शानदार भविष्य के लिए गर्व और अटूट विश्वास है।

गहरी श्रद्धा और आभार के साथ, जगदीप धनखड़

राजनीतिक गलियारे में कयासों का बाजार गर्म 

उप राष्ट्रपति के इस्तीफे के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उनके इस्तीफे को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि , "मैं आज शाम 5 बजे तक उनके साथ था। उस समय कई अन्य सांसद भी मौजूद थे। शाम 7 बजकर 30 मिनट पर मेरी उनसे फोन पर बातचीत भी हुई थी। निस्संदेह उपराष्ट्रपति धनखड़ को अपनी सेहत को प्राथमिकता देनी चाहिए। लेकिन उनका यह इस्तीफा पूरी तरह से अप्रत्याशित है। मामला सिर्फ स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है। हालांकि, अभी अनुमान लगाने का समय नहीं है।

वहीं कपिल सिब्बल ने भी उनके इस्तीफे पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं क्योंकि मैं बेहद दुखी हूं। मेरा उनके साथ बहुत अच्छा रिश्ता रहा है। मैं उन्हें पिछले 30-40 सालों से जानता हूं। हम एक साथ कोर्ट में पेश भी हुए हैं और एक-दूसरे के खिलाफ भी खड़े हुए हैं। हमारे बीच एक खास तरह की आत्मीयता और समझ थी।  मैंने हमेशा उनका सम्मान किया और उन्होंने भी मुझे सम्मान दिया। कांग्रेस नेता कुंवर अली दानिश ने भी जगदीप धनखड़ के इस्तीफा पर सवाल खड़े किये। 

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