पुलिस महानिदेशक हरियाणा ओ.पी. सिंह IPS के निर्देशानुसार अपराधियों के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन ट्रेक डाउन के तहत पानीपत पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह IPS के मार्गदर्शन में जिला पुलिस की क्राइम युनिट ने कार्रवाई करते हुए जानलेवा हमला करने के तीन आरोपियों को बीती देर रात मुठभेड़ के बाद भारी मात्रा में अवैध हथियारों सहित काबू करने में कामयाबी हासिल की है। मुठभेड़ में बचाव करते हुए पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो आरोपियों के पैर में गोली लगी है। दोनों को उपचार के लिए पीजीआई रोहतक में भर्ती कराया गया।
बीती रात पुलिस टीम को विशेष इनपुट मिला था
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने शनिवार को कैंप ऑफिस में मामले की जानकारी देते हुए बताया कि आप्रेशन ट्रेक डाउन के तहत उनके द्वारा सीआईए वन प्रभारी इंस्पेक्टर विजय की टीम को उक्त वारदात के आरोपियों की धरपकड़ के निर्देश दिए गए थे। पुलिस टीम द्वारा आरोपियों की धरपकड़ के पुरजोर प्रयास किये जा रहे थे। बीती रात पुलिस टीम को विशेष इनपुट मिला था कि उक्त वारदात को अंजाम देने में शामिल तीन आरोपी बगैर नंबर की एक सप्लेंडर बाइक पर जीन्द से लिंक रास्तों जवाहरा, शाहपुर से होते हुए पानीपत में आ रहे है। इनपुट को पुख्ता मानते हुए सीआईए वन टीम ने तुरंत शाहपुर में जवाहरा मोड़ पर नाकाबंदी शुरू कर दी।
पुलिस ने बचाव में जवाबी कार्रवाई करते हुए फायर किए
कुछ देर पश्चात टीम को जवाहरा की और से एक बाइक आते हुए दिखाई दी। पुलिस टीम ने रूकने का इशारा किया तो आरोपियों ने टीम पर फायर कर बाइक को मोड़ कर परढाना रोड पर दोड़ा लिया। पुलिस टीम ने बचाव करते हुए तत्परता से कार्रवाई करते हुए आरोपियों का पीछा किया। आरोपियों ने दौबारा से पुलिस टीम पर फायरिंग की। पुलिस ने बचाव में जवाबी कार्रवाई करते हुए फायर किए। इसमें तीनों आरोपी बाइक सहित रोड़ किनारे गिरे, दो के पैर में गोली लगी। आरोपियों के गिरते ही पुलिस ने तीनों को दबोच लिया। मौके पर आरोपियों के कब्जे से 3 देसी पिस्तौल व 6 जिंदा रौंद बरामद हुए है। आरोपियों ने पुलिस टीम पर 4 रौंद फायर किए, पुलिस की तरफ से भी बचाव व कार्रवाई में 4 रौंद फायर हुए।
दोनों को पुलिस निगरानी में इलाज के लिए पीजीआई रोहतक में भर्ती कराया
काबू किए आरोपियों की पहचान विकास नगर निवासी नवदीप व संदीप और जीन्द के रामयाय गांव निवासी दीपक के रूप में हुई है। आरोपी नवदीप व संदीप के पैर में एक-एक गोली लगी है। दोनों को पुलिस निगरानी में इलाज के लिए पीजीआई रोहतक में भर्ती कराया गया है। थाना इसराना में बीएनएस की धारा (109), 132, 221, 3(5) व आर्म्स एक्ट के तहत अभियोग दर्ज कर पुलिस ने शनिवार को आरोपी दीपक को माननीय न्यायालय में पेश किया जहा से उसे पुलिस रिमांड पर लिया। पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने अपराधियों के पुन: कड़ी चेतावनी दी है कि जिला में अपराध व अपराधियों को किसी भी रूप में सहन नहीं किया जाएगा। पानीपत पुलिस द्वारा अपराधियों को अब उन्हीं के व्यवहार में जवाब दिया जाएगा।
गोली चलाई तो...जबाव में गोली ही मिलेगी
अपराधी सरेंडर करता है तो मानवाधिकार नियमों का ख्याल रखा जाएगा, गोली चलाई तो जबाव में गोली ही मिलेगी। आरोपियों से जानलेवा हमले की वारदात का खुलासा; पूछताछ में आरोपियों ने फरार अपने तीन साथी आरोपियों विकास नगर निवासी संजीव व दो अन्य साथी आरोपियों के साथ मिलकर विकास नगर में एक घर पर फायरिंग कर जानलेवा हमला करने की वारदात को अंजाम देने बारे स्वीकारा। आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया विकास नगर में सुमित नाम के युवक के मकान में राजवंती किराए पर रह रही है। वारदात में शामिल फरार उनके साथी आरोपी संजीव ने सुमित से यह मकान खरीदा हुआ है। कब्जा ना मिलने पर संजीव का सुमित के साथ विवाद चल रहा था।
रात करीब 1 बजे दरवाजे पर पटाखे जैसी अवाज सुनाई दी
इसी रंजिश में संजीव के साथ मिलकर तीनों आरोपियों ने फरार दो अन्य साथी आरोपियों के साथ मिलकर 13 अक्तूबर की रात घर पर फायरिंग करने की उक्त वारदात को अंजाम दिया। वारदात बारे थाना औद्यागिक सेक्टर 29 में विकास नगर निवासी राजवंती पत्नी सुरेश की शिकायत पर अभियोग दर्ज है। राजवंती ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 13 अक्तूबर की रात घर पर वह और उसका बेटा सन्नी व भतीजा हिमांशु कमरे में सो रहे थे। राजवंती ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 13 अक्तूबर की रात घर पर वह और उसका बेटा सन्नी व भतीजा हिमांशु कमरे में सो रहे थे। रात करीब 1 बजे दरवाजे पर पटाखे जैसी अवाज सुनाई दी। उसने उठकर देखा गेट के बाहर कॉलोनी निवासी संजीव पुत्र बाररूराम गाली गलौच कर रहा था।
पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी थी
यह देख उसने दरवाजा नहीं खोला। आरोपी बाहर से दरवाजा तोड़ने लगा और गोली चलने की आवाज आई। आरोपी साथ ही उसे जांन से मारने की धमकी दे रहे थे। उसने डॉयल 112 पर फोन कर पुलिस को इसकी सूचना दी। शौर बंद होने पर बाहर निकल कर देखा 5 आरोपी भागते हुए दिखाई दिए। दरवाजे में गोली के निशान थे और पास में खोल पड़े थे। दूसरे कमरे की अलमारी खुली थी। चेक करने पर 3 लाख रूपए, सोने की एक चेन व चांदी की पाजेब नहीं मिली। आरोपी संजीव ने उसे जांन से मारने के लिए अपने साथी आरोपियों के साथ मिलकर उक्त वारदात को अंजाम दिया है। थाना औद्योगिक सेक्टर 29 में राजवंती की शिकायत पर अभियोग दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी थी।
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