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The Haryana Story | पानीपत जिला परिषद प्रधान का चुनाव दूसरी बार टला, दो गुटों में बंटे पार्षद, कोरम पूरा न होने के कारण चुनाव स्थगित

पानीपत जिला परिषद प्रधान का चुनाव दूसरी बार टला, दो गुटों में बंटे पार्षद, कोरम पूरा न होने के कारण चुनाव स्थगित

जिला परिषद के वर्तमान 16 पार्षदों में से एक तिहाई सदस्यों 11 पार्षदों से कोरम पूरा होना था लेकिन बैठक में निर्धारित समय पर केवल 7 पार्षद ही पहुंचे

जिला परिषद पानीपत प्रधान का चुनाव कोरम पूरा न होने के कारण स्थगित कर दिया गया। जिला परिषद के वर्तमान 16 पार्षदों में से एक तिहाई सदस्यों 11 पार्षदों से कोरम पूरा होना था लेकिन बैठक में निर्धारित समय पर केवल 7 पार्षद ही पहुंचे समय पूरा होने के बाद दो पार्षद और पहुंचे जिस कारण जिला परिषद की सीईओ ने कोरम पूरा न होने के कारण चुनाव स्थगित करने की घोषणा की।  वहीं भाजपा ने अपने प्रत्याशी सुदेश देवी की जीत सुनिश्चित करने के लिए दो बार समर्थित पार्षदों की बैठक की थी लेकिन शुक्रवार को लघु सचिवालय में चुनाव हाल में कोरम पूरा करने के लिए जरूरत के अनुसार 11 सदस्य नहीं पहुंचे।

चुनाव करवाने के लिए 11 सदस्यों का होना जरूरी

चुनाव को लेकर 11 से 11:30 तक का समय तय किया गया था जिनमें 7 पार्षद पहुंचे इनमें आर्य सुरेश मलिक, अनु दहिया मलिक, ज्योति शर्मा, राजेश देहरा, सुदेश देवी कुराना, संदीप जागलान इसराना, सुदर छोक्कर चुलकाना, पहुंचे। लेकिन 11:30 का समय पूरा होने तक अन्य कोई सदस्य नहीं पहुंचा। इस कारण ज्योति शर्मा व अन्य सदस्य भी बाहर आ गए और कहा कि सभी सदस्य नहीं पहुंचे है। कोरम पुरा न होने के कारण चुनाव स्थगित किया जा रहा है।  करीब 11:45  बजे रणदीप कवि व आकाश पोड़िया भी पहुंचे। जहां सदस्यों की संख्या 9 पहुंच गई थी, लेकिन चुनाव करवाने के लिए 11 सदस्यों का होना जरूरी था। जिस कारण जिला परिषद की सीईओ किरण ने चुनाव स्थगित करने की घोषणा की।

ज्योति शर्मा के नाम पर सहमति नहीं बनी तो सुदेश देवी कुराना को आगे किया गया था

चुनाव को लेकर पंचायत विकास मंत्री कृष्ण लाल पंवार, जिला प्रधान दुष्यंत भट्ट, भाजपा महामंत्री आदि ने 12 सदस्यों के साथ बैठक की थी जिसमें सुदेश रानी का नाम तय किया गया था, लेकिन कुछ सदस्यों को उनके नाम पर सहमति नहीं थी। पहले ज्योति शर्मा के नाम पर पार्षदों को मनाने का प्रयास किया गया था लेकिन जब ज्योति शर्मा के नाम पर सहमति नहीं बनी तो सुदेश देवी कुराना को आगे किया गया था लेकिन शुक्रवार को संभावित चुनाव में वोट क्रॉस के डर से कुछ सदस्य नहीं पहुंचे।

आजाद प्रत्याशी अनु मलिक दे रही टक्कर

वहीं जिला परिषद प्रधान पद को लेकर आजाद प्रत्याशी अनु मलिक दहिया टक्कर दे रही है। अनु के समर्थन में कई पार्षद बताए जा रहे है। वहीं भाजपा को भी रिपोर्ट मिल रही थी कि यदि 11 सदस्य चुनाव हाल में पहुंचे तो 6 सदस्य अनु के समर्थन में हो सकते है। वहीं अनु मलिक भाजपा को भी समर्थन दे सकती है। यदि सुदेश देवी पर सभी पार्षदों की सहमति नहीं बनती और अनु को भाजपा का आशीर्वाद मिल जाए तो भाजपा के समर्थन से अनु भी जिला परिषद की प्रधान बन सकती है। बताया जा रहा है कि यदि पार्टी चाहे तो अनु भाजपा में भी शामिल हो सकती है। पहले दो बार चेयरपर्सन बनी भी दोनों प्रत्याशियों ने ऐसा ही किया था। यदि पार्टी संगठन व सरकार ने सहमति दी तो यह योजना भी सिरे चढ़ सकती है।

यह पार्षद नहीं पहुंचे चुनाव हॉल में

चुनाव को लेकर जो पार्षद चुनाव हाॅल में नहीं पहुंचे उनमें डॉक्टर जगबीर चमराडा, नारायण दत्त शर्मा, ममता देवी पसीना, रेखा देवी नौल्था, पूजा भान आसन, प्रियंका तोमर सिवाह, जितेंद्र कुमार गढ़ सरनाई शामिल है। माना जा रहा है कि उक्त सदस्यों में से कुछ पर सरकार की तरफ से भी दबाव था कि उन्हें भाजपा समर्थित उम्मीदवार को ही मतदान करना है लेकिन चुनाव के दौरान न पहुंचने से अब चुनाव स्थगित कर दिया है। भविष्य में जब भी चुनाव होगा तो जिला परिषद प्रधान पद को लेकर टक्कर देखने को मिल सकती है। 

जिला परिषद उप प्रधान, पूर्व चेयरपर्सन को पहले से ही था अंदेशा

जिला परिषद के उप प्रधान आर्य सुरेश मलिक ने कहा कि वह सबसे पहले पहुंचे हैं और चुनाव करवाने के पक्ष में थे जब सदस्य नहीं पहुंचे तो चुनाव स्थगित कर दिया गया है। कुछ सदस्यों के नाराज़गी हो सकती है या उन्हें उम्मीदवार पसंद नहीं होगा यह वे ही बता सकते है जो चुनाव हाल में नहीं पहुंचे। वही पूर्व चेयरपर्सन ज्योति शर्मा ने कहा कि वह पहले भी अकेली आई थी और अब भी अकेली है वह सरकार के साथ है तथा पार्टी जिसके समर्थन में रहेगी वह उसके पक्ष में मतदान के लिए तैयार है। सरकार भी जल्दी चुनाव चाहती है ताकि विकास कार्य सभी वार्डों में तेज गति से हो। अब कोरम पूरा न होने के कारण चुनाव को स्थगित किया गया है। 

राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर होगी अगली तारीख तय

जिला परिषद के प्रधान पद का चुनाव शुक्रवार को कोरम पूरा न होने के कारण नहीं हो सका। जबकि प्रशासन की ओर से चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। उपायुक्त एवं निर्धारित प्राधिकारी डॉ. वीरेन्द्र कुमार दहिया के निर्देश पर सीईओ डॉ. किरण को चुनाव करवाने के लिए अधिकृत किया गया था। सीईओ ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग, हरियाणा के निर्देशानुसार प्रधान पद के चुनाव के लिए सभी प्रशासनिक व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली गई थीं।

जिला परिषद के सभी सदस्यों को मतदान में भाग लेने के निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन निर्धारित समय पर आवश्यक कोरम पूरा नहीं हो पाया। सभागार में मात्र 8 ही पार्षद पहुंचे। जिसके कारण चुनाव प्रक्रिया संपन्न नहीं कराई जा सकी। सीईओ ने बताया कि इस संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग को अवगत करा दिया गया है और आयोग के आगामी निर्देशों के अनुसार प्रधान पद के चुनाव की अगली तिथि तय की जाएगी। इस मौके पर डीडीपीओ राजेश शर्मा, जिला परिषद के कार्यकारी अभियंता अमरेंद्र सिंह के अलावा पार्षद मौजूद रहे।

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