हथिनीकुंड बराज व उसके आसपास के यमुना के क्षेत्र में विदेशी मेहमान साइबेरियन डक का आगमन शुरू हो चुका है। यह विदेशी मेहमान यमुना के पानी में अटखेलियां करते हुए नजर आ रहे हैं। हर वर्ष इनकी संख्या सैकड़ो में पहुंचती थी तो इस बार वन्य जीव प्राणी विभाग ने अनुमान लगाया है की संख्या हजारों में पहुंचने वाली है। वन्य जीव पुरानी विभाग निरीक्षक लीलू राम ने जानकारी देते हुए बताया कि हर वर्ष नवंबर के पहले सप्ताह में हजारों किलोमीटर का सफर तय कर साइबेरियन डक हथिनी कुंड बैराज, कलेसर, ताजेवाला के आसपास यमुना क्षेत्र में पहुंचते हैं। यह पक्षी हर वर्ष नवंबर से लेकर 15 फरवरी तक यमुना के इसी क्षेत्र में विचरण करते हैं। उसके बाद वापिस लौट जाते हैं।
ये पक्षी लगभग चार महीने तक यहाँ रहेंगे
निरीक्षक लीलू राम ने बताया कि हर साल साइबेरिया से हजारों किलोमीटर की यात्रा कर ये पक्षी सर्दी के मौसम में हथिनीकुंड बैराज पर पहुंचते हैं, क्योंकि वहां का वातावरण और पानी उन्हें पसंद है। साइबेरिया में अत्यधिक ठंड (-डिग्री सेल्सियस से कम तापमान) से बचने के लिए ये प्रवासी पक्षी हजारों किलोमीटर की यात्रा करके भारत के इन क्षेत्रों में आते हैं। ये पक्षी लगभग चार महीने तक यहाँ रहेंगे। वन्य जीव विभाग के अनुसार, इस वर्ष इनकी संख्या हजारों में पहुंचने का अनुमान है, जबकि पिछले वर्षों में यह संख्या सैकड़ों में होती थी। साइबेरियन बत्तखों के अलावा, साइबेरियन कूट, पिन टेल डक, सपोर्ट बिल और हेडेड गूज जैसे कई अन्य प्रवासी पक्षियों का भी इस मौसम में आगमन होता है।वन्य जीव विभाग इन पक्षियों पर खास नजर रखता है ताकि उनका शिकार न हो सके।
हर वर्ष साइबेरिया पक्षियों की संख्या 500 से 700 के बीच रहती है
निरीक्षक लीलू राम ने बताया कि इस बार कुछ विदेशी मेहमान जो कि पिछले वर्ष आए थे वह एक वर्ष से अक्सर यहां देखे जा रहे हैं। जिससे यह भी अनुमान लगाया गया है कि कुछ विदेशी मेहमान यहीं पर स्थाई होकर भी रहने लगे हैं। इन विदेशी पक्षियों का यहां पर आने का मुख्य कारण है कि वहां पर नवंबर से फरवरी तक बर्फ जम जाती है और यह पक्षी पानी को बेहद पसंद करता है और सारा दिन पानी में ही विचरण करता रहता है। उस क्षेत्र में पानी न होने के कारण यह भारत का रुख करते हैं। उन्होंने बताया कि हर वर्ष साइबेरिया पक्षियों की संख्या 500 से 700 के बीच रहती है पर इस बार अनुमान लगाया जा रहा है कि यह संख्या बढ़कर 1000 के आसपास जाने वाली है।
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