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The Haryana Story | वैदिक परिवार द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन, भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ.अर्चना गुप्ता कहा- पेड़-पौधे जीवन और संस्कृति का अभिन्न अंग

वैदिक परिवार द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन, भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ.अर्चना गुप्ता कहा- पेड़-पौधे जीवन और संस्कृति का अभिन्न अंग

प्रत्येक व्यक्ति को हर वर्ष कम से कम एक पौधा जरूर लगाना चाहिए और उसका संरक्षण करना चाहिए: हरपाल ढांडा

वैदिक परिवार पानीपत के तत्वावधान में आज श्री कृष्णा पार्क, सेक्टर-25 में “एक पेड़, माँ के नाम” कार्यक्रम के अंतर्गत वृक्षारोपण किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी हरियाणा की प्रदेश महामंत्री डॉ. अर्चना गुप्ता जी तथा पानीपत के सुप्रसिद्ध उद्योगपति, समाजसेवी एवं हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा के बड़े भाई हरपाल ढांडा उपस्थित रहे। इस अवसर पर वार्ड पार्षद बिट्टू प्रजापति, वैदिक परिवार के अध्यक्ष डॉ. पवन बंसल, डॉ. राजबीर आर्य, राजीव सचदेवा, अशोक अरोड़ा, दलवीर आर्य, सतनारायण गुप्ता,संदीप जिंदल, मुकेश बोस, शिवकुमार आर्य, विजय गुलाटी, संदीप शर्मा, प्रमोद शर्मा, कुलदीप सैनी, सुरेश सैनी, जगरूप श्योकंद, विनोद दुग्गल, अमन मित्तल,कौशल शर्मा, महेंद्र कुमार, निरंजन सिंगला, संदीप शर्मा, प्रमोद शर्मा,शीला शर्मा, ब्रह्माकुमारी अंजू बहन, बलदेव राज वर्मा, संजीव कालीरमन आदि गणमान्य जन भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

हमारी सनातन संस्कृति वृक्षों की पूजा भी करती

डॉ अर्चना गुप्ता ने अपने संबोधन में पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए वृक्षों को जीवन और संस्कृति का अभिन्न अंग बताया। उन्होंने कहा कि जहां वृक्ष हमें जीवन के रूप में आक्सीजन प्रदान करते हैं वहीं हमारी सनातन संस्कृति वृक्षों की पूजा भी करती है। उन्होंने बताया कि वृक्ष कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर ऑक्सीजन प्रदान करते हैं और वातावरण को स्वच्छ बनाते हैं। पौधे जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग को कम करने में सहायक हैं। वृक्ष जीव-जंतुओं और पक्षियों का आश्रय स्थल होते हैं, जिससे जैव विविधता सुरक्षित रहती है। डॉ अर्चना गुप्ता ने कहा की प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में 15 वृक्षों द्वारा छोड़ी गई कुल ऑक्सीजन ग्रहण करता है। इसलिए मनुष्य को प्रकृति के ऋण से ऋण मुक्त होने के लिए अपने जीवन में कम से कम 15 पौधे अवश्य लगाने चाहिए।

यह पेपर नैपकिन भी किसी पेड़ को काटकर ही बनाए गए

उन्होंने कहा आज हम काफी मात्रा में कागज का प्रयोग करते हैं यहां तक कि खाना खाते समय भी हम दो-तीन पेपर नैपकिन प्रयोग में ले आते हैं। वहां पर भी यह ध्यान रखना चाहिए कि यह पेपर नैपकिन भी किसी पेड़ को काटकर ही बनाए गए हैं। और हमें प्रयास करना चाहिए कि हम कम से कम इन चीजों का प्रयोग करें। जब तक हम इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान नहीं रखेंगे तो तब तक हम पर्यावरण संरक्षण में योगदान नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि आज भू जल स्तर बहुत नीचे चला गया है और काफी इलाके तो ऐसे हैं कि जहां पीने के लिए पानी ही उपलब्ध नहीं है। पौधारोपण से भू-जल स्तर सुरक्षित होता है और मिट्टी का क्षरण रुकता है। हरपाल ढांडा ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि आज सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए बहुत काम कर रही है। 

हम सबको भी इस अभियान में अपने आप को जोड़ना पड़ेगा

नगर निगम पानीपत ने भी अपने नगर निगम की सीमा में एक लाख नए पौधों का रोपण करने का लक्ष्य रखा है और जब यह पौधे लग जाएंगे व बड़े वृक्ष बन जाएंगे तो पानीपत का नजारा ही कुछ ओर होगा। परंतु जन सामान्य की भागीदारी के बिना अकेले सरकार कुछ नहीं कर सकती। हम सबको भी इस अभियान में अपने आप को जोड़ना पड़ेगा। पौधे लगाने पड़ेंगे और उनकी सुरक्षा भी हमें करनी पड़ेगी, तभी अनुकूल परिणाम आएंगे। उन्होंने कहा कि हरियाली से वातावरण शुद्ध रहता है, जिससे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है। उन्होंने कहा की किसी पेड़ पौधों से आच्छादित जगह पर जाने भर से ही मन को सुखद अनुभूति होती है। अपने आप को ही लगता है की हम एक अच्छे वातावरण में आए हैं। 

प्रत्येक वर्ष अपने जन्मदिन पर एक पौधा जरूर लगाए और उसका संरक्षण करें

उन्होंने उपस्थित जनसमूह का आह्वान किया कि वह प्रत्येक वर्ष अपने जन्मदिन पर एक पौधा जरूर लगाए और उसका संरक्षण करें। वैदिक परिवार के प्रधान डॉ पवन बंसल ने बताया कि वैदिक परिवार पर्यावरण सुरक्षा के लिए प्रत्येक वर्ष 101 कुंडीय यज्ञ, पारिवारिक यज्ञ तथा पौधारोपण आदि पर्यावरण संरक्षण के कार्यक्रम करता है। इस वर्ष का वैदिक परिवार का आज यह पांचवा पौधारोपण कार्यक्रम है जिसमें लगभग 100 पौधे श्री कृष्णा पार्क सोसाइटी में लगाए जाएंगे और भविष्य में समय-समय पर हम इनकी देखभाल भी करेंगे। वैदिक परिवार के सचिव डॉ राजबीर आर्य ने मंच संचालन किया। उन्होंने कहा कि वैदिक परिवार समय-समय पर समाज हित में ऐसे प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित करता रहा है और आगे भी करता रहेगा।

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