एकीकृत बागवानी मिशन के तहत आयोजित जिला स्तरीय सेमिनार में बतौर कृषि मंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल है इस अवसर पर हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि 2047 तक किसानों की आय चार गुणा करने और 20 प्रतिशत जमीन पर प्राकृतिक खेती करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार खेती को मुनाफे का सौदा बनाना चाहती है। इसलिए खाद, बीज, कृषि उपकरणों, पराली प्रबंधन आदि पर सब्सिडी प्रदान की जा रही है। उन्होंने किसानों से आय बढ़ाने के लिए बागवानी, पशुपालन, मछली पालन जैसे व्यवसाय अपनाने की भी अपील की।
सरकार किसानों की आमदन चार गुणा बढ़ाना चाहती है..
राणा आज गांव गोंदर में डा. देवेंद्र पाल के फार्म पर एकीकृत बागवानी मिशन के तहत आयोजित जिला स्तरीय सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इस मौके पर उनका पुष्प गुच्छ देकर, शॉल ओढ़ाकर व स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की है। सरकार तब तक किसानों की आमदन चार गुणा बढ़ाना चाहती है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती आबादी के कारण जमीन की जोत भी छोटी होती जा रही है। कृषि लागत भी बढ़ रही है। आज लंबवत खेती की तकनीकों के सहारे पैदावार को बढ़ाना होगा।
बागवानी की 22 फसलों पर भी भावांतर योजना लागू की गई
उन्होंने कहा कि 2014 से पहले किसानों को उपज का दाम सीधे नहीं मिलता था, आढ़तियों के खाते में पैसा जाता था। हिसाब-किताब करने के बाद किसान के पल्ले कुछ नहीं बचता था लेकिन अब ऐसा नहीं है। फसल बिकने के 48 घंटे के भीतर राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंच जाती है। प्रदेश में 24 फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जा रही हैं। बागवानी की 22 फसलों पर भी भावांतर योजना लागू की गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन से पहले मनरेगा का पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता था। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी कहते थे कि सरकार द्वारा भेजे जाने वाले सौ में से केवल 15 रुपये की निचले स्तर तक पहुंचते हैं। भाजपा राज में मजदूरों के खातों में सीधे राशि पहुंचने लगी है।
खाद, कीटनाशक, कृषि उपकरण, पराली प्रबंधन आदि पर सब्सिडी मुहैया कराई जा रही
उन्होंने कहा कि कृषि में अवसर बहुत हैं। सरकार भी इसे लाभकारी बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। खाद, कीटनाशक, कृषि उपकरण, पराली प्रबंधन आदि पर सब्सिडी मुहैया कराई जा रही है। इस मौके पर उन्होंने बागवानी क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले किसानों- राजेश, भूपेंद्र राणा, महिपाल, आचरण सिंह, जयबीर सिंह, बिजेंद्र कादियान, विजय राणा को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इसके अलावा गुरदीप, कर्मबीर, सुभाष, नवदीप कौर, देवेंद्र पाल आदि को मसाले व उपकरण आदि पर सब्सिडी के चेक वितरित किए।
जिला को बागवानी क्षेत्र में देश में अग्रणी बनाने की अपील
इससे पहले हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक वीरेंद्र चौहान ने किसानों से जिला को बागवानी क्षेत्र में देश में अग्रणी बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों के रुझान को देखते हुए ही सरकार ने करनाल में महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय की स्थापना की है। मिशन निदेशक(एमआईडीएस)के संयोजक डॉ. जोगेंद्र सिंह घनघस ने किसानों से गेहूं -धान की बजाय बागवानी फसलों की ओर रुख करने की और विभाग द्वारा उनके हित में चलाई जा रही योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। जिला उद्यान अधिकारी डा. कमल सैनी ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में विभाग द्वारा जिला में साढ़े नौ करोड़ की अनुदान राशि किसानों के खातों में डाली जा चुकी है। उन्होंने कहा कि किसान की तरक्की में ही देश की तरक्की है। सेमिनार में नीरज प्रजापति ने जैविक खेती, मेघराज पंवार ने प्राकृतिक खेती, संदीप ने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। डा. चंदन ने भी सेमिनार में विचार रखे। इस मौके पर भाजपा किसान मोर्चा के विनोद राणा भी मौजूद रहे।
किसान उत्पादक संगठन द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को प्रदर्शित किया
प्रदर्शनी आयोजित इस अवसर पर कृषि, बागवानी, मत्स्य विभाग के साथ-साथ प्रगतिशील किसानों और बागवानी क्षेत्र की मशीनरी कंपनी एनएचआरडीएफ सलारू द्वारा स्टॉल लगाए गए, जिनमें किसानों से संबंधित विभिन्न योजनाओं की जानकारी पंफलेट, फोल्डर, पत्रिका आदि के माध्यम से दी गई। साथ ही शहद, हल्दी, नेट हाउस और किसान उत्पादक संगठन द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। कृषि मंत्री ने इन स्टाल्स का भी अवलोकन किया।
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