हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो हरियाणा ने आज एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जीएसटी विभाग के एक सुपरिंटेंडेंट को 2.50 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ने के बाद, इसी प्रकरण में आगे की कार्रवाई करते हुए ब्यूरो ने केंद्रीय जीएसटी बहादुरगढ़ में तैनात इंस्पेक्टर नरेश कुमार को भी आज गिरफ्तार कर लिया है। जांच के दौरान नरेश कुमार का नाम न केवल एफआईआर में पाया गया, बल्कि शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराई गई आवाज रिकॉर्डिंग में भी उसकी स्पष्ट पहचान हुई, और सह-आरोपी भारत मीणा के बयान में भी यह सामने आया कि दोनों मिलकर शिकायतकर्ता से रिश्वत मांग रहे थे।
2.50 लाख रुपए की अवैध मांग कर रहा था
इसी निरंतरता में कार्रवाई करते हुए आज इंस्पेक्टर देवेंद्र, एसीबी झज्जर ने नरेश कुमार को भी दबोच लिए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी अधिकारी शिकायतकर्ता की फर्म का जीएसटी नंबर सक्रिय करने के बदले 2.50 लाख रुपए की अवैध मांग कर रहा था। शिकायत की पुष्टि होने के बाद ब्यूरो ने तुरंत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की और सुनियोजित ट्रैप के तहत सुपरिंटेंडेंट भारत मीणा को गुरुग्राम के बड़ा भईया चौक, गांव बसी से रिश्वत की राशि सहित गिरμतार किया। रोहतक टीम पिछले सात दिनों से इस मामले की निगरानी कर रही थी, जिसके बाद आज उसी मामले में शामिल दूसरे आरोपी नरेश कुमार को भी रंगे हाथ काबू कर लिया गया।
मामला दर्ज कर आगे की गहन जांच जारी
प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि रिश्वतखोरी के इस पूरे प्रकरण में कुछ और अधिकारियों की संलिप्तता हो सकती है। ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान जिन भी अधिकारियों या कर्मचारियों के नाम सामने आएंगे, उनके विरुद्ध भी कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की गहन जांच जारी है। बरामद राशि को सील कर न्यायिक प्रक्रिया के लिए सुरक्षित किया गया है।
रिश्वत मांगने की घटना को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
ब्यूरो प्रमुख अजय सिंघल ने कहा कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत इस प्रकार की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगने की घटना को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आमजन से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी कार्य की एवज में रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत इसकी सूचना हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को टोल-फ्री 1800-180-2022 या 1064 पर दें।
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