loader
The Haryana Story | कांग्रेस सांसद ने सरकार को दी चेतावनी, सड़कों पर उतर करेगी प्रदर्शन, ये है बड़ी वजह !!

कांग्रेस सांसद ने सरकार को दी चेतावनी, सड़कों पर उतर करेगी प्रदर्शन, ये है बड़ी वजह !!

सांसद सैलजा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तुरंत ठोस कदम नहीं उठाए तो कांग्रेस किसानों के साथ मिलकर सड़कों पर उतरेगी और उनके हक की लड़ाई लड़ेगी

सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि हरियाणा में भाजपा सरकार की नाकामी का खामियाजा एक बार फिर मेहनतकश किसानों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 12.79 लाख किसानों ने 73.48 लाख एकड़ धान का पंजीकरण कराया है, लेकिन इनमें से लगभग 30 प्रतिशत किसानों का डेटा पोर्टल पर अब तक मिलान ही नहीं हो पाया। नतीजतन, किसानों को अपनी उपज बेचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सांसद ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तुरंत ठोस कदम नहीं उठाए तो कांग्रेस किसानों के साथ मिलकर सड़कों पर उतरेगी और उनके हक की लड़ाई लड़ेगी।

बारिश से भीगा हुआ धान मंडियों में पड़ा सड़ रहा

मीडिया को जारी बयान में सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि बारिश से भीगा हुआ धान मंडियों में पड़ा सड़ रहा है और उसकी बोली तक नहीं लग रही। किसानों को जबरन अतिरिक्त कटौती झेलनी पड़ रही है। नाम के सत्यापन के नाम पर उनसे 150 से 250 रुपये तक काटे जा रहे हैं और तभी खरीद हो रही है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति किसानों के साथ सरासर अन्याय है और भाजपा सरकार की लापरवाही व अव्यवस्थित खरीद प्रणाली का जीता-जागता प्रमाण है। सांसद ने कहा कि किसान खेतों में खून-पसीना बहाकर अन्न पैदा करते हैं, लेकिन उनकी मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। 

किसानों को अवैध कटौती से राहत दी जाए

लाखों टन धान मंडियों में खराब हो रहा है और सरकार केवल पोर्टल और कागजी कार्यवाही तक सीमित रह गई है। सरकार की संवेदनहीनता के कारण आज किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। सांसद कुमारी सैलजा ने मांग की कि मंडियों में तुरंत प्रभाव से गीले धान की खरीद सुनिश्चित की जाए, किसानों को अवैध कटौती से राहत दी जाए और पंजीकृत किसानों की खरीद में आ रही पोर्टल की तकनीकी खामियों को दूर किया जाए। साथ ही मंडियों में धान की सुरक्षा और भंडारण की ठोस व्यवस्था की जाए। 

किसानों की मांगें स्पष्ट और जायज़

हरियाणा में धान उत्पादक किसानों को कई समस्याओं और मुद्दों का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें फसल का उचित मूल्य न मिलना, सरकारी खरीद में देरी, डिजिटल तराजू और गेट पास जैसी सुविधाओं का अभाव, और प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाला फसल नुकसान शामिल है। किसानों द्वारा इन समस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किए जा रहे है और अधिकारी तथा सरकार से त्वरित समाधान की मांग कर रहे है है पर उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। किसानों की मांगें स्पष्ट और जायज़ हैं कि उन्हें उनकी फसल का सही दाम और सही वजन मिलना चाहिए। सांसद ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तुरंत ठोस कदम नहीं उठाए तो कांग्रेस किसानों के साथ मिलकर सडक़ों पर उतरेगी और उनके हक़ की लड़ाई लड़ेगी।

Join The Conversation Opens in a new tab
×