हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि अम्बाला छावनी में आर्यभट्ट रीजनल साइंस सेंटर उत्तर भारत का सबसे बेहतरीन साइंस सेंटर होगा जहां विज्ञान से जुड़े विभिन्न पहलुओं को बखूबी ढंग से प्रदर्शित किया जाएगा। विज ने अम्बाला छावनी में देर शाम निर्माणाधीन साइंस सेंटर का निरीक्षण किया और मौजूद अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की जानकारी ली। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बताया कि साइंस सेंटर विद्यार्थियों के लिए सबसे लाभदायक होगा जिन्हें साइंस गैलरी में लाइव वेदर के अलावा अंतरिक्ष विज्ञान, गणित एवं अन्य रोचक जानकारियां हासिल हो सकेंगी।
विद्यार्थियों को आधुनिक तरीके से रोचक व अन्य जानकारियां दी जाएंगी
उन्होंने बताया कि जीटी रोड पर 5 एकड़ भूमि पर आर्यभट्ट साइंस सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। साइंस सेंटर अपनी तरह का बड़ा व यूनिक रिजनल साइंस सेंटर होगा। चार मंजिला बनने वाले साइंस सेंटर में विद्यार्थियों को आधुनिक तरीके से रोचक व अन्य जानकारियां दी जाएंगी, जिससे उनकी विज्ञान में रुचि और बढ़ेगी। बच्चों के अलावा अन्य वर्गों के लिए भी साइंस सेंटर भी विभिन्न जानकारियां होंगी। उन्होंने कहा कि यह ऐसा साइंस सेंटर होगा जिसमें लाइव वेदर को स्क्रीन पर प्रदर्शित किया जाएगा और वर्चुअल तरीके से भी अन्य जानकारियों को दर्शाया जाएगा।
साइंस सेंटर पर्यटकों को भी अपनी ओर आकर्षित करेगा
सेंटर का निर्माण कार्य जल्द पूरा हो इसके लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सेंटर के बनने से अम्बाला के लोगों को इसका सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा। साइंस सेंटर पर्यटकों को भी अपनी ओर आकर्षित करेगा। हरियाणा के अलावा, विभिन्न राज्यों से लोग इसे देख पाएंगे, क्योंकि समूचे उत्तर भारत में यह साइंस सेंटर अलग किस्म का होगा। गौरतलब है कि लगभग 36 करोड़ रुपए की लागत से साइंस सेंटर का निर्माण कार्य किया जा रहा है और गत दिनों सेंटर के पुन: टेंडर होने के बाद निर्माण कार्य को प्रारंभ कर दिया गया है।
दो चरणों में पूरा होगा साइंस सेंटर का निर्माण कार्य
साइंस सेंटर का कार्य दो चरणों में पूरा होगा। पहले चरण में ग्राउंड और प्रथम तल का निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा। यह निर्माण पूरा होने पर ग्राउंड व प्रथम तल पर साइंस सेंटर में लगने वाले उपकरणों को लगा दिया जाएगा। दूसरे चरण में द्वितीय तल व तृतीय तल का निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा। सेंटर में ग्राउंड व तीन फ्लोर होंगे। उन्होंने बताया कि अम्बाला में बन रहा साइंस सेंटर एक आधुनिक सेंटर होगा। उत्तर भारत में इस स्तर का साइंस सेंटर केवल अंबाला में होगा।
अलग-अलग फ्लोर पर अलग-अलग सुविधाएं
ग्राउंड फ्लोर : साइंस सेंटर के ग्राउंड फ्लोर में डिजिटल एडवेंचर गैलरी, एग्जीबिशन हॉल, कांफ्रेंस हॉल, ऑडिटोरियम (132 सीट), दो लिफ्ट, शौचालय, प्रोजेक्ट हेड रूम, फ्लाइट सिम्युलेटर, एग्जीबिशन डेवलपमेंट आदि की व्यवस्था होगी।
प्रथम फ्लोर : फन साइंस गैलरी, तारामंडल, साइंस व्याख्यान, वीआर थिएटर, 270 डिग्री प्रोजेक्शन हॉल, इलेक्ट्रिकल रूम, टॉयलेट, हैंडीकैप टायलेट ऑफिस, इनोवेशन हब होगा।
द्वितीय फ्लोर : साइंस ऑफ स्पोर्ट्स गैलरी, हॉर्टिकल्चर टेक्नोलॉजी, एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी, नैनो टेक्नॉलजी, इलेक्ट्रिकल रूम व ऑफिस होगा।
तृतीय फ्लोर : डिफेंस टेक्नॉलजी गैलरी, हिमालय की वादियां का डिजिटल प्रेजेंटेशन, आकाश को देखने के लिए ओपन स्पेस, बॉयो टेक्नालजी गैलरी व अन्य वस्तुएं प्रदर्शित होंगी।
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