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The Haryana Story | हुड्डा ने फिर उठाया चुनावी आंकड़ों का मुद्दा, बोले- जवाब नहीं मिला तो संघर्ष जारी रहेगा, बीच में टांग अड़ाने वालों को कोहनी मारूंगा

हुड्डा ने फिर उठाया चुनावी आंकड़ों का मुद्दा, बोले- जवाब नहीं मिला तो संघर्ष जारी रहेगा, बीच में टांग अड़ाने वालों को कोहनी मारूंगा

‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, कानून-व्यवस्था और बढ़ते कर्ज को लेकर सरकार को घेरा

पूर्व मुख्यमंत्री और हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने एक बार फिर हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान कथित अनियमितताओं और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं। गढ़ी सांपला-किलोई विधानसभा क्षेत्र में अपने जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान हुड्डा ने कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।

हुड्डा ने आरोप लगाया कि हरियाणा में वोटों की चोरी हुई और इसी वजह से प्रदेश में ऐसी सरकार बनी, जिसे वह जनता का जनादेश नहीं मानते। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव परिणाम और मतदान के आंकड़ों में बदलाव को लेकर चुनाव आयोग से कई सवाल पूछे, लेकिन पार्टी को संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसी मुद्दे को लेकर हरियाणा कांग्रेस ने 25 सितंबर को चंडीगढ़ में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन भी किया, जिसमें हुड्डा समेत कई कांग्रेस नेता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया और नेताओं को हिरासत में लिया।

मतदान प्रतिशत को लेकर हुड्डा ने उठाए सवाल

हुड्डा ने हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 के मतदान प्रतिशत में हुए बदलाव को लेकर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि मतदान के दिन शाम 7 बजे मतदान प्रतिशत 61.19 प्रतिशत बताया गया था, बाद में यह 65.65 प्रतिशत और फिर 67.90 प्रतिशत तक पहुंच गया। इसी आधार पर कांग्रेस चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगा रही है। हालांकि, यहां चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों को भी समझना जरूरी है।

चुनाव आयोग ने 5 अक्टूबर 2024 को शाम 7 बजे 61.19 प्रतिशत मतदान का आंकड़ा जारी किया था, जबकि 7 अक्टूबर को जारी अंतिम आंकड़ों में हरियाणा विधानसभा चुनाव का कुल मतदान 67.90 प्रतिशत बताया गया। आयोग के अनुसार मतदान प्रतिशत के शुरुआती आंकड़े फील्ड से प्राप्त होने वाले आंकड़ों के आधार पर अपडेट होते हैं। इसलिए 61.19% और 67.90% के बीच का अंतर अपने-आप में ‘वोट चोरी’ का प्रमाण नहीं है।

‘प्रदेश में कानून-व्यवस्था का जनाजा निकल गया’

हुड्डा ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी नायब सिंह सैनी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा में लूट, डकैती, रेप और हत्या जैसी घटनाएं आम हो गई हैं और सरकार कानून-व्यवस्था संभालने में विफल रही है। उन्होंने सरकार पर विकास के मोर्चे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में कोई बड़ा नया काम नहीं हुआ और राज्य पर कर्ज लगातार बढ़ रहा है। हालांकि, इन राजनीतिक आरोपों के समर्थन में उन्होंने इस दौरान कोई विस्तृत आंकड़ा प्रस्तुत नहीं किया।

‘जनता का साथ मिला तो टांग अड़ाने वालों को मारूंगा कोहनी’

कांग्रेस के भीतर गुटबाजी और विरोधियों को लेकर पूछे गए सवाल पर हुड्डा ने अपने पुराने अंदाज में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर जनता का साथ मिला तो बीच में टांग अड़ाने वालों को वह ‘कोहनी’ मारेंगे। उनका यह बयान कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान की चर्चाओं के बीच आया है। दूसरी ओर, इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला लगातार हुड्डा पर इसी तरह के राजनीतिक हमले कर रहे हैं। 21-22 सितंबर को भिवानी में अभय चौटाला ने आरोप लगाया कि हुड्डा ने अपने राजनीतिक रास्ते में आने वाले कई नेताओं को ‘कोहनी’ मारी, जिनमें राव इंद्रजीत सिंह, कुमारी सैलजा, कुलदीप बिश्नोई और अशोक तंवर के नाम उन्होंने लिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगला नंबर दीपेंद्र हुड्डा का है। ये अभय चौटाला के राजनीतिक आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

अभय चौटाला का कांग्रेस और हुड्डा पर हमला

अभय चौटाला ने कांग्रेस पर भाजपा के साथ मिलीभगत के आरोप भी लगाए हैं। 2 सितंबर को उन्होंने विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों पर जनहित के मुद्दे नहीं उठाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि दोनों दल आपस में बहस करते रहे, जबकि इनेलो ने नशे, कानून-व्यवस्था और अन्य मुद्दों को सदन में उठाया। वहीं, 22 सितंबर को भिवानी में अभय ने हुड्डा पर निशाना साधते हुए कहा कि जो खुद को बड़ी राजनीतिक ताकत मानते थे, वे अब लोगों की चौखट पर जा रहे हैं। उन्होंने हुड्डा पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं को राजनीतिक रूप से किनारे करने का आरोप लगाया। साथ ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और भाजपा सरकार पर भी कानून-व्यवस्था, किसानों और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर हमला बोला।

चुनाव आयोग पर कांग्रेस का दबाव बढ़ा

चुनाव आयोग के मुद्दे पर कांग्रेस का विरोध अब सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं है। 25 सितंबर को हरियाणा कांग्रेस ने चंडीगढ़ में प्रदर्शन कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की और चुनाव संबंधी फैसलों तथा मतदाता सूचियों में हुए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग रखी। कांग्रेस ने आयोग के भीतर दर्ज आपत्तियों और मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने से संबंधित फैसलों को सार्वजनिक करने की मांग भी की है। गौरतलब है कि ज्ञानेश कुमार ने 19 फरवरी 2025 को भारत के 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में पदभार संभाला था। 

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