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The Haryana Story | हरियाणा में दूध के दाम बढ़ाने की तैयारी, भैंस का दूध ₹100 लीटर करने की मुहिम तेज; कम रेट पर ₹5,100 जुर्माने का फैसला

हरियाणा में दूध के दाम बढ़ाने की तैयारी, भैंस का दूध ₹100 लीटर करने की मुहिम तेज; कम रेट पर ₹5,100 जुर्माने का फैसला

बढ़ती लागत और कम आमदनी को लेकर अब दूध के न्यूनतम बिक्री भाव को बढ़ाने की तैयारी में जुट गए

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हरियाणा में पशुपालक दूध की बढ़ती लागत और कम आमदनी को लेकर अब दूध के न्यूनतम बिक्री भाव को बढ़ाने की तैयारी में जुट गए हैं। जींद जिले की जुलाना तहसील के सिरसा खेड़ी गांव में करीब 20 पशुपालकों ने बैठक कर 1 सितंबर से भैंस का दूध ₹100 प्रति लीटर बेचने का निर्णय लिया है। बैठक में तय कीमत से कम भाव पर दूध बेचने वाले पशुपालक पर ₹5,100 का जुर्माना लगाने की बात भी कही गई है। घर से दूध लेने पहुंचने वाले ग्राहकों से भी ₹100 प्रति लीटर की दर लेने का निर्णय बताया गया है।

अभी पूरे हरियाणा में लागू नहीं हुआ

₹100 का रेट यह स्पष्ट करना जरूरी है कि भैंस के दूध का ₹100 प्रति लीटर भाव पूरे हरियाणा के लिए सरकार द्वारा तय किया गया नया रेट नहीं है। अलग-अलग गांवों में पशुपालकों की बैठकों में न्यूनतम बिक्री कीमत तय करने की मुहिम चल रही है। कई जगह इस पर अभी चर्चा और सहमति बनाने की प्रक्रिया जारी है।

बढ़ती लागत को बताया मुख्य कारण

पशुपालकों का कहना है कि पशु आहार, तूड़ी, दवाइयों और पशुओं की देखभाल से जुड़े खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। मौजूदा कीमतों पर दूध बेचने से पशुपालन से होने वाली आमदनी प्रभावित हो रही है। उनका तर्क है कि उत्पादन लागत बढ़ने के अनुपात में दूध का भाव भी बढ़ना चाहिए। जींद क्षेत्र में फिलहाल भैंस का दूध करीब ₹70 से ₹80 प्रति लीटर और गाय का दूध ₹50 से ₹60 प्रति लीटर तक बिकने की जानकारी सामने आई है।

हिसार के गांवों में भी ₹100 का न्यूनतम भाव

हिसार जिले के हांसी क्षेत्र के भैणी अमीरपुर, मिर्चपुर और राजथल गांवों में भी पशुपालकों ने दूध और दुग्ध उत्पादों के न्यूनतम बिक्री भाव तय किए हैं। यहां भैंस का दूध ₹100 और गाय का दूध ₹80 प्रति लीटर रखने की बात सामने आई है। इसके अलावा देसी घी का न्यूनतम भाव ₹1,500 प्रति किलोग्राम और लस्सी का ₹20 प्रति लीटर तय किया गया है। तय कीमत से कम पर बिक्री करने पर ₹5,100 के जुर्माने का प्रावधान पशुपालकों की बैठकों में किया गया है।

पंचायत ने नहीं, पशुपालकों ने लिए फैसले

इस मामले में एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई है। भैणी अमीरपुर और राजथल के सरपंचों ने स्पष्ट किया है कि दूध और घी के दाम बढ़ाने का फैसला ग्राम पंचायतों की ओर से नहीं लिया गया, बल्कि स्थानीय पशुपालकों की बैठकों में यह निर्णय किया गया है। इसलिए इसे सरकारी अथवा पंचायत स्तर पर लागू आदेश मानना सही नहीं होगा।

वीटा को एक दिन दूध की सप्लाई भी रोकी

सिरसा खेड़ी में ₹100 का रेट तय करने के बाद पशुपालकों ने एक दिन वीटा को दूध की आपूर्ति भी नहीं की। हालांकि बाद में एक पशुपालक ने पुराने भाव पर दूध देना शुरू किया तो दूसरे पशुपालकों ने भी वीटा को दूध की आपूर्ति शुरू कर दी। अब नए रेट को लेकर दोबारा बैठक बुलाने की तैयारी की जा रही है।

कई जिलों में चल रही चर्चा

दूध के दाम बढ़ाने की यह मुहिम केवल जींद तक सीमित नहीं है। हिसार के राजथल से शुरू हुई इस पहल के बाद हांसी, कुरुक्षेत्र, कैथल और जींद में भी पशुपालकों की बैठकें होने की जानकारी सामने आई है। राजथल में भैंस के दूध का भाव ₹100, गाय के दूध का ₹80 प्रति लीटर और देसी घी का भाव बढ़ाने को लेकर भी निर्णय किया गया है। 

कुरुक्षेत्र में उचित मूल्य की मांग

कुरुक्षेत्र डेयरी फार्मर एसोसिएशन ने भी बढ़ती लागत को देखते हुए दूध का उचित मूल्य तय करने की मांग उठाई है। एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने वीटा प्लांट प्रबंधन और जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर पशुपालकों की समस्याओं पर ध्यान देने की मांग की। साथ ही दूध में मिलावट पर प्रभावी कार्रवाई और दूध से संबंधित समितियों में पशुपालकों को शामिल करने की मांग भी रखी गई। हरियाणा में फिलहाल भैंस का दूध ₹100 प्रति लीटर करने की मुहिम कुछ गांवों में पशुपालकों के स्तर पर चल रही है, लेकिन इसे पूरे प्रदेश में लागू सरकारी रेट कहना सही नहीं होगा। ₹5,100 जुर्माने का फैसला भी स्थानीय पशुपालक बैठकों से जुड़ा है, न कि पूरे हरियाणा के लिए घोषित सरकारी जुर्माना। आने वाले दिनों में इन बैठकों और प्रस्तावित नए रेट पर होने वाले फैसलों से तस्वीर और स्पष्ट होगी।

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