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The Haryana Story | धान घोटाले पर हुड्डा का बड़ा बयान – बड़े लोग शामिल, छोटे बने बलि का बकरा

धान घोटाले पर हुड्डा का बड़ा बयान – बड़े लोग शामिल, छोटे बने बलि का बकरा

हुड्डा बोले - हरियाणा में धान घोटाले की एसआईटी को करनी चाहिए जांच, हुडा ने हरियाणा को बताया सबसे असुरक्षित राज्य, अभय चौटाला पर मजाकिया लिहाजा में किया कटाक्ष

पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा रविवार को हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आडती एसोसिएशन के पूर्व चेयरमैन रजनीश चौधरी की दुकान पर नई अनाज मंडी में पहुंचे । जहां पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने एक अहम प्रैस वार्ता की। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि मैं पहले भी करनाल आया था और भी कई जगह पर गया था किसानों से शिकायत मिल रही है कि उनको साल का न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा है। किसानों ने बताया था कि एक-एक क्विंटल धान पर 600 से ₹700 कम रेट पर किसानों को अपनी फसल बेचनी पड़ रही है। मीडिया में खबरें चल रही है कि यहां पर धान में बहुत बड़ा घोटाला हुआ है।

उन्होंने कहा कि इस बार बरसात की वजह से किसानों को फसल उत्पादन में काफी नुकसान हुआ है ,पोर्टल पर कम दिखाई गया है, लेकिन फिर भी धान अधिक मात्रा में अनाज मंडी में पहुंचा है। किसी सेलर वाले पर कैस कर देते हैं किसी को छोड़ देते हैं यह स्थिति हरियाणा और करनाल में है। उन्होंने कहा कि है केवल धान की फसल में ही नहीं बाजरे की फसल में भी हुआ है और ना ही केवल है करनाल की बात नहीं पूरे हरियाणा में इस प्रकार के घोटाले हुए हैं। इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए और इसके ऊपर तुरंत एक्शन लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह एक लूट है और सैकड़ो करोड़ों रुपए का घोटाला है। आज मैं करनाल में पहुंचा हूं जहां पर कमीशन एजेंट और किसानों से बातचीत करूंगा कि उनको न्यूनतम समर्थन मूल्य क्यों नहीं मिल रहा यह मेरी समझ से बाहर है।

कागजों में पूरा रेट दिखाया जाता है लेकिन किसान को कट लगा कर दिया जाता है। उत्तर प्रदेश से जो धान आता है उसको भी 15 दिन से बंद किया हुआ है इससे राजस्व कई नुकसान हो रहा है। जब उनसे सवाल किया गया कि किसानों का आरोप है कि उनसे कम भाव में फसल खरीदी है और इसका फायदा दूसरों को पहुंचाया गया है । उन्होंने कहा कि किसानों को पोर्टल में उलझा कर रखा हुआ है कहीं गेट पास तो कहीं पोर्टल और उसमें ही वह घोटाला कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश की फसल पर उन्होंने कहा कि हमारे समय में भी किसान फसल लेकर आता था लेकिन अपने हरियाणा के किसानों को पूरा रेट देकर वहां की धान खरीदी जाए तो कोई समस्या नहीं है।

जब मुझसे सवाल किया गया कि सरकार का कहना है कि पूरे मूल्य से भी ज्यादा में उनकी फसल खरीदी गई है इस पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि मुझे तो कोई ऐसा किस नहीं मिला सभी में कट लगाया गया है पूरा मूल्य भी नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि धान घोटाला एक बड़ा घोटाला है इसकी एसआईटी बनानी चाहिए और किसी जज से इसकी जांच करवानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले भी इस प्रकार का एक घोटाला हुआ था उसकी एसआईटी बनाई गई थी लेकिन उसकी रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। उन्होंने कहा कि इस घोटाले में छोटे स्तर के कर्मचारी अधिकारी दोषी नहीं है बड़े लोग इसमें शामिल है। छोटे अधिकारियों को बालि का बकरा बनाया जाता है। उन्होंने कहा जो घोटाले होते हैं इसकी जिम्मेवारी सरकार की होती है। नीचे से ऊपर तक सबकी जिम्मेवारी होती है चाहे वह कोई स्थानीय नेता है या बड़ा नेता है।

हरियाणा में नरेंद्र मोदी के दौरे को लेकर जब उन से सवाल किया जाए कि सरकार की 1 साल की क्या उपलब्धि देखते हैं तो उन्होंने कहा कि बेरोजगारी में नंबर एक पर हरियाणा है। केंद्रीय मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार क्राइम में सबसे ऊपर हरियाणा है और सबसे असुरक्षित राज्यों में सबसे निचले स्तर पर है। उन्होंने कहा कि दो प्रकार के अपराध होते हैं एक ऑर्गेनाइज होता है एक एन ऑर्गेनाइजेशन होता है। किसी भाई-भाई का झगड़ा होना को एक्सीडेंट होना यह एन ऑर्गेनाइज्ड में आता है। ऑर्गेनाइजर वह होता है जो गैंग के द्वारा किया जाता है फिरौती मांगी जाती है। मर्डर करने की धमकी दी जाती है बैंक के सामने फायरिंग की जाती है। हरियाणा में 60 ऐसी गैंग काम कर रही है और हरियाणा में आज हर कोई अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहा है।

विदेश से डीपोर्ट हुए बच्चों के ऊपर उन्होंने कहा की मजबूरी में बच्चे अपनी जमीन बेचकर विदेश में जा रहे हैं क्योंकि यहां पर बेरोजगारी बढ़ रही है। अगर यहां रोजगार हो तो कोई नहीं जाएगा। बिहार चुनाव के दौरान आचार संहिता में मर्डर हुआ है उसे पर उन्होंने कहा कि उसकी जांच होनी चाहिए कि क्यों ऐसा हुआ है। लक्ष्मी लाडो योजना शुरू करने पर उन्होंने कहा कि उनका मेनिफेस्टो देखना चाहिए था जिसमें 18 साल से ऊपर सभी महिलाओं को उन्होंने 2100 रुपए इस योजना के तहत देने की बात कही थी। तो रजिस्ट्रेशन कम हुआ है कम को इसका लाभमिला है। चुनाव के समय बीपीएल कार्ड ज्यादा बना दिए गए थे वह भी काट दिए गए हैं।

बीपीएल परिवार वालों की सालाना आय 180000 होती है लेकिन इसको भी उन्होंने काम करके ₹100000 कर दिया है। पैमाना ऐसा बनाया जा रहा है कि कुछ भी देना ना पड़े। किसानों को भी ₹3100 धान देने का वादा किया गया था लेकिन अब उनकी सरकार के द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर भी खरीद नहीं की जा रही। अनुशासन समिति बनाने पर उन्होंने कहा कि पार्टी में अनुशासन तो होना ही चाहिए। जब उनसे सवाल किया गया की अभय चौटाला प्रदेश की बात काम करते हैं भूपेंद्र हुड्डा की ज्यादा करते हैं तो उन्होंने मजाकिया लिहाजा में कहा कि अगर भैंस भी दूध नाट जाए तब भी भूपेंद्र सिंह हुड्डा जिम्मेवार है।

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