loader
The Haryana Story | हुड्डा का सीधा प्रहार : महिला आरक्षण पर घेरा, भर्तियों पर सवाल, गिनाए भाजपा सरकार के 'विफल' वादे

हुड्डा का सीधा प्रहार : महिला आरक्षण पर घेरा, भर्तियों पर सवाल, गिनाए भाजपा सरकार के 'विफल' वादे

पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आज रोहतक में प्रेस वार्ता के दौरान विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आज रोहतक में प्रेस वार्ता के दौरान विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने महिला आरक्षण बिल, किसानों की दुर्दशा, सरकारी नौकरियों में कथित धांधली और हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों पर विस्तार से अपनी प्रतिक्रिया दी।

महिला आरक्षण बिल: नीयत में खोट

भूपेंद्र हुड्डा ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन करते हुए भाजपा की नीयत पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार इसे 2024 के चुनावों में लागू क्यों नहीं कर पाई? सरकार जनगणना और परिसीमन (delimitation) की शर्तों में इस बिल को उलझा रही है, ताकि इसे लंबे समय तक टाला जा सके। कांग्रेस ने हमेशा इसका समर्थन किया है, लेकिन भाजपा इसे केवल चुनावी फायदे के लिए "राजनीतिक संदेश" के रूप में इस्तेमाल कर रही है। 

किसानों की समस्याएं: अव्यवस्था का अंबार

मंडियों के दौरे के बाद हुड्डा ने किसानों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की, उन्होंने कहा मंडियों में अब तक मात्र 20% लिफ्टिंग हुई है और किसानों को समय पर पेमेंट नहीं मिल रही है। सरकार ने पोर्टल रजिस्ट्रेशन, गेट पास और बायोमेट्रिक जैसी नई शर्तें थोपकर खरीद प्रक्रिया को बेहद जटिल बना दिया है। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई में सरकार विफल रही है। 

कर्मचारियों और नौकरियों पर प्रहार

हुड्डा ने सरकारी भर्तियों में स्थानीय युवाओं की अनदेखी का आरोप लगाया और कहा क्लास वन और क्लास टू की नौकरियों पर हरियाणा से बाहर के लोगों को तरजीह दी जा रही है। भाजपा ने कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का वादा किया था, जिसे हुड्डा ने "झूठ" करार दिया। उन्होंने 2014 की अपनी सरकार की नियमितीकरण नीति पर सुप्रीम कोर्ट की हालिया मुहर का स्वागत करते हुए इसे कर्मचारियों की जीत बताया।

पार्टी ने अनुशासन के आधार पर फैसला लिया

राज्यसभा चुनाव में क्रॉस-वोटिंग करने वाले 5 विधायकों के सस्पेंशन पर उन्होंने कहा कि "पार्टी ने अनुशासन के आधार पर फैसला लिया है।" उन्होंने सुझाव दिया कि इन विधायकों को इस्तीफा दे देना चाहिए और जनता के बीच जाकर फैसला करवाना चाहिए। हुड्डा ने जेजेपी और इनेलो को भाजपा की 'बी-टीम' बताते हुए कहा कि ये दल केवल भाजपा को फायदा पहुँचाने के लिए काम कर रहे हैं। मेयर पद के चुनाव को सिंबल पर लड़ने का फैसला मीटिंग में लिया जाएगा। हुड्डा ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि मंडियों में व्यवस्था नहीं सुधरी, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी। 

Join The Conversation Opens in a new tab
×