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The Haryana Story | दीपेंद्र हुड्डा बोले - हमारे संघर्ष की जीत : भाजपा सरकार ने बुढ़ापा पेंशन काटने का फैसला पलटा

दीपेंद्र हुड्डा बोले - हमारे संघर्ष की जीत : भाजपा सरकार ने बुढ़ापा पेंशन काटने का फैसला पलटा

जनता को दरकिनार करके बीजेपी सरकार अगर कदम बढ़ाएगी तो सामने मजबूत विपक्ष खड़ा दीपेन्द्र हुड्डा

सांसद दीपेंद्र हुड्डा पानीपत के अनेक सामाजिक कार्यक्रमों में शिरकत करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने प्रदेश के बुजुर्गों की पेंशन काटनी शुरू करी तो हमने सोनीपत में विरोध प्रदर्शन का ऐलान कर दिया। लेकिन कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन से डरकर बीजेपी सरकार ने बुढ़ापा पेंशन काटने का फैसला पलटा और कल शाम को ही घोषणा कर दी कि सारी पेंशन दोबारा से शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यह हमारे संघर्ष की जीत है। भाजपा ने अगर भविष्य में दोबारा ऐसा करने का प्रयास किया तो सीधे चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री आवास पर प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने बीजेपी सरकार को चेतावनी दी कि जनता को दरकिनार करके अगर कदम बढ़ाएगी तो उसके सामने टक्कर का मजबूत विपक्ष खड़ा है। कांग्रेस बुजुर्गों की पेंशन कटने नहीं देगी।

किसी गरीब को सौ-सौ गज के प्लॉट का लाभ तक नहीं मिला

दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि बीजेपी सरकार ने बीते 12 साल में इलाके का काफी नुकसान कर दिया। कांग्रेस सरकार के समय 2010 तक मेट्रो दिल्ली में ही थी, जिसे सैद्धांतिक रूप से आगे बढ़ाने का फैसला हुआ था और हमने मात्र चार साल में 88 किलोमीटर मेट्रो बनवाकर बहादुरगढ़, गुड़गांव, फरीदाबाद तीन जगह और बहादुरगढ़ मेट्रो को रोहतक, कुंडली से सोनीपत और रिठाला से खरखौदा तक मेट्रो पहुंचाने का प्लान बना दिया। लेकिन पिछले बारह साल में एक इंच मेट्रो आगे नहीं बढ़ी। इलाके में कोई नया संस्थान नहीं आया, जबकि कांग्रेस सरकार के समय यूनिवर्सिटीज, कॉलेज, एजुकेशन सिटी, औद्योगिक क्षेत्र बना, गोहाना में रेल कोच फैक्ट्री, ट्रिपल आईटी मंजूर कराई थी। खानपुर पीजीआई की सोच के साथ खानपुर विश्वविद्यालय, चौधरी छोटूराम विश्वविद्यालय, राजीव गांधी एजुकेशन सिटी में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी बनी। बीते बारह साल में इलाके में कोई नया स्कूल तक नहीं आया। किसी गरीब को सौ-सौ गज के प्लॉट का लाभ तक नहीं मिला।

काला धन एकत्रित कर इसका दुरूपयोग किया और चुनाव को मैनेज किया

सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि जनभावनाओं को चुराकर बनाई गई भाजपा सरकार जन भावनाओं को रौंदते हुए कदम बढ़ा रही थी। बीजेपी ने अरबों रुपए काला धन एकत्रित कर इसका दुरूपयोग किया और चुनाव को मैनेज किया। बीजेपी जनभावना से चुनाव नहीं जीती बल्कि काले धन के इंतजाम, मैनेजमेंट से चुनाव मैनेज किया और जब जन भावनाओं से सरकार नहीं बनती, वो सरकार जन भावनाओं को दरकिनार करके चलती है। चुनाव का नतीजा आते ही बीजेपी ने पहला वायदा जो किसान से किया था कि धान का भाव इकत्तीस सौ मिलेगा, उस किसान को एमएसपी भी नहीं मिली।  धान, नरमा, बाजरे की खरीद भी एमएसपी पर नहीं हुई। हमने 1 नवम्बर, 2024 से बड़े बुजुर्गों की पेंशन छह हज़ार करने का वायदा किया था, लेकिन बीजेपी सरकार बनी तो वो बड़े-बुजुर्गों को भूल गई और कहा कि अभी पेंशन नहीं बढ़ाएंगे।

किसानों को कोई मुआवजा तक नहीं मिला

बीजेपी ने वायदा किया था कि हरियाणा की हर महिला को 2100 रुपए मिलेंगे। लेकिन चुनाव के बाद उसमें तरह तरह की शर्तें लगा दी। युवा को रोजगार देने का वायदा किया था लेकिन एचपीएससी, एचएसएससी में एक के बाद एक लिस्ट निकली, जिसमें ज्यादातर बाहर के प्रदेशों के बच्चे लगे या तो पोस्ट ही खाली छोड़ दी गई। प्रदेश में जब ज्यादा बारिश से जलभराव हुआ, किसान की फसल का नुकसान हुआ तो किसानों को कोई मुआवजा तक नहीं मिला। बीजेपी सरकार ने चुनाव से पहले लाखों बीपीएल कार्ड बनवाए और चुनाव के बाद बारह लाख बीपीएल कार्ड कटवा दिये। दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि बीजेपी सरकार न भूले, जन भावना विपक्ष के साथ है। लोकसभा में भी जन भावना हमारे साथ थी। देश के 28 प्रदेशों में सबसे ज्यादा मत प्रतिशत 47.6% हरियाणा में मिला। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और बीजेपी दोनों पार्टियों को लगभग 40% वोट मिले। हरियाणा के इतिहास में आज तक आ सबसे बड़ा विधायक दल और टक्कर का विपक्ष है।

छल षड्यंत्र के सहारे रात को रात के अंधेरे में उनको हरवाया गया

उन्होंने कहा कि आज पूरे देश को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की सच्चाई पता चल गई कि बीजेपी सरकार ने किस तरह अमेरिका के आगे घुटने टेक कर हिंदुस्तान के हितों को बेच दिया। इसी तरह एपस्टीन फाइल की भी सच्चाई लोगों को पता चल गई। उन्होंने कहा कि पिछली बार भी हरियाणा की छत्तीस बिरादरी ने लड़ाई लड़ने में कोई कमी नहीं छोड़ी थी, लेकिन हो सकता है कि हमारी ही तपस्या में कहीं कोई कमी रह गई होगी। इसीलिए दोबारा कदम बढ़ाएंगे 2029 में हरियाणा की राम रूपी जनता की और सच्चाई व अच्छाई की जीत होगी। दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में छल षड्यंत्र के सहारे रात को रात के अंधेरे में उनको हरवाया गया। लेकिन 2024 के चुनाव में लोगों ने देश की 545 लोकसभा सीटों में विपक्ष की दूसरी बड़ी जीत के साथ आशीर्वाद देकर दिल्ली चुप रहने के लिए नहीं, जनता की लड़ाई लड़ने के लिए भेजा है।

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