सीईटी परीक्षा के सफल आयोजन में हरियाणा सरकार, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन के साथ-साथ सामाजिक, धार्मिक और व्यक्तिगत स्तर पर लोगों ने कंधे से कंधा मिलाकर बेहतरीन कार्य किया। उन्होंने सीईटी में आए परीक्षार्थियों व उनके परिजनों की सेवार्थ खाने-पीने व रहने की बेहतरीन व्यवस्था की। अगर बात करें कैथल जिला की तो वहां पर वैष्णो सेवा समिति ने आरकेएसडी कॉलेज, जाट कॉलेज व जाखौली अड्डा स्थित राजकीय स्कूल के सामने चाय, पानी व कड़ी-चावल की व्यवस्था की गई। अन्य सुविधाएं जैसे धूप से बचने के लिए टेंट, कुर्सियां आदि व्यवस्था भी की। आने-जाने वाले लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसको लेकर कूलर व पंखों की व्यवस्था भी की गई।
वैष्णो सेवा समिति के सदस्य कुलदीप ने कहा कि सरकार ने परीक्षार्थियों की तरफ खास ध्यान दिया है और हर स्तर पर उन्हें सुविधा प्रदान की है। जितने भी लोग शिविर में आते हैं, सभी यही कहते नजर आए कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कमाल कर दिया। शिविर में मौजूद एक परीक्षार्थी के परिजन ने कहा कि अब की बार कुछ अलग नजर आया। न आने-जाने की कोई समस्या और न ही खाने-पीने व ठहरने की कमी। सैनी सरकार ने जबरदस्त काम कर दिया अबकी बार। इसी प्रकार बस स्टैंड पर नर नारायण सेवा समिति ने परीक्षार्थियां के लिए बस स्टैड कढ़ी चावल का लंगर लगाया। काफी संख्या में परीक्षार्थी लंगर खाते नजर आए।
वहीं महंत त्रिवेणी दास ने आरकेएसडी कॉलेज सहित कई परीक्षा केंद्रों के सामने पेयजल वितरित कर सेवा का धर्म निभाया। कैथल जिला की डीसी प्रीति भी आरकेएसडी कॉलेज के सामने समाज सेवी संस्था मां वैष्णो देवी द्वारा लगाए गए शिविर में पहुंचे और वहां पर उपलब्ध करवाई जा रही सेवा के बारे में जानकारी हासिल की। डीसी ने संस्था की सराहना की। वहीं हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित सामान्य पात्रता परीक्षा 2025 के दौरान आज करनाल में एक अभ्यर्थी रेणू देवी मोटरसाइकिल से गिरने के कारण चोटिल हो गई। घटना के बाद नीलोखेड़ी के एसडीएम अशोक कुमार ने त्वरित और संवेदनशील प्रतिक्रिया देकर एक मिसाल पेश की। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम अशोक कुमार और उनके स्टाफ ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
उन्होंने बिना किसी देरी के रेणू देवी को प्राथमिक उपचार कराया। इसके उपरांत रेणू देवी की परीक्षा न छूटे, यह सुनिश्चित करने के लिए एसडीएम ने अपने वाहन से परीक्षा केंद्र तक समय पर पहुंचाया। जिस कारण रेणू देवी अपनी परीक्षा दे पाई। इस त्वरित सहायता और संवेदनशीलता के लिए रेणू देवी और उनके पति ने जिला प्रशासन करनाल व विशेष रूप से एसडीएम अशोक कुमार का हार्दिक धन्यवाद किया। हरियाणा सरकार के आह्वान पर सीईटी परीक्षा के दौरान समाजसेवी संगठनों ने भी विभिन्न तरह के आयोजन कर सहायता के लिए हाथ बढ़ाए। अगर सिरसा जिला की बात करें तो सिरसा पुलिस लाइन से बाहर ऐसे वाहन भी खड़े दिखाई दिए जो परीक्षार्थियों को शहरी सेंटर तक पहुंचाने के लिए फ्री परिवहन सर्विस दे रहे थे।
सिरसा निवासी अजमेर सिंह ने कार के जरिए परीक्षार्थियों को सेंटर तक पहुंचाया। इसके लिए बाकायदा उन्होंने वाहन पर फ्री सेवा का पोस्टर चस्पा कर रखा था। चेहरे पर लौटी मुस्कान सिरसा में रविवार को पहली व दूसरी पारी की परीक्षा के दौरान पुलिस ने मानवता का परिचय देते हुए उन अभ्यार्थियों को भी सेंटर तक पहुँचाया, जो गलती से दूसरे परीक्षा केंद्रों पर पहुंच गए थे। फतेहाबाद के भारत भूषण ने बताया कि बस स्टैंड के समीप गाड़ी खराब हो गई थी। डायल 112 पर कॉल करने के बाद तुरंत पुलिस सहायता मिली और फिर उन्हें ओढां सेंटर तक पहुंचाया गया। दो अभ्यार्थी ऐसे रहे जिनका परीक्षा केंद्र सिरसा में रानियां रोड पर था, लेकिन गलती से रानियां पहुंच गए। अभ्यार्थी लहरियां निवासी हवासिंह ने पुलिस हेल्पलाइन पर फोन किया, उसे पांच मिनट में पुलिस गाड़ी उपलब्ध हुई जो सेंटर तक छोड़कर गई।
महिला अभ्यार्थी ज्योति ने बताया कि वह गलती से रानियां पहुंच गई थी। उसने पुलिस मदद मांगी और उसे पुलिस ने समय पर सिरसा स्थित सेंटर में पहुंचाया। फरीदाबाद जिला प्रशासन की ओर से जिले में आने वाले परीक्षार्थियों के सहयोग के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए थे। साथ ही आमजन की सुविधा के लिए डायल 112 भी सक्रिय रूप से सक्रिय रही। डीसी विक्रम सिंह व सीपी सतेन्दर कुमार गुप्ता ने निरंतर हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों के समाधान के निर्देश दिए, ताकि किसी भी परीक्षार्थी को परेशानी न हो। प्रशासन की यह पहल न केवल छात्रों बल्कि पूरी व्यवस्था के लिए एक सम्मानजनक उदाहरण रही। सभी परीक्षार्थियों ने प्रशासन और पुलिस विभाग की सक्रियता एवं तत्परता के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया।
प्रशासन का यह काम आम आदमी के लिए नैतिक समर्थन का काम किया प्रशासन की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबर पर आए कॉल में ज्यादातर बैग रखने के इंतजाम, वाहन पार्किंग व बस का ड्रॉप प्वाइंट ढूंढने के लिए मांगी सहायता से संबंधित रहे। कई अभ्यर्थी एक ही बस में दोस्तों के साथ सवार हो गए। जबकि उनका परीक्षा केंद्र अलग अलग थे। ऐसे में कई अभ्यर्थी गलत सेंटर पर पहुंच गए। ऐसे अभ्यर्थियों ने प्रशासनिक हेल्पलाइन पर फोन कर सहायता मांगी। ऐसे अभ्यर्थियों को प्रशासनिक पहल के जरिए निजी सरकारी वाहनों का इस्तेमाल कर समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने में मदद की। इसी तरह अन्य मामलों में मांगी गई सहायता भी त्वरित की गई। प्रशासन की ओर से बेहतर समन्वय के साथ किए गए प्रयास से छात्रों को राहत मिली।
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