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The Haryana Story | प्रदेश में डेंगू की जांच के लिए अब तक 65,707 सैंपल लिए :1,041 मामले पॉजिटिव, सरकारी अस्पतालों में मुफ्त प्लेटलेट्स सुविधा उपलब्ध

प्रदेश में डेंगू की जांच के लिए अब तक 65,707 सैंपल लिए :1,041 मामले पॉजिटिव, सरकारी अस्पतालों में मुफ्त प्लेटलेट्स सुविधा उपलब्ध

स्वास्थ्य मंत्री बोलीं - डेंगू की जांच के लिए लगातार परीक्षण किए जा रहे हैं, सरकारी अस्पतालों में फ्री जांच की जा रही

हरियाणा के लोगों के लिए राज्य के सरकारी अस्पतालों में मुफ्त प्लेटलेट्स (सिंगल डोनर प्लेटलेट्स) की सुविधा उपलब्ध है और जरूरत पड़ने पर सरकार निजी ब्लड बैंक से भी मुहैया करवाएगी। प्रदेश में डेंगू की स्थिति नियंत्रण में है, सरकार लगातार निगरानी कर रही है। उक्त बातें हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कही,  वे चंडीगढ़ में अपने सरकारी आवास पर मीडिया से रू-ब-रू हो रही थीं। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक डेंगू की जांच के लिए 65,707 सैंपल लिए जा चुके हैं जिनमें 1,041 मामलों की पुष्टि हुई है। डेंगू से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि डेंगू की जांच के लिए लगातार परीक्षण किए जा रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में फ्री जांच की जा रही है, जबकि प्राइवेट अस्पतालों के लिए भी मात्र 600 रुपए की फीस निर्धारित की गई है।

1.73 लाख घरों में डेंगू का लारवा मिला

ब्लॉक स्तर पर (सीएचसी/पीएचसी) भी ब्लड सैंपलिंग शुरू की हुई है। इसके लिए 27 टेस्टिंग लैब्स सक्रिय हैं। किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए सरकारी अस्पतालों में 255 वार्ड और 1091 बेड डेंगू रोगियों के लिए आरक्षित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि डेंगू फैलने के मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक 3.17 करोड़ घरों का सर्वेक्षण किया गया जिनमें से 1.73 लाख घरों में डेंगू का लारवा मिला और तुरंत उसको नष्ट कर दिया गया। जिन घरों में बार-बार लारवा पाया गया है। विभाग द्वारा उन घरों को नोटिस भी जारी किया गया है। अब तक 87,143 घरों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि डेंगू से बचाव के लिए राज्य में अब तक 7,874 स्थानों पर फॉगिंग की गई है। इसके साथ ही राज्य, जिला और स्थानीय स्तर पर बैठक करके सभी विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। 

सरकार जल्द ही 28 मोबाइल फूट सेफ्टी टेस्टिंग वैन की खरीद करेगी

फॉगिंग कार्य नगर निकाय व पंचायत विभाग द्वारा नियमित किया जा रहा है। आरती सिंह राव ने भी प्रदेश के लोगों से अपील की है कि वे अपने आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर, टंकी, गमले आदि साफ रखें। उन्होंने यह भी कहा कि बुखार या डेंगू के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं, खुद से दवा न लें। उन्होंने बताया कि सरकार जल्द ही 28 मोबाइल फूट सेफ्टी टेस्टिंग वैन की खरीद करेगी। इनसे एनसीआर में पड़ने वाले हरियाणा के 14 जिलों में नकली खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वालों पर पैनी नजर रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि त्योहारों का सीजन देखते हुए प्रदेश सरकार लगातार मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान चला रही है। जगह-जगह सैंपल लिए जा रहे हैं।

खाद्य पदार्थों की जांच के लिए 2 लैब हैं जिनको 14 दिन के अंदर रिपोर्ट देनी सुनिश्चित की

अक्टूबर, 2024 से लेकर अब तक खाद्य पदार्थों के 3,682 सैंपल लिए गए है जिनमें से 606 सैंपल फेल हुए हैं। जो सैंपल फेल हुए हैं, उनके खिलाफ एडीसी- कम-एडजुडिकेटिंग-ऑफिसर की कोर्ट में केस दायर किए गए हैं। अब तक खराब खाद्य सामग्री बेचने वालों पर 1 करोड़ 10 लाख 56 हजार का जुर्माना भी किया जा चुका है। इसके साथ ही दूसरे राज्यों से हरियाणा में खराब खाद्य सामग्री न पहुंच पाए, इसके लिए फूड एंड सेफ्टी अधिकारियों को जांच करने के निर्देश दिए हुए हैं। 

उन्होंने बताया कि खाद्य पदार्थों की जांच के लिए 2 लैब हैं जिनको 14 दिन के अंदर रिपोर्ट देनी सुनिश्चित की है। उन्होंने लैब्स की संख्या कम मानते हुए कहा कि बहुत जल्द और भी लैब स्थापित करवाएंगे, इसके लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा गया है जिसमें 5 एफएसएसएआई लैब और 3 एनसीआरपीबी लैब स्थापित करने की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सेवा पखवाड़ा मनाया गया जिसमें स्वास्थ्य विभाग द्वारा 28 हजार कैंप लगाए गए और इनमें करीब 28 लाख लोगों की जांच की गई। 

दवाओं और कंज्यूमेबल आइटम्स समेत 241 वस्तुओं को खरीदने के लिए रेट तय किए

सरकारी अस्पतालों के अलावा भी अन्य अस्पतालों द्वारा 1 लाख 27 हजार लोगों की जांच की गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने एक अन्य सवाल के जवाब में बताया कि विभाग ने दवाओं और कंज्यूमेबल आइटम्स समेत 241 वस्तुओं को खरीदने के लिए रेट तय किए हैं। इन पर 419 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसी प्रकार, 28 चिकित्सा उपकरण खरीदने के लिए 134 करोड़ रुपए के रेट का कांट्रैक्ट हुआ है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में अक्टूबर, 2024 से लेकर अब तक 103 करोड़ रुपए के 590 ऑनलाइन परचेज आर्डर किए गए हैं। इनमें लाइफ सेविंग मेडिसिन, एंटी बायोटिक मेडिसिन एंड इंजेक्शन आदि शामिल हैं। इसके साथ ही 56 करोड़ की लागत के चिकित्सा उपकरण के परचेज आर्डर भी जारी किए जा चुके हैं। 

74 एक्स-रे मशीनें जल्द ही खरीदी जाएंगी

आरती सिंह राव ने जानकारी दी कि जल्द ही पीपीपी मोड पर बहादुरगढ़, चरखी- दादरी, नारनौल और फतेहाबाद में सीटी स्कैन मशीन लगाई जाएंगी। इसी प्रकार, पीपीपी मोड पर ही कुरुक्षेत्र, पानीपत, नारनौल, फतेहाबाद, बहादुरगढ़, पलवल, यमुनानगर, सोनीपत, सिरसा, कैथल में एमआरआई मशीनें जल्द ही लगाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि विभाग ने 14 एक्स-रे मशीन खरीदने के आर्डर दे दिए हैं और इनके बाद अन्य 74 एक्स-रे मशीनें जल्द ही खरीदी जाएंगी।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के तौर पर की जा रही जनसेवा के 25 साल पूरे होने पर बधाई दी और कहा कि मोदी के नेतृत्व में देश लगातार प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि 17 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोनीपत में करोड़ों रुपए की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे जिससे हरियाणा में विकास को नई दिशा और गति मिलेगी।

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