करनाल में हुए धान घोटाला को लेकर करनाल के लघु सचिवालय में मंगलवार को इनेलो ने किसानों के समर्थन में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि धान खरीद में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं और किसान लगातार परेशान हो रहे हैं। सरकार की लापरवाही के कारण किसान को फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा। मंडी में कई कई दिन तक धान खराब और सड़ने की कगार पर पड़ी रहती है। आखिर में किसानों को मजबूरी में अपनी फसल सस्ते दामों में बेचनी पड़ती है। बाद में वही धान महंगे दाम पर सरकारी खरीद में दिखाई जाती है। किसानों को खातों में पैसे डलते हैं, फिर किसी न किसी कारण उनसे पैसे वापस ले लिए जाते हैं। इससे किसानों का भरोसा टूट रहा है।
पोर्टल पर एक लाख क्विंटल धान की ज्यादा एंट्री दिखा दी गई
इनेलो नेता सुरजीत पहलवान ने कहा कि पूरी प्रक्रिया में घपलेबाजी हुई है। धान घोटाले को छिपाने के लिए कुछ लोगों पर कार्रवाई कर खानापूर्ति कर दी गई। उनका कहना है कि हरियाणा में इस बार पैदावार कम हुई है, लेकिन पोर्टल पर एक लाख क्विंटल धान की ज्यादा एंट्री दिखा दी गई। सवाल उठता है कि यह धान आया कहां से? यमुना किनारे के खाली खेतों को भी पोर्टल पर दिखाकर धान चढ़ा दिया गया और जमकर कमाई की गई।इनेलो नेताओं ने कांग्रेस और बीजेपी पर एक साथ मिलीभगत कर घोटाले को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया और कहा कि दोनों पार्टियों का रवैया किसानों के खिलाफ है।
हजारों करोड़ रुपए का फर्जीवाड़ा हो चुका है, लेकिन गंभीर कार्रवाई नहीं हो रही
इनेलो नेता ने बताया कि वह व्यापारी हैं और उनके पास भी राइस मिल है। उन्होंने किसी को किराये पर मिल दी थी। उस व्यक्ति ने सीएमआर का काम किया और करीब 7-8 करोड़ का घोटाला कर फरार हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई मिल मालिक पर कर दी गई, जबकि असली घोटाला करने वाले अब भी बाहर घूम रहे हैं। इससे साफ है कि जांच केवल दिखावटी है। उनका कहना है कि बिहार और बंगाल से खराब चावल लाकर कागजों में अच्छा चावल दिखाया जा रहा है और सरकार को दिया जा रहा है। हजारों करोड़ रुपए का फर्जीवाड़ा हो चुका है, लेकिन गंभीर कार्रवाई नहीं हो रही।
यह घोटाला पिछले साल भी हुआ था और इस बार भी फिर दोहराया गया
उन्होंने कहा कि यह घोटाला पिछले साल भी हुआ था और इस बार भी फिर दोहराया गया। मुख्यमंत्री के पास शिकायतें पहुंचने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर मांग की कि इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए और घोटाले में शामिल हर अधिकारी व राइस मिलर पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
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