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The Haryana Story | नए कानूनों की सरल व्याख्या: एडवोकेट निखिल चुघ की पुस्तक 'Legal Rights' के जरिए जागरूक होगा पानीपत

नए कानूनों की सरल व्याख्या: एडवोकेट निखिल चुघ की पुस्तक 'Legal Rights' के जरिए जागरूक होगा पानीपत

कानून की ताकत अब आम जनता के हाथ, पानीपत के युवा एडवोकेट निखिल चुघ ने शुरू किया कानूनी जागरूकता अभियान

युवा एडवोकेट निखिल चुघ द्वारा समाज में कानूनी जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना है, ताकि वे अपने अधिकारों को समझ सकें और आवश्यकता पड़ने पर उनका सही उपयोग कर सकें।

सशक्त और न्यायपूर्ण समाज की स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम

निखिल चुघ ने कम उम्र में ही कानून के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाते हुए “Legal Rights Every Citizen Must Know: FIR, Bail and Police Procedure Under India’s New Criminal Laws (BNSS 2023)” नामक पुस्तक का लेखन किया है। इस पुस्तक का उद्देश्य जटिल कानूनी प्रावधानों को सरल भाषा में आम जनता तक पहुंचाना है, ताकि हर व्यक्ति अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और सशक्त बन सके। निखिल चुघ का मानना है कि जब तक समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने अधिकारों और कानून की मूलभूत जानकारी से अवगत नहीं होगा, तब तक सशक्त और न्यायपूर्ण समाज की स्थापना संभव नहीं है। उनका यह अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने आगे कहा कि वे इस अभियान को पानीपत से शुरू कर पूरे हरियाणा और देश के अन्य राज्यों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग कानूनी रूप से सशक्त बन सकें।

पुस्तक का मुख्य उद्देश्य 

भारत में नए आपराधिक कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS 2023) ने पुरानी प्रक्रियाओं (CrPC) की जगह ली है। निखिल चुघ ने इस पुस्तक के माध्यम से जटिल कानूनी शब्दों को सरल बनाया है ताकि आम जनता पुलिस प्रक्रिया, FIR दर्ज कराने और जमानत (Bail) के नियमों को समझ सके। कानूनी साक्षरता के अभाव में होने वाले शोषण को रोका जा सके।नागरिकों को यह पता हो कि गिरफ्तारी या पूछताछ के दौरान उनके पास क्या संवैधानिक अधिकार हैं।

न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका के प्रमुख प्रतिनिधियों से मुलाकात

अपने इस अभियान के तहत निखिल चुघ ने 'लोकतंत्र के स्तंभों' न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका के प्रमुख प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उन्हें अपनी पुस्तक भेंट की और कानूनी जागरूकता के महत्व पर चर्चा की गई।

न्यायपालिका (Judiciary): अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप सिंह से भेंट कर उन्होंने न्यायिक दृष्टिकोण से इस पुस्तक की उपयोगिता पर चर्चा की।

कार्यपालिका (Executive): पानीपत के उपायुक्त वीरेन्द्र कुमार दहिया (IAS) को पुस्तक भेंट की और प्रशासनिक स्तर पर कानूनी जागरूकता अभियान को सरकारी समर्थन की उम्मीद जताई।

विधायिका (Legislature): वहीं विधायक प्रमोद कुमार विज के साथ चर्चा का उद्देश्य कानूनी जागरूकता को नीतिगत स्तर पर बढ़ावा देना और इसे जन-जन तक पहुँचाना रहा।

भविष्य का दृष्टिकोण : स्कूलों और कॉलेजों पर ध्यान

उन्होंने बताया कि उनका मुख्य लक्ष्य केवल प्रशासनिक स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि वे इस पहल को प्रत्येक स्कूल, कॉलेज और समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना चाहते हैं, जिससे आने वाली पीढ़ी कानूनी रूप से जागरूक बन सके और एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका निभा सके।उनका विजन 'लीगल अवेयरनेस' को एक जन-आंदोलन बनाना है:युवा पीढ़ी का सशक्तिकरण: वे इस ज्ञान को स्कूल और कॉलेज के पाठ्यक्रम या सेमिनारों के माध्यम से छात्रों तक पहुँचाना चाहते हैं।जिम्मेदार नागरिकता: यदि युवा अवस्था में ही बच्चों को अपने Rights & Duties का ज्ञान होगा, तो वे भविष्य में एक कानून का पालन करने वाले और जागरूक नागरिक बनेंगे।

अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत

जब एक युवा लेखक इतनी कम आयु में कानून जैसे गंभीर विषय पर समाज को शिक्षित करने का बीड़ा उठाता है, तो यह अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है। यह पुस्तक न केवल कानूनी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाती है, बल्कि पुलिस और जनता के बीच के 'विश्वास की खाई' को कम करने में भी मदद करती है। निखिल चुघ की यह पुस्तक "न्याय और सुरक्षा" के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह समाज के हर वर्ग चाहे वह छात्र हो, व्यापारी हो या आम कामकाजी व्यक्ति के लिए एक ज़रूरी दस्तावेज साबित हो सकती है।

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