जिस मशरूम से जापान जैसे देशों में जानलेवा बीमारियों की दवा बनती है, उससे भारत के एक गांव में स्वादिष्ट मिठाइयां बनाई जा रही हैं। ऐसा करके दिखाया है हरियाणा के जींद जिले के उन गौरवशाली राष्ट्रपति अवार्डी दंपत्ति अशोक ओर सुनीता ने जिन्होंने खेती को सिर्फ फसल तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे सुपरफूड के मीठे सफर पर ले आए। ये दंपति सिर्फ किसान नहीं बल्कि सेहत के जादूगर हैं। यह अपनी मिठाइयां राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान करनाल में आयोजित तीन दिवसीय मेले में लेकर पहुंचे हैं जहां पर उन्होंने अपनी मिठाई की स्टॉल लगाई हुई है।
पूरे भारत में अलग पहचान बनाई
अशोक ने बताया कि वह एक प्रगतिशील किसान है जो पिछले काफी समय से मशरूम की खेती करते आ रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि जब उन्होंने मशरूम की खेती की शुरुआत की तब मशरूम के बारे में बहुत ही कम लोगों को जानकारी थी इसलिए मार्केट में उसके खरीदार कम मिलते थे तब अशोक ने अपनी पत्नी सुनीता के साथ मिलकर मशरूम के मिठाइयां और अन्य प्रोडक्ट बनाने की सोची और वहीं से उनकी एक नई शुरुआत हुई जिससे उन्होंने पूरे भारत में अलग पहचान बनाई और उसी के चलते उनको 2020 राष्ट्रपति के द्वारा भी सम्मानित किया गया। वह मशरूम से पिन्नी, बर्फी और जलेबी बना रहे हैं जो खाने में लाजवाब होती है।
मशरूम बर्फी, पौष्टिक पिन्नी, कुरकुरी जलेबी और चटपटा अचार बनाया जा रहा
वह करीब 8 प्रकार की खास मशरूम से मिठाई बनाने का काम कर रहे हैं। इसमें जिसमें दवाइयां में शामिल होने वाली अच्छी क्वालिटी की मशरूम भी शामिल है। जिसे जापान जैसे देश में महंगी से महंगी दवाई बनाई जाती है। लेकिन यहाँ इन मशरूमों को कड़वी दवाओं में नहीं, बल्कि शुद्ध देसी घी के साथ मिलाकर मशरूम बर्फी, पौष्टिक पिन्नी, कुरकुरी जलेबी और चटपटा अचार बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि मशरूम के फायदे हर घर तक पहुँचे। उसकी सोच है लोग दवा क्यों खाएं, जब वे मिठाई खाकर भी स्वस्थ रह सकते हैं। मशरूम की पिन्नी सर्दियों के लिए बहुत ही ज्यादा ऊर्जा का स्रोत होता है और हड्डियों को भी इससे फायदा होता है तो वहीं मशरूम की बर्फी में प्रोटीन भरपूर मात्रा में होता है। सबसे बड़ी बात यह शुद्ध देसी घी के साथ बनाई जाती है।
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