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The Haryana Story | हरियाणा की मंडियों में डिजिटल सिस्टम फेल: सर्वर ठप होने से थमी फसलों की खरीद, ट्रैक्टरों की लगी लंबी कतारें

हरियाणा की मंडियों में डिजिटल सिस्टम फेल: सर्वर ठप होने से थमी फसलों की खरीद, ट्रैक्टरों की लगी लंबी कतारें

बायोमेट्रिक और गेट पास अटके, ऑफलाइन गेट पास से मिली किसानों को राहत, लखविंदर सिंह औलख बोले- बार-बार सर्वर फेल होना दुर्भाग्यपूर्ण

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रदेश की अनाज मंडियों में आज उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब तकनीकी खामी के कारण सरकारी सर्वर पूरी तरह ठप हो गया। सर्वर डाउन होने से मंडियों में फसल खरीद की पूरी प्रक्रिया चरमरा गई, जिससे कड़कड़ाती धूप और अव्यवस्था के बीच किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

ऑनलाइन सिस्टम फेल, मंडियों के बाहर लगी ट्रैक्टरों की लंबी कतारें

सर्वर बंद होने का सीधा असर किसानों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और बायोमेट्रिक हाजिरी पर पड़ा। पोर्टल न चलने के कारण न तो किसानों की ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की एंट्री हो पाई और न ही फसल खरीद की कागजी कार्रवाई आगे बढ़ सकी। इसका नतीजा यह हुआ कि प्रदेश की लगभग सभी प्रमुख मंडियों के बाहर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की कई किलोमीटर लंबी कतारें देखने को मिलीं। किसान अपनी उपज बेचने के लिए घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करने को मजबूर रहे।

मीडिया में मामला उछलने पर हरकत में आया प्रशासन

मंडियों के बाहर किसानों के बढ़ते गुस्से और मीडिया में खबरें आने के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हुआ। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों ने तुरंत मार्केट कमेटी के कर्मचारियों को ऑफलाइन गेट पास जारी करने के निर्देश दिए। प्रशासन के इस फैसले के बाद कर्मचारियों ने मैन्युअल तरीके से पर्चियां काटनी शुरू कीं, जिससे जाम की स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ और रुकी हुई प्रक्रिया धीरे-धीरे आगे बढ़ी।

किसान संगठनों में भारी रोष: "तकनीकी बदहाली का खामियाजा भुगत रहा किसान"

भारतीय किसान एकता (BKE) के प्रदेश अध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने इस अव्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए कहा: "यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार बड़े-बड़े दावे तो करती है, लेकिन धरातल पर सिस्टम फेल है। किसान पहले ही मौसम और फसल की मार झेल रहा है, और अब उसे मंडियों में घंटों लाइन में खड़ा रहकर अपनी ही फसल बेचने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। सरकार को खरीद सीजन शुरू होने से पहले तकनीकी ढांचा दुरुस्त करना चाहिए था।" औलख ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सर्वर की समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया और सिस्टम को मजबूत नहीं किया गया, तो किसानों का नुकसान बढ़ता जाएगा, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 

सर्वर ठप होने से हुई परेशानी 

  • ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और बायोमेट्रिक हाजिरी रुकी।
  • ट्रैक्टरों की लंबी कतारें और घंटों का इंतजार।
  • प्रशासन के निर्देश पर ऑफलाइन गेट पास की प्रक्रिया शुरू।
  • किसान संगठनों ने सर्वर सिस्टम को स्थायी रूप से अपग्रेड करने की मांग की।
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