हरियाणा शहर स्वच्छता अभियान में शहर में मौजूद प्लॉट साफ-सुथरे हों, इसे लेकर करनाल नगर निगम आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने कहा कि जिन भी लोगों के शहर में खाली प्लॉट पड़े हैं, वह एक सप्ताह के अंदर-अंदर उनकी साफ-सफाई करवाना सुनिश्चित करें। अगर नागरिक प्लॉट की सफाई नहीं करवाते तो सम्बंधित प्लॉट धारक पर जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि शहर का दौरा करते समय प्राय: देखने में आया है कि कई जगहों पर खाली पड़े प्लॉटों में कूड़ा-करकट पड़ा रहता है।
कई प्लॉटों में पानी भी भरा रहता है, जिस कारण बीमारियों के फैलने की आशंका बनी रहती
इसके अतिरिक्त कई प्लॉटों में पानी भी भरा रहता है, जिस कारण बीमारियों के फैलने की आशंका बनी रहती है। इसके चलते आस-पड़ोस के नागरिक भी परेशान रहते हैं और वह नगर निगम कार्यालय में निरंतर इस तरह की शिकायतें लेकर आते हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगम लगातार सफाई अभियान चलाकर ऐसे प्लॉटों की सफाई भी करवाता रहता है, परंतु फिर भी कुछ लोग ऐसे प्लॉटों में कूड़ा गिरा देते हैं, जिससे शहर की स्वच्छता प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि नागरिक अपने-अपने प्लॉट की चारदीवारी या फैंसिंग इत्यादि करवाकर उन्हें कवर करना सुनिश्चित करें, ताकि कोई भी व्यक्ति उनमें कूड़ा-कर्कट न गिरा सके।
कार्रवाई अमल में लाई जाएगी और उसका चालान कर जुर्माना भी लगाया जाएगा
उन्होंने कहा कि सफाई शाखा की विभिन्न टीमें शहर के चारों जोन का निरीक्षण कर ऐसे प्लॉटों को चिन्हित करेगी, जिनमें कचरा या जलभराव है। अगर कहीं ऐसा पाया जाता है, तो सम्बंधित प्लॉट धारक के विरूद्घ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी और उसका चालान कर जुर्माना भी लगाया जाएगा। इसके अतिरिक्त उस प्लॉट की साफ-सफाई करवाने पर नगर निगम का जितना खर्चा आएगा, वह भी वसूल किया जाएगा।
राशि को सम्बंधित प्लॉट के सम्पत्ति कर में जोड़ दिया जाएगा
उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति जुर्माना राशि जमा नहीं करवाएगा, तो उस राशि को सम्बंधित प्लॉट के सम्पत्ति कर में जोड़ दिया जाएगा। इसके पश्चात प्लॉट धारक को नगर निगम से एन.डी.सी. यानि अदेय प्रमाण पत्र तभी मिलेगा, जब उसके द्वारा तमाम राशि जमा करवा दी जाएगी। निगमायुक्त ने शहरवासियों से अपील करते कहा कि शहर को साफ-सुथरा एवं स्वच्छ बनाना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है। नागरिकों का कर्तव्य है कि वह साफ-सफाई की भावना को बनाए रखें, क्योंकि बेहतर सफाई व्यवस्था से ही वातावरण स्वच्छ बनेगा।
related
'डोंट डिजायर बट डिजर्व इट’ : विज बोले - मैं 2014 में 'सीनियर मोस्ट' था और अब भी 'सीनियर मोस्ट' हूं... लेकिन मैंने कभी कुछ नहीं चाहा
पांच साल पुराने मर्डर केस में विज का सख़्त रुख : जांच CBI को सौंपने की सिफारिश, पुलिस कर्मचारी के खिलाफ FIR के आदेश