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The Haryana Story | समालखा विधायक मनमोहन भड़ाना के खिलाफ कांग्रेसी नेता के द्वारा की गई टिप्पणी के विरोध में विशाल पंचायत का आयोजन

समालखा विधायक मनमोहन भड़ाना के खिलाफ कांग्रेसी नेता के द्वारा की गई टिप्पणी के विरोध में विशाल पंचायत का आयोजन

गांव वासियों ने गांव में करोड़ों रुपए की लागत से विकास कार्य होने के अलावा अन्य गांव में भी विकास कार्यों का चिठ्ठा पंचायत के सामने खोलकर दिया कांग्रेसी नेता को जवाब

एक कांग्रेसी नेता के द्वारा विधायक मनमोहन भड़ाना पर समालखा हलके के गांव के नाम न जानने और विकास कार्य न करवाने का आरोप लगाने के विरोध में हथवाला गांव में एक विशाल पंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें कई सौ की संख्या में लोगों ने भाग लिया और कांग्रेसी नेता के आरोपी का एक-एक करके बारी-बारी जवाब दिया। इस विशाल पंचायत में रामदिया त्यागी, पवन त्यागी, दीपक त्यागी, रिंकू त्यागी, रविदत, अनिल त्यागी, ओम दत्त, रघुवीर सैनी, श्रीनिवास जोगी, अभिमन्यु शर्मा व अमरीश के अलावा काफी संख्या में गांव के 36 बिरादरी के लोगों ने भाग लिया और उन्होंने एक-एक करके अपने बयान दिए और कांग्रेसी नेता को उनके द्वारा विधायक के प्रति किए गए सवालों के जवाब दिए।

यह विपक्ष के लोगों को हजम नहीं हो रहा

इसमें रामदिया त्यागी ने कहा कि कांग्रेसी नेता के द्वारा विधायक मनमोहन भड़ाना पर आरोप लगाया कि समालखा हलके का विधायक मनमोहन भड़ाना समालखा हलके के 84 गांव के गांव के नाम नहीं जानते तो वह समालखा हलके में विकास कैसे करवाएंगे के जवाब देते हुए रामदिया त्यागी ने कहा कि मनमोहन भड़ाना ने विधायक बनने के मात्र एक वर्ष में इतने काम करवाए हैं कि इतने काम तो इससे पहले बनने वाले किसी भी विधायक ने अपने-अपने 5 सालों में भी नहीं करवाए। उन्होंने कहा कि मनमोहन भड़ाना पर टिप्पणी करने वाले व्यक्ति यह समझे कि अब तो उन्होंने एक साल ही हुआ है, एक साल में उन्होंने कितने करोड रुपए के काम करवाए हैं, जिसमें सड़के, गांव के विकास के अन्य कार्य व गांव की गालियां और अन्य ऐसे कार्य हैं जो उन्होंने करवा दिए हैं। रामदिया ने कहा कि यह विपक्ष के लोगों को हजम नहीं हो रहा- विधायक इतने काम क्यों करवा रहे हैं।

पहले के विधायक और अब के विधायकों में अंतर 

पवन त्यागी ने बताया कि पहले के विधायक और अब के विधायकों में क्या अंतर है, यह समालखा हलके की जनता ने देख लिया है, क्योंकि पहले के विधायक समालखा से इसलिए विधायक बनते थे कि वह विधायक की आड़ में अपने काम धंधे चला सके और इसका जीता जागता उदाहरण आपके सामने हैं, क्योंकि उन्होंने किस तरह से लोगों के पैसे लेकर उनको फ्लैट नहीं दिए और वह आज कहां पर हैं यह समालखा के हलके की जनता अच्छी तरह जानती है। उन्होंने कहा कि पहले के विधायक और अब के विधायकों में अंतर बताएं तो साफ नजर आएगा, क्योंकि पहले के विधायक समालखा हलके की जनता की वोट लेकर विधायक बनकर अपने काम धंधे चलाते थे, लेकिन अबका विधायक बाहर से काम करके समालखा हलके में जनता के विकास कार्यों को करवाने के लिए भी अपनी निजी कमाई से पैसे दे देते हैं। 

क्या वह यही चाहते हैं कि यहां से विधायक बनकर लूट मचाने का काम करें

इसका जीता जागता उदाहरण उपमंडल के सिंबलगढ़ गांव की पंचायत है, क्योंकि सिंबलगढ़ गांव की जनता ने चुनाव के दौरान उन्हें कहा था कि गांव में कोई भी जोहड़ नहीं है, जिससे पशुओं को पानी पिलाने में बड़ी भारी परेशानी होती है, पवन ने कहा कि मनमोहन भड़ाना ने उस समय जनता से वायदा किया था कि अगर वह विधायक बने तो उनके गांव में जोहड़ देने का काम करेंगे और उन्होंने विधायक बनने के बाद अपने निजी कमाई से गांव में जमीन खरीद कर गांव वासियों को जोहड़ देने का काम किया तो विपक्ष के कांग्रेसी नेता और क्या चाहते हैं, क्या वह यही चाहते हैं कि यहां से विधायक बनकर लूट मचाने का काम करें, कुल मिलाकर पवन ने कहा कि कांग्रेस नेता संयम रखें, क्योंकि संयम रखेंगे तो उनको 4 साल के अंदर जो भी काम आगे होंगे और 5 साल के कार्यकाल का लेखा-जोखा 5 साल के बाद प्रस्तुत नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि उनके द्वारा करवाए गए विकास कार्य बोलेंगे।

अब मैं कांग्रेस पार्टी को छोड़कर मनमोहन भड़ाना के साथ हूं

पंचायत में आए हुए ब्लॉक समिति के पूर्व चेयरमैन दीपक त्यागी ने कहा कि मैं विधानसभा चुनाव के दौरान मनमोहन भड़ाना के साथ नहीं था, और मैंने मनमोहन भड़ाना के खिलाफ वोट डालने का काम किया, यानी मैंने अपना वोट कांग्रेस पार्टी में दिया था, लेकिन अब मैं कांग्रेस पार्टी को छोड़कर मनमोहन भड़ाना के साथ हूं, क्योंकि मनमोहन भड़ाना ने जो कहा वह किया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हथवाला गांव की वर्ष 1915 से लेकर अब तक एक चकबंदी को लेकर विवादित जमीन ऐसी है जिसके कारण गांव में विवाद हो रहा है और इसके कारण ही लोगों को दो वक्त की रोटी मिलने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि जब हम इस मामले में विधायक मनमोहन भड़ाना से मिले तो उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से इस मामले में बात की और जो गलत तरीके से चकबंदी की गई है, उसको रद्द करवा कर नए सिरे से चकबंदी करवाने की मांग की, कुल मिलाकर पूर्व चेयरमैन दीपक त्यागी ने कहा कि इस तरह से मनमोहन भड़ाना ने जब काम किया तो मैं भी कांग्रेस पार्टी को छोड़कर मनमोहन के साथ लग गया, क्योंकि हमारे को दिखा कि मनमोहन भड़ाना समालखा में लूट मचाने नहीं विकास कार्यों में लूट करवाने के लिए आए हैं। 

ऐसे लोग कभी भी राजनीतिक में सफल नहीं हो पाएंगे

इसके अलावा अन्य काफी गांव वासियों में रिंकू त्यागी, रवि दत्त त्यागी, रघुवीर सैनी व अन्य लोगों ने भी अपने वक्तव्य में कहा कि जिन लोगों ने समालखा हलके में केवल और केवल अपने स्वार्थ की राजनीति सिद्ध करने के लिए यहां से चुनाव लड़ा और विधायक बने, अब उनको लग रहा है कि यह मनमोहन तो लोगों की समस्याओं को सुनता है और लोगों के विकास कार्य करवाने के लिए दिन-रात करता है, इसलिए उन्हें लग रहा है कि अब समालखा हलके में मनमोहन के अलावा किसी अन्य नेता की राजनीतिक दल गलने वाली नहीं है, इसलिए वह कांग्रेसी नेता इस तरह के बयान बाजी करते हैं। उन्होंने कहा कि वह मनमोहन भड़ाना पर टिप्पणी करने के बजाय क्षेत्र में लोगों के बीच जाए और जनता जिसको नेता बनना चाहेगी तो जनता की मर्जी, क्योंकि झूठी बयान बाजी करने से ऐसे लोग कभी भी राजनीतिक में सफल नहीं हो पाएंगे, इसके बाद यहां मनमोहन भड़ाना के पक्ष में उपस्थित लोगों ने जमकर उनके जिंदाबाद के नारे लगाए। 

मैंने वीडियो में कोई भी गलत शब्दों का प्रयोग नहीं किया

इस बारे में जब कांग्रेसी नेता संजय छौक्कर से फोन पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि जो लोग पंचायत कर रहे हैं उनका अपना अधिकार है, लेकिन मैंने अपने बयान में कोई भी ऐसा शब्द नहीं बोला कि जो किसी के मान सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला हो। उन्होंने यह भी कहा कि अगर मैं समालखा हलके का विधायक होता तो विपक्ष के लोग भी मेरे से पूछ सकता था भी आपने एक साल या 2 साल में क्या-क्या काम करवाए हैं, इसलिए मैंने पूछा है। उन्होंने कहा कि मैंने वीडियो में कोई भी गलत शब्दों का प्रयोग नहीं किया है।

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