किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी शुक्रवार को पानीपत के टोल प्लाजा पर पहुंचे। यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि किसानों का उद्देश्य कोई उपद्रव फैलाना नहीं है, बल्कि किसानों का प्रदर्शन शांतिपूर्वक है। किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि हरियाणा के सभी शहरों में शुक्रवार को टोल फ्री का निर्णय लिया गया है। इस दौरान किसानों ने दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक सभी टोल को फ्री करवाए। इसके लिए मीडिया के माध्यम से प्रशासन को अवगत कराया जा रहा है।
हमारी मांग है कि प्रशासन 3 घंटे के लिए सहयोग करें। किसान भी प्रशासन को सहयोग करने के लिए तैयार हैं। गुरनाम सिंह ने किसान की मौत मामले में कहा कि उन्हें इस बारे में अभी कोई सूचना नहीं मिली है। जब इस बारे में जानकारी मिलेगी तो वह उस पर चर्चा कर पाएंगे। हम सिर्फ किसानों का समर्थन कर रहे हैं। आज की जो कॉल है वो किसानों के समर्थन में ही की गई है। हमारी सरकार से यही मांग है कि किसानों के साथ बैठकर बातचीत की जाए और उनकी मांगों को जल्द पूरा किया जाए।
पुलिस ने रोकने का प्रयास किया, किसानों ने किसी की नहीं सुनी
पानीपत में भाकियू ने शुक्रवार दोपहर 12 बजे जीटी रोड, पानीपत-नगीना हाईवे पर जलालपुर और पानीपत-रोहतक हाईवे पर डाहर गांव में टोल फ्री करवा दिए है। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन किसानों ने किसी की नहीं सुनी। दिल्ली व चंडीगढ़ के बीच बस सेवाएँ प्रभावित रही। वहीं भारत बंद को लेकर रोडवेज का चक्का जाम रहा। पानीपत और सोनीपत पुलिस हलदाना बॉर्डर पर संयुक्त नाका लगाने की तैयारी में है।
पानीपत में रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने पुराने बस अड्डे पर धरना प्रदर्शन किया। वहीं यमुनानगर के मिल्क टोल प्लाजा पर भी टोल को फ्री करवाया गया है। इससे पहले काफी किसान प्रदर्शन करते हुए यमुनानगर के मिल्क टोल प्लाजा पर पहुंचे और टोल को फ्री करवाया। इस दौरान किसानों ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। किसानों का कहना है कि उनकी मांगें जायज हैं और सरकार को किसानों की मांगों के आगे झुकना ही पड़ेगा।
17 फरवरी को किसान निकालेंगे ट्रैक्टर मार्च
गुरनाम सिंह चढ़ूनी कि शनिवार 17 फरवरी को प्रदेशभर के सभी शहरों में किसान ट्रैक्टर मार्च निकालकर सरकार को मांगें पूरी करने के लिए जगाने का काम करेंगे। इसके बाद रविवार 18 फरवरी को सभी किसान संगठनों, खापों, मजदूर संगठनों, टोल कमेटी और नगर कमेटियों की संयुक्त रूप से कुरुक्षेत्र में बैठक की जाएगी। बैठक में सभी मिलकर आगामी रणनीति तैयार करेंगे।
किसानों के समर्थन में उनके साथ खड़े हैं
गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि किसान वर्ग की मांगों को लेकर हम उनके साथ खड़े हैं। सरकार को जल्द किसानों की मांगों पर विचार कर उन्हें मानना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह अभी हरियाणा-पंजाब के शंभू बॉर्डर पर नहीं जा रहे हैं। हरियाणा में ही किसानों का समर्थन करके उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि जो आपसी मनमुटाव है वो किसान नेताओं के बीच है। किसानों में कोई आपसी मनमुटाव नहीं है। सरकार के साथ हो रही बैठकों को लेकर गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि रविवार को होने वाली बैठक में वो अभी तक शामिल नहीं हैं। इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
related
जलभराव की समस्या का होगा पुख्ता इंतजाम : हरियाणा भर में 'वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम' लगाएं जाने के लिए स्थान ढूंढने के निर्देश
डॉ. सुशील गुप्ता का BJP पर कटाक्ष, बोले - आपदा को अवसर में बदलने का उदाहरण अरबों का PNG रियायत घोटाला'
बदलेगी गोहाना की तस्वीर : सीएम ने की करोड़ों रुपये की बड़ी विकास परियोजनाओं की घोषणा
Latest stories
महाराजा सूरजमल की मूर्ति से 'जाट' शब्द हटाने पर बवाल, जाट समाज की नाराज़गी और प्रशासन का तर्क, पढ़ें पूरी ख़बर
हरियाणा में रेल कनेक्टिविटी का नया दौर : HORC टनल का 61 फीसदी कार्य पूरा, कुरुक्षेत्र एलिवेटेड ट्रैक लॉन्च के लिए तैयार
सांसद सैलजा ने सरकार के 'तुगलकी फरमान' पर उठाए सवाल, किसानों की समस्याओं को बताया अत्यंत चिंताजनक