शहर के बाबरपुर मंडी इलाके में आक्रामक बंदरों के झुंड ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। बंदरों के लगातार हमलों से स्थानीय लोगों में डर का माहौल है। ताजा मामले में गुरु गैस एजेंसी संचालक गुरदास मौर्य की बेटी पर बंदर ने उस समय हमला कर दिया, जब वह घर की छत पर बने वॉशरूम से बाहर निकली। अचानक बंदर उसके सिर पर कूद गया। घबराकर युवती कमरे की ओर भागी तो बंदर ने उसका पीछा करते हुए गेट तक पहुंच गया। हमले के दौरान युवती गिर गई, जिससे उसका एक दांत टूट गया और उसे चोटें आईं। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बंदर युवती के पीछे भागते नजर आ रहे हैं।
छत से लेकर घर के गेट तक बंदरों का पीछा
परिजनों के मुताबिक, युवती जैसे ही वॉशरूम से बाहर आई, एक बंदर ने उस पर झपट्टा मार दिया। इसके बाद कई अन्य बंदर भी छत पर पहुंच गए। युवती ने किसी तरह कमरे के अंदर जाकर खुद को बचाया, लेकिन बंदर काफी देर तक गेट के आसपास मौजूद रहे। युवती की आवाज सुनकर आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंचकर डंडे दिखाकर बंदरों को वहां से भगाया। परिजनों का कहना है कि बंदरों के डर से अब घरों की छतों पर जाना भी मुश्किल हो गया है। गैस एजेंसी संचालक ने प्रशासन को शिकायत देकर इलाके से बंदरों को पकड़ने की मांग की है।
गैस सिलेंडर लेने पहुंचे लोगों पर भी हमला
बाबरपुर मंडी क्षेत्र में केवल इस परिवार के लोग ही बंदरों के निशाने पर नहीं हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, गुरु गैस एजेंसी पर सिलेंडर लेने आने वाले कई ग्राहकों पर भी बंदर हमला कर चुके हैं। क्षेत्र के निवासी रमन ने बताया कि महिलाओं और युवतियों पर भी बंदर झपटते हैं। कपड़े सुखाने के दौरान महिलाएं बंदरों के हमले के डर से परेशान रहती हैं और कई बार बंदर कपड़े उठाकर ले जाते हैं। एक अन्य स्थानीय निवासी के मुताबिक, शनिवार को उसके छोटे भाई पर भी बंदरों ने हमला किया। उसने किसी तरह घर के अंदर भागकर अपनी जान बचाई।
मंदिर के पास युवक को काटा
धर्मवीर बाइक एजेंसी के संचालक धर्मवीर शर्मा ने बताया कि शनिवार सुबह करीब नौ बजे मंदिर के पास बंदरों ने एक युवक को काट लिया। जब वह लाठी लेकर बंदरों को भगाने के लिए पीछे दौड़े तो बंदर छतों पर चढ़कर दूसरी गली की तरफ भाग गए। उनका कहना है कि इलाके में पहले भी बंदरों के हमले के कई मामले सामने आ चुके हैं।
अप्रैल में भी कई लोगों को बनाया था निशाना
बाबरपुर मंडी इलाके में बंदरों का आतंक नया नहीं है। स्थानीय लोगों के मुताबिक अप्रैल में एक ही दिन में बुजुर्ग महिला समेत कई बच्चों को बंदरों ने काट लिया था। आटा मिल मालिक सुनील चुघ के बेटे अंश पर भी बंदर ने हमला किया था, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा था। इससे पहले फरवरी में प्रीति नाम की महिला पर बंदरों के हमले का वीडियो भी सामने आया था। उस दौरान भी बच्चों और महिलाओं पर बंदरों के हमलों की कई घटनाएं सामने आई थीं।
घरों की छतों और गलियों में बंदरों का डेरा
गुरु एचपी गैस एजेंसी के संचालक गुरदास मौर्य ने प्रशासन को दी शिकायत में कहा है कि पिछले कुछ सप्ताह से इलाके में बंदरों के झुंड लगातार घूम रहे हैं। बंदर गलियों, घरों की छतों और रिहायशी क्षेत्रों में डेरा जमाए रहते हैं और लोगों के घर से बाहर निकलते ही उन पर झपट पड़ते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बंदरों के डर से बच्चों का बाहर खेलना और बुजुर्गों का सुबह-शाम टहलना तक प्रभावित हो गया है। लोगों ने प्रशासन से जल्द अभियान चलाकर बंदरों को पकड़ने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
निगम आयुक्त बोले- बंदर पकड़ने के बाद छोड़ने की जगह नहीं
मामले में नगर निगम आयुक्त डॉ. पंकज यादव का कहना है कि बंदरों को पकड़ने के बाद उन्हें सुरक्षित स्थान पर छोड़ने के लिए उपयुक्त जगह उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इसी समस्या के चलते बंदर पकड़ने का काम करने वाली हिमाचल की ठेका कंपनी ने भी काम छोड़ दिया। निगम अब समस्या के समाधान के लिए दूसरे विकल्प तलाश रहा है।
लोगों की मांग- हादसा बड़ा होने से पहले हो कार्रवाई
लगातार सामने आ रहे हमलों के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि समय रहते बंदरों को नियंत्रित नहीं किया गया तो किसी बच्चे या बुजुर्ग के साथ गंभीर हादसा हो सकता है। लोगों ने प्रशासन और नगर निगम से बाबरपुर मंडी क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर आक्रामक बंदरों को पकड़ने तथा लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
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