सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत संकल्प को साकार करने के लिए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देशभर में 150 नई चीनी मिलें स्थापित करने का लक्ष्य तय किया है। इसी दिशा में हरियाणा के नारायणगढ़ में नई सहकारी चीनी मिल की स्थापना पर कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गन्ना किसानों को देश का सर्वाधिक भाव — अगेती गन्ने का 415 रुपये प्रति क्विंटल और पछेती किस्म का 408 रुपये प्रति क्विंटल — प्रदान किया है। जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात कर गन्ना किसानों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएं शुरू करने पर चर्चा की जाएगी।
करनाल और शाहबाद चीनी मिलों के पेराई सत्र का शुभारंभ
मंगलवार को करनाल सहकारी चीनी मिल के 50वें और शाहबाद सहकारी चीनी मिल के 42वें पेराई सीजन का शुभारंभ हुआ, जिसमें डॉ. शर्मा ने ऑनलाइन संबोधित किया। शाहबाद में कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, सांसद नवीन जिंदल और विधायक रामकरण काला उपस्थित रहे, जबकि करनाल में चीफ व्हिप एवं इन्द्री विधायक रामकुमार कश्यप, शुगर फेडरेशन के एमडी शक्ति सिंह और किसान प्रतिनिधि शामिल हुए। डॉ. शर्मा ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र विकसित भारत लक्ष्य को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष शुरू किए गए प्रयासों के कारण इस बार करनाल मिल में 3.90 लाख क्विंटल और शाहबाद मिल में 2 लाख क्विंटल अधिक गन्ना क्रशिंग के लिए पहुंचेगा। दोनों मिलें राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार जीत चुकी हैं।
गन्ना किसानों के लिए नई योजनाओं का संकेत
सहकारिता मंत्री ने कहा कि वे जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और गन्ना किसानों को हार्वेस्टिंग की समस्या से निपटने हेतु सब्सिडी पर मशीनें उपलब्ध करवाने के साथ-साथ उन्हें निरंतर गन्ना बिजाई के लिए प्रोत्साहित करने हेतु विशेष योजना शुरू करने का अनुरोध करेंगे।
मिल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश
उन्होंने कहा कि मिल प्रबंधन किसानों का पूरा ध्यान रखे, उनका विश्वास जीते और यह सुनिश्चित करे कि किसी किसान को कोई परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार किसान हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।
मिल प्रबंधन व जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं
इन्द्री विधायक रामकुमार कश्यप ने कहा कि करनाल शुगर मिल सल्फर-फ्री रिफाइंड शुगर उत्पादन में अग्रणी है और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। उन्होंने किसानों से गन्ना उत्पादन बढ़ाने की अपील की। शुगर फेडरेशन के एमडी कैप्टन शक्ति सिंह ने बताया कि कोविड के बाद भी किसानों ने लगातार आवश्यकतानुसार गन्ना सप्लाई किया। करनाल मिल तकनीकी सुविधाओं से लैस है और कई राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कर चुकी है। करनाल शुगर मिल की प्रबन्ध निदेशक अदिति ने कहा कि मिल किसानों के साथ मिलकर निरंतर प्रगति करेगी और सभी को बेहतर सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
किसानों को किया गया सम्मानित
इस अवसर पर करनाल मिल द्वारा सबसे पहले गन्ना लेकर आने वाले किसान जगमीत पुत्र जगमाल (फूसगढ़),कौशल पुत्र बाबू राम (सदरपुर),नरेश पुत्र कंवर पाल (सदरपुर) को सम्मानित किया गया। नई तकनीक से गन्ना उत्पादन करने पर जगमीत पुत्र जगमाल, बारूराम और रविदत्त को भी सम्मानित किया गया।
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