पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस के नेतृत्व में थाना समालखा पुलिस ने ऑफिसर कॉलोनी निवासी अनिल 36 की हत्या की वारदात का शनिवार को पर्दाफाश कर मृतक की पत्नी किरण व उसके मौसेरे भाई पट्टीकल्याणा निवासी सुधीर को गिरफ्तार किया। थाना समालखा प्रभारी सब इंस्पेक्टर गुलशन ने बताया कि पूछताछ में दोनों आरोपियों ने मिलकर अनिल की हत्या करना स्वीकारा। पूछताछ में आरोपियों से खुलासा हुआ आरोपी सुधीर का मौसेरे भाई अनिल के घर पर आना जाना था। इसी बीच अनिल की पत्नी किरण की सुधीर के साथ बातचीत होने लगी और दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे। दोनों आरोपी अनिल को रास्ते से हटाकर पति-पत्नी की तरह साथ रहना चाहते थे। दोनों को इसका मौका नहीं मिल पा रहा था। 3 फरवरी को अनिल का पिता और माता पानीपत में बेटी के घर गए हुए थे।
नींद की गोलियां दूध में मिलाकर पति अनिल को दी
किरण ने रात को नींद की गोलियां दूध में मिलाकर पति अनिल को दे दी। अनिल के सोने के बाद किरण ने सुधीर को वॉट्सअप कॉल की और दोनों ने अनिल की हत्या की साजिश रची। आरोपी सुधीर गांव से रात करीब 11 बजे अपनी स्विफ्ट कार में सवार होकर समालखा आया और अनिल के घर से कुछ दूर पहले ही कार खड़ी कर पैदल घर के बाहर गया। किरण ने दरवाजे की कुंडी खोली। दोनों आरोपियों ने अंदर जाकर प्लान बनाया अनिल की हत्या के बाद शव नहर में फेंक देंगे। आरोपी किरण ने कमरे में सो रहे पति अनिल के दोनों हाथ पकड़ लिए और आरोपी सुधीर ने शॉल से अनिल का मुंह दबा दिया। दोनों आरोपी अनिल की हत्या के बाद शव को नहर में डालने के लिए गाड़ी के पास ले जाने की तैयारी में थे तभी बच्चे नींद से जाग गए तो किरण के कहने पर आरोपी सुधीर वहा से भाग गया था।
रविवार को दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया
प्रभारी सब इंस्पेक्टर गुलशन ने बताया कि पुलिस ने रविवार को दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से आरोपी किरण को न्यायिक हिरासत जेल भेज दिया और आरोपी सुधीर को 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से गहनता से पूछताछ करने के साथ ही वारदात में प्रयुक्त कार बरामद करने का प्रयास करेगी। थाना समालखा में लख्मी पुत्र शीशु राम ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह मूल रूप से कुराना गांव का रहने वाला है। उसका बेटा अनिल 36 पिछले करीब 4 साल से अपनी बीवी बच्चों के साथ समालखा की ऑफिसर कॉलोनी में रह रहा था। वह और पत्नी दर्शन भी बेटे अनिल के साथ समालखा में रह रहे थे। बेटे अनिल की करीब सात आठ महीने से पत्नी किरण के साथ अनबन चल रही थी।
किरण और सुधीर को काफी बार समझाया भी लेकिन वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आए
किरण करीब 11 महीने से हमारे रिश्तेदारी में पट्टी कल्या निवासी सुधीर के साथ बातचीत कर रही थी। उन्होंने किरण और सुधीर को काफी बार समझाया भी लेकिन वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आए। इस बारे परिवार व रिश्तेदारों की कई बार पंचायत भी हुई थी। करीब 3 महीने पहले किरण अपने मायके पानीपत गई हुई थी। अनिल के साथ परिवार के अन्य लोग किरण को लेने गए थे, वहा किरण ने अपने पिता के साथ मिलकर अनिल के साथ मारपीट की थी। अनिल ने मारपीट की थाना चांदनी बाग में शिकायत भी दी थी। किरण व सुधीर अनिल से रंजिश रखे हुए थे, दोनों ने अनिल को घर पर ही जान से मारने की धमकी दी थी। रिश्तेदारी के चलते तब उन्होंने इसकी शिकायत नहीं दी थी।
किरण व सुधीर ने मिलकर अनिल की हत्या की
4 फरवरी को वह और पत्नी दर्शन रिश्तेदारी में पानीपत गए हुए थे। 5 फरवरी को सुबह सूचना मिली कि बेटे अनिल की मौत हो गई है। घर जाकर देखा तो अनिल एक कमरे में चारपाई पर मृत अवस्था में पड़ा हुआ था। उसके मुंह में नाक पर चोट व लालिमा के निशान थे। अनिल के शव को समालखा के सरकारी अस्पताल लेकर आए। किरण व सुधीर ने मिलकर अनिल की हत्या की है। थाना समालखा में शिशु राम की शिकायत पर मृतक अनिल की पत्नी किरण व मौसेरे भाई सुधीर के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1), 3(5) के तहत अभियोग दर्ज कर पुलिस ने अनिल के शव का डॉक्टरो के बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया था और मामले की छानबीन शुरू कर दी थी।
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