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The Haryana Story | कांग्रेसी दिग्गज प्रो. संपत सिंह ने अनदेखी के आरोप लगाते हुए पार्टी को कहा अलविदा

कांग्रेसी दिग्गज प्रो. संपत सिंह ने अनदेखी के आरोप लगाते हुए पार्टी को कहा अलविदा

दो कार्यकाल तक कैबिनेट मंत्री और एक कार्यकाल तक नेता प्रतिपक्ष के रूप में कार्य करने वाले कांग्रेसी दिग्गज प्रो. संपत सिंह ने रविवार को अनदेखी के आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी

दो कार्यकाल तक कैबिनेट मंत्री और एक कार्यकाल तक नेता प्रतिपक्ष के रूप में कार्य करने वाले कांग्रेसी दिग्गज प्रो. संपत सिंह ने रविवार को अनदेखी के आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, नेता प्रतिपक्ष, लोकसभा, केसी वेणुगोपाल, महासचिव (संगठन), बी.के. हरिप्रसाद, महासचिव (प्रभारी हरियाणा) और राव नरेंद्र, अध्यक्ष, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस समिति को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि पार्टी में लगातार उनकी अनदेखी हुई और 2024 का हरियाणा विधानसभा चुनाव कांग्रेस के लिए अध्ययन का विषय होना चाहिए। 

भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर अप्रत्यक्ष रूप से हमला

लगभग हर सर्वे, मीडिया रिपोर्ट और आकलन में कांग्रेस की जीत की भविष्यवाणी थी, परंतु परिणाम इसके विपरीत रहे। जो उन सभी के लिए आश्चर्यजनक नहीं था जो संगठन के भीतर लगातार हो रही कमजोरी से परिचित थे। उन्होंने भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर अप्रत्यक्ष रूप से हमला बोलते हुए पत्र में लिखा कि 2020 में राज्यसभा की रिक्त सीट पर अनुसूचित जाति या पिछड़ा वर्ग के योग्य सदस्य को आगे बढ़ाने के बजाय, नेता के पुत्र को नामित किया गया क जिससे राष्ट्रीय पार्टी एक पारिवारिक उपक्रम बन गई। प्रदेश नेतृत्व के चलते कई कांग्रेसी दिग्गजों को पार्टी छोड़नी पड़ी भजनलाल जो पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, तीन बार मुख्यमंत्री, तीन बार लोकसभा सांसद, एक बार राज्यसभा सांसद, और केंद्रीय मंत्री रहे, को अपमानित कर पार्टी छोड़ने पर मजबूर किया गया और परिणाम विनाशकारी रहे।

ये दिग्गज छोड़ चुके हैं पार्टी

राव इंद्रजीत सिंह जो चार बार विधायक, छह बार सांसद, एक समय कांग्रेस के मजबूत स्तंभ, को भी निरंतर अपमान के कारण पार्टी छोड़नी पड़ी। आज वे केंद्र सरकार में मंत्री हैं। कुलदीप बिश्नोई जो चार बार विधायक, दो बार सांसद रहे, को बार- बार उपेक्षित किए जाने के चलते उन्होंने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी। धरमबीर सिंह जो चार बार विधायक, तीन बार सांसद रहे को भी गुटबाजी के कारण कांग्रेस छोड़नी पड़ी और वो आज भाजपा से सांसद हैं। बीरेंद्र सिंह जो पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, पांच बार विधायक, तीन बार सांसद रहे, को निष्ठावान कांग्रेसी होने के बावजूद भी उन्हें अपमानित कर बाहर किया गया। इसी तरह डॉ-अशोक तंवर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, एक बार सांसद-शारीरिक हमले और अपमान के बाद पार्टी छोड़नी पड़ी।

साथ ही डॉ. अरविंद शर्मा जो चार बार सांसद, एक बार विधायक रहे, को उपेक्षा का शिकार होने के चलते पार्टी छोड़नी पड़ी और भाजपा सरकार में वो आज हरियाणा भाजपा सरकार में मंत्री हैं। इसी प्रकार अवतार भड़ाना जो चार बार सांसद रहे, को हाशिये पर डाल दिए गए और आज उत्तर प्रदेश में विधायक हैं। आगे उन्होंने पत्र में लिखा है कि 2019 से लेकर 2024 के बीच कांग्रेस का अंतिम विघटन रहा जिस दौरान भिवानी से दो बार सांसद रही और वर्तमान भाजपा सरकार में कैबिनेट मिनिस्टर श्रुति चौधरी को भी पार्टी छोड़नी पड़ी।

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