अरावली को लेकर देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ हरियाणा प्रदेश में भी बहस छिड़ी हुई है। केंद्रीय कैबिनेट पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव भी अरावली को लेकर अपनी बात रखते नजर आ रहे हैं। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने अरावली पर्वतमाला के संरक्षण और सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले पर सरकार का रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने अरावली को "पवित्र" बताते हुए इसके पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि गुजरात से दिल्ली तक पूरी अरावली पर्वतमाला में खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। उन्होंने कहा कि अरावली की नई परिभाषा केवल खनन उद्देश्यों और अवैध खनन को रोकने के लिए है, ताकि स्पष्टता बनी रहे।
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर इस मामले में "भ्रम और दुष्प्रचार" फैलाने का लगाया
आरोप यादव के अनुसार, कुल अरावली परिदृश्य का केवल 0.19% क्षेत्र (लगभग 277.89 वर्ग किमी) ही खनन के लिए खुला हो सकता है, और वह भी तब जब एक विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन और 'मैनेजमेंट प्लान फॉर सस्टेनेबल माइनिंग' (MPSM) तैयार हो जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार 'अरावली ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट' के माध्यम से इस क्षेत्र को पुनर्जीवित कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने फैसले में इस पहल की सराहना की है। मंत्री ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर इस मामले में "भ्रम और दुष्प्रचार" फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल सुप्रीम कोर्ट के फैसले की गलत व्याख्या कर रहे हैं, जबकि वास्तव में 90% से अधिक अरावली क्षेत्र पूरी तरह से सुरक्षित है। उन्होंने अरावली को उत्तर-पश्चिम भारत के लिए एक "प्राकृतिक विरासत और पारिस्थितिक ढाल" बताया और कहा कि सरकार इसके पारिस्थितिकी तंत्र के साथ कोई समझौता नहीं करेगी।
विपक्ष इस मद्दे पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में
बात करें हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले की यहां काफी बड़ा हिस्सा अरावली क्षेत्र का मौजूद है, तकरीबन 17 हजार 700 हैक्टेयर अरावली क्षेत्र यहां पर मौजूद है। इसके साथ-साथ महेंद्रगढ़ जिले में तकरीबन 210 हेक्टेयर में सरकार द्वारा खनन क्षेत्र भी प्रस्तावित है। लोगों के लिए बड़ा सवाल बन गया है कि क्या अरावली के नए नियमों के अनुसार महेंद्रगढ़ जिले की अरावली में खनन शुरू होगा या फिर यहां की अरावली सुरक्षित रहेगी। विपक्ष भी इस मद्दे पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है। महेंद्रगढ़ जिले की यूथ कांग्रेस भी अब इस मुद्दे पर जिला उपायुक्त को ज्ञापन देने की तैयारी में है। इस मामले पर नांगल चौधरी से कांग्रेस विधायक मंजू चौधरी के पुत्र संदीप चौधरी ने कहा कि वह पूरी यूथ कांग्रेस और महेंद्रगढ़ जिले की जनता के साथ अरावलीको बचाने के लिए जिला उपायुक्त को ज्ञापन देंगे। अरावली को बचाने के लिए वह हर लड़ाई लड़ने को तैयार है।
क्या कहता है वन विभाग
इस मामले पर वन विभाग के अधिकारी से बात की उन्होंने साफ तौर पर कहा कि रिकॉर्ड के अनुसार तकरीबन 17700 हेक्टेयर अरावली क्षेत्र है, जिसमें से तकरीबन 11600 हेक्टेयर में अरावली परियोजना के तहत पौधारोपण हुआ था और इस भूमि पर वन विभाग की सभी धाराएं लागू है यानी कि पौधारोपण के अलावा अन्य गतिविधियां इस क्षेत्र में नहीं की जा सकती। वहीं अरावली क्षेत्र में अवैध खनन होने के सवाल पर कहा कि महेंद्रगढ़ जिले में बड़े पैमाने पर कहीं भी अरावली क्षेत्र में खनन नहीं हो रहा। अगर कहीं उन्हें सूचना मिलती है तो खनन विभाग व पुलिस विभाग की मदद से इस पर अंकुश लगा रहे हैं।
किसी भी अरावली क्षेत्र में खनन की परमिशन नहीं दी गई
वहीं अरावली क्षेत्र में खनन को लेकर कहा कि पूर्व में किसी भी अरावली क्षेत्र में खनन की परमिशन नहीं दी गई है वहीं नए नियमों के अनुसार अभी वह कुछ कह नहीं सकते सरकार और माननीय सुप्रीम कोर्ट के जो आदेश होंगे उस अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी। जिला खनन अधिकारी ने बताया कि महेंद्रगढ़ जिले में अभी 8 खनन लीज सुचारू रूप से चल रही है, जोकि तकरीबन 210 हेक्टेयर क्षेत्र में खनन कर रही है। वहीं इस खनन क्षेत्र से सरकार को प्रतिवर्ष तकरीबन 250 करोड़ रुपए का राजस्व जाता है। खनन लीजो की गहराई अधिक जाने के सवाल पर कहा कि अभी उनके पास इस तरह की कोई सूचना नहीं है कि किसी खनन कंपनी ने अधिक गहराई तक खनन किया हो अभी वह सरकार के नियमानुसार अपने क्षेत्र में ही खनन कर रहे हैं और उन पर पूर्ण निगरानी उनकी टीम द्वारा रखी जा रही है।
related
'डोंट डिजायर बट डिजर्व इट’ : विज बोले - मैं 2014 में 'सीनियर मोस्ट' था और अब भी 'सीनियर मोस्ट' हूं... लेकिन मैंने कभी कुछ नहीं चाहा
पांच साल पुराने मर्डर केस में विज का सख़्त रुख : जांच CBI को सौंपने की सिफारिश, पुलिस कर्मचारी के खिलाफ FIR के आदेश