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The Haryana Story | पानीपत पुलिस पर लगे गंभीर आरोप, थाने की दूसरी मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, पत्नी बोली- "पुलिस ने उकसाया"

पानीपत पुलिस पर लगे गंभीर आरोप, थाने की दूसरी मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, पत्नी बोली- "पुलिस ने उकसाया"

चांदनी बाग थाने में पूछताछ के दौरान छत से कूदा ऊझा गांव का युवक, ट्रैक्टर पर गिरने से बची जान, हालत नाजुक

प्रतीकात्मक तस्वीर (AI Generated)

हरियाणा के पानीपत के चांदनी बाग थाने में उस समय हड़कंप मच गया जब पूछताछ के लिए आए ऊझा गाँव के एक युवक, जितेंद्र, ने थाने की दूसरी मंजिल से छलांग लगा दी। इस घटना के बाद थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों और आम जनता के बीच हड़कंप मच गया। गंभीर रूप से घायल युवक की पहचान ऊझा गाँव निवासी जितेन्द्र के रूप में हुई है। जितेंद्र को उनके पिता द्वारा दर्ज कराई गई एक पारिवारिक विवाद की शिकायत के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। जैसे ही वह थाने पहुँचा, वहाँ परिवार के अन्य सदस्य बड़ी संख्या में मौजूद थे। आरोप है कि पूछताछ के दौरान उस पर अत्यधिक दबाव बनाया गया और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। इसी तनाव के चलते उसने छत से छलांग लगा दी और नीचे खड़े एक ट्रैक्टर पर जा गिरा।

आत्महत्या के लिए उकसाने और धमकाने के गंभीर आरोप

युवक को गंभीर हालत में पहले एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से उसे रोहतक PGI रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार उसकी स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है। वहीं जितेंद्र की पत्नी, अनीता ने चांदनी बाग थाने में ही शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने दो पुलिसकर्मियों और ससुराल पक्ष के सदस्यों पर उनके पति को आत्महत्या के लिए उकसाने और धमकाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं थाना प्रभारी ने इन आरोपों को निराधार बताया है। पुलिस का कहना है कि युवक ने पारिवारिक विवाद के तनाव के चलते यह कदम उठाया है, न कि पुलिस के दबाव में।

मानसिक प्रताड़ना के आरोप

परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि पूछताछ के दौरान जितेंद्र पर अत्यधिक दबाव बनाया गया। बताया जा रहा है कि थाने के भीतर ही पारिवारिक कलह और पुलिसिया पूछताछ के बीच जितेंद्र को मानसिक रूप से काफी प्रताड़ित किया गया। इसी तनाव और गहमागहमी के बीच जितेंद्र ने अचानक थाने की दूसरी मंजिल की छत की ओर दौड़ लगाई और वहां से नीचे छलांग लगा दी। गनीमत यह रही कि जितेंद्र सीधे जमीन पर गिरने के बजाय नीचे खड़े एक ट्रैक्टर पर जा गिरा। ट्रैक्टर पर गिरने के कारण उसकी जान तो बच गई, लेकिन उसे गंभीर चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद पुलिसकर्मियों ने उसे लहूलुहान हालत में पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उसका उपचार जारी है।

थाने में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल

इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल उठ रहे हैं कि: पूछताछ के दौरान युवक इतना तनाव में कैसे आ गया कि उसने आत्मघाती कदम उठा लिया? क्या पूछताछ के समय तय नियमों का पालन किया जा रहा था? थाने के भीतर सुरक्षा में चूक कैसे हुई कि युवक छत तक पहुँच गया और छलांग लगा दी?

परिजनों का फूटा गुस्सा

घटना के बाद जितेंद्र के समर्थकों और ग्रामीणों में भारी रोष है। उन्होंने पुलिस पर पक्षपात और प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। फिलहाल, पुलिस के उच्च अधिकारी इस मामले की जांच की बात कह रहे हैं और थाने में लगे CCTV फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि घटना की वास्तविकता का पता लगाया जा सके।  

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