अमेरिका इजरायल में जारी युद्ध के चलते घरेलू व कमर्शियल गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ती जा रही है बीती रात को कंपनी की ओर से नया फरमान जारी किया गया है। अब ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को 25 दिन की बजाय 45 दिन बाद सिलेंडर मिलेगा जबकि शहर के उपभोक्ताओं को 25 दिन का समय दिया गया है। इससे पहले ऑनलाइन बुकिंग करवाने पर शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में उपभोक्ताओं को 25 दिन बाद घरेलू गैस सिलेंडर वितरित करने का काम किया जा रहा था लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में यह फरमान जारी होने के बाद उपभोक्ताओं के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है।
दूसरे साधनों को भी प्रयोग में लाएं
वहीं लोगों को भी चाहिए, बेवजह स्टॉक न करें, दूसरे साधनों को भी प्रयोग में लाएं। ग्रामीण क्षेत्र की बजाय शहरी क्षेत्र में ज्यादा पैनिक फैला हुआ है। इसका फायदा कंपनी मालिक उठा रहे है जिससे उपभोक्ताओं को ही नुकसान हो रहा है। यदि जरूरत के अनुसार गैस रखें, बिजली उपकरणों, जहां संभव हो लकड़ी का भी प्रयोग करें तो काम चल सकता है। यदि स्टॉक में एक्स्ट्रा सिलैंडर लेकर रखेंगे तो लाइन में भी लगना पड़ेगा और यही हालात रहे तो ब्लैक में भी लेना पडेगा जिसका कंपनी फायदा उठा रही है। इससे आम जनता को बचना चाहिए।
उपभोक्ताओं को दोहरी मार झेलनी पड़ रही
दरअसल 7 मार्च को घरेलू व कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए गए थे और ऊपर से पिछले कुछ दिनों से लगातार कंपनी की ओर से जारी किए गए दो मोबाइल फोन नंबर शोपीस बने हुए हैं जिससे उपभोक्ताओं को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। घरेलू गैस सिलेंडरों के लिए पानीपत शहर, समालखा व अन्य जगहों पर लाइन लगी रही। कुछ उपभोक्ताओं के मैसेज नहीं जाने पर सिलेंडर बुक नहीं हो सके, जिन्हें निराशा के साथ वापिस जाना पड़ा। एजेंसियों के बाहर भारी भीड़ होने के कारण पैनिक से बचने के लिए संचालकों ने एजेंसियों से दूर गाड़ी को खड़ा कर वितरित किए ताकि लोगों में आपाधापी न मचे। ऐसा ही एक नजारा देवी मंदिर के पास खड़ी एक एच पी सिलेंडरों की गाड़ी खड़ी थी। गाड़ी चालक ने बताया कि एजेंसी से पर्ची कटवाने के बाद सिलेंडर यहां से दिया जा रहा है क्योंकि एजेंसी के बाहर पैनिक होने की संभावना हैं। जिससे अफरा तफरी न मचें।
प्रशासन का दावा : घरेलू गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं
हालांकि प्रशासन का दावा है कि घरेलू गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं हैं और एक साथ बुकिंग ऑनलाइन होने पर सर्वर डाउन की वजह से परेशानी आ रही हैं। सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही हैं और लोग पैनिक होने से बचें। इसके इलावा शहर के माडल टाउन और गोल चक्कर के पास गैस एजेंसियों के भारी भीड़ रही। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि वे पांच दिन से आ रहे हैं, कोई दो दिन से कह रहा है तो कोई ऑनलाइन बुक नहीं होने की बात कह रहा हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि अब उन्हें खाना बनाने के लिए पहले सिलेंडर लेना पड़ेगा उसके बाद ही काम पर जा पाएगें। दूसरी ओर कर्मिशियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति न होने के कारण ढाबा संचालकों और इंडस्ट्रीज में डाइंग यूनिट वालों को समस्या हो रही हैं। चैम्बर ऑफ कॉमर्स एसोसिएशन के प्रधान विनोद धमीजा ने बताया कि सिलेंडर नहीं मिलने के कारण उनकी लेबर खाली हाथ बैठे हुए हैं और ऐसी ही स्थिति रही तो उन्हें घर भेजने का काम करना पड़ेगा।
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