केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा इसी माह 4 अगस्त को हरियाणा सिविल सेवा - कार्यकारी शाखा (एच.सी.एस.-ई.बी.) से आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) में प्रोमोट हुए कुल 15 अधिकारियों को आईएएस में वरिष्ठता अर्थात बैच वर्ष आबंटित कर दिया गया है। विवेक पदम सिंह को वर्ष 2014, डॉ. मुनीष नागपाल को वर्ष 2016, महेंद्र पाल, सत पाल शर्मा एवं सुशील कुमार-1 को वर्ष 2017, वर्षा खंगवाल, वीरेंद्र सिंह सहरावत, सत्येन्द्र दुहन, मनीता मलिक, सतबीर सिंह, अमृता सिंह, योगेश कुमार और वंदना दिसोदिया को वर्ष 2018 जबकि जयदीप कुमार एवं संवर्तक सिंह खंगवाल को वर्ष 2019 बैच वर्ष आवंटित किया गया है।
वर्ष 2014 से 2019 बैच वर्ष आवंटित होने के कारण उपरोक्त एचसीएस से आईएएस में नवनियुक्त प्रोमोटी अधिकारी हरियाणा के जिलों में उपायुक्त (डिप्टी कमिश्नर-डीसी) के पद, जो जिला प्रशासन का सर्वोपरि एवं प्रतिस्थिक पद होता है, पर तैनाती के योग्य बनते हैं एवं ऐसी प्रबल सम्भावना है कि उपरोक्त में से कई अधिकारी डीसी पद पर लगने के लिए लॉबिंग कर रहे हों। आईएएस बने अधिकारी तैनात हरियाणा के सभी जिलों में मौजूदा तैनात डीसी के आधिकारिक रिकॉर्ड का अध्ययन करने के बाद सामने आया कि वर्तमान में प्रदेश के कुल 22 जिलों में से केवल 5 में डीसी के पद पर एचसीएस से पदोन्नत होकर अथवा नॉन-एचसीएस कोटे से चयनित होकर आईएएस बने अधिकारी तैनात है।
वहीं प्रदेश के 17 जिलों में यूपीएससी की सीधी भर्ती में चयनित होकर आईएएस नियुक्त हुए एवं जिन्हें हरियाणा कैडर आबंटित हुआ, वह बतौर जिलों के डीसी तैनात हैं। हालांकि कुछ वर्ष पूर्व प्रदेश में एचसीएस से प्रमोट होकर आईएएसबने अधिकारियों का जिले के डीसी के पदों पर बोलबाला था जिस परिदृश्य में पिछले कुछ समय में बदलाव आया है। वर्तमान में प्रदेश के 4 जिलों-सोनीपत, महेंद्रगढ़, पानीपत और फतेहाबाद के डीसी पद पर तैनात अधिकारी एचसीएस से पदोनत्त होकर जबकि एक जिले पलवल में नॉन एचसीएस कोटे से चयनित होकर आईएएस बने अधिकारी बतौर डीसी है इन सभी को आईएएस में पदोन्नति के साथ ही हरियाणा कैडर अलॉट किया गया था।
सोनीपत में 2012 बैच के सुशील सारवान, महेंद्रगढ़ में 2012 बैच के मनोज कुमार-1, फतेहाबाद में 2013 बैच की मंदीप कौर एवं पानीपत में 2013 बैच के वीरेंद्र कुमार दहिया, जो चारों एचसीएस से प्रोमोट होकर आईएएस बने थे जबकि पलवल जिले 2016 बैच के हरीश कुमार वशिष्ठ, जो नॉन-एचसीएस कोटे से आईएएस बने थे, बतौर डीसी तैनात हैं।
वहीं प्रदेश के 17 जिलों-अम्बाला में 2012 बैच के अजय सिंह तोमर, यमुनानगर में 2013 बैच के पार्थ गुप्ता, गुरुग्राम में 2013 बैच के अजय कुमार, चरखी दादरी में 2014 बैच के मुनीश शर्मा, हिसार में 2014 बैच के अनीश यादव, फरीदाबाद में 2014 बैच के विक्रम, पंचकूला में 2014 बैच की मोनिका गुप्ता, जींद में 2015 बैच के मोहम्मद इमरान रजा, कैथल में 2015 बैच की प्रीति, करनाल में 2015 बैच के उत्तम सिंह, सिरसा में 2015 बैच के शांतनु शर्मा, रेवाड़ी में 2016 बैच के अभिषेक मीणा, कुरुक्षेत्र में 2017 बैच के विश्रम कुमार मीणा, झज्जर में 2017 बैच के स्वप्निल रविंद्र पाटिल, भिवानी में 2017 बैच के साहिल गुप्ता, रोहतक में 2018 बैच के सचिन गुप्ता एवं नूह में 2018 बैच के अखिल पिलानी बतौर डीसी/उपायुक्त तैनात हैं।
मामले को लेकर एक्सपर्ट हेमंत कुमार ने यह बताया कि हालांकि हरियाणा में कुछ वर्षों पहले तक आईएएस में सामान्यतः: 9 वर्ष से 16 वर्ष की सेवा वाले आईएएस अधिकारी को अर्थात जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड के आईएएस अधिकारियों को जिले का डीसी तैनात किया जाता था हालांकि गत हालिया वर्षों में 9 वर्षो से कम सेवा वाले आईएएस अधिकारियों को भी जिले का डीसी तैनात किया जाता रहा है। वर्तमान में 2018 बैच के दो आईएएस जबकि 2017 बैच के तीन आईएएस हरियाणा के अलग-अलग जिलों में बतौर जिला उपायुक्त तैनात हैं।
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