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The Haryana Story | प्रदेश की सभी गौशालाओं में स्थापित होंगे गोबर गैस प्लांट, गोबर से बनेगा पेंट बनाने और दूध से विभिन्न उत्पाद, कृषि मंत्री ने दिए निर्देश

प्रदेश की सभी गौशालाओं में स्थापित होंगे गोबर गैस प्लांट, गोबर से बनेगा पेंट बनाने और दूध से विभिन्न उत्पाद, कृषि मंत्री ने दिए निर्देश

वैज्ञानिकों के साथ मीटिंग करके इस इंस्टीट्यूट की आधुनिक तकनीकों को सीखें और प्रदेश के पशुओं की नस्ल सुधार और उनके दुग्ध उत्पादन आदि में प्रयोग करें

हरियाणा के पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सभी गौशालाओं में गोबर गैस प्लांट स्थापित करें, इसके अलावा यहां पर गोबर से ही पेंट बनाने तथा दूध से विभिन्न प्रकार के उत्पाद बनाने की संभावनाओं की तलाश करें। इससे जहां गौशालाएं खर्च के मामले में आत्मनिर्भर बन सकेंगी वहीं लोगों को बेहतर गुणवत्ता के दुग्ध-उत्पाद मिल सकेंगे।

संभावनाओं की तलाश करें

पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सभी गौशालाओं में गोबर गैस प्लांट स्थापित करें। इसके अलावा यहां पर गोबर से ही पेंट बनाने तथा दूध से विभिन्न प्रकार के उत्पाद बनाने की संभावनाओं की तलाश करें। राणा पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

इस अवसर पर बैठक में पशुपालन एवं डेयरी विभाग के आयुक्त एवं सचिव विजय दहिया, महानिदेशक डॉ. प्रेम सिंह के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। पशुपालन एवं डेयरी मंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि वे करनाल स्थित "नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट" के वैज्ञानिकों के साथ मीटिंग करके इस इंस्टीट्यूट की आधुनिक तकनीकों को सीखें और प्रदेश के पशुओं की नस्ल सुधार और उनके दुग्ध उत्पादन आदि में प्रयोग करें। 

डीआरआई का अधिक से अधिक सदुपयोग करने की संभावनाओं को तलाशने के निर्देश दिए

उन्होंने एनडीआरआई का अधिक से अधिक सदुपयोग करने की संभावनाओं को तलाशने के निर्देश दिए। श्याम सिंह राणा ने मार्च 2025 में वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट में की गई विभागीय घोषणाओं की समीक्षा की और इन सभी को निर्धारित अवधि में पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने महिलाओं को डेयरी स्थापित करने के लिए 1 लाख रुपए तक ब्याज मुक्त ऋण देने, देसी सांड के वीर्य की लिंग आधारित छंटाई के लिए प्रयोगशाला बनाने, गौ सेवा आयोग के तहत पंजीकृत गौशालाओं में शैड बनाने, गौ अभ्यारण्य स्थापित करने, पशु चिकित्सा संस्थाओं में दवाई, उन्नत डायग्नोस्टिक उपकरण लगाने जैसी घोषणाओं की भी समीक्षा की। 

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