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The Haryana Story | जींद की बेटी पूजा हथवाला ने फिर चमकाया देश का नाम, विनेश फोगाट ने की डीएसपी पद देने की मांग

जींद की बेटी पूजा हथवाला ने फिर चमकाया देश का नाम, विनेश फोगाट ने की डीएसपी पद देने की मांग

दादा जापान सिंह के अनुशासन से एशियन गेम्स के स्वर्ण तक पहुंचीं पूजा हथवाला, ‘ओलंपिक में देश के लिए मेडल जीतना लक्ष्य’

जापान के आइची-नागोया में आयोजित 20वें एशियन गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम को स्वर्ण पदक दिलाने वाली जींद की बेटी पूजा हथवाला का अपने पैतृक गांव हथवाला पहुंचने पर ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ जोरदार स्वागत किया। पूजा के गांव पहुंचते ही ग्रामीणों और खेल प्रेमियों में उत्साह का माहौल बन गया। परिजनों, ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों ने उनकी उपलब्धि पर खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी। भारतीय महिला कबड्डी टीम ने 26 सितंबर को खेले गए फाइनल में ईरान को 37-34 से हराकर लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मुकाबले में पूजा हथवाला ने भी अहम भूमिका निभाई। 

विनेश फोगाट ने डीएसपी पद पर नियुक्त करने की मांग रखी

स्वागत समारोह में जुलाना से विधायक एवं पूर्व पहलवान विनेश फोगाट ने पूजा हथवाला को बधाई देते हुए कहा कि देश की बेटियां खेलों में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पूजा ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और हरियाणा का नाम रोशन किया है। विनेश फोगाट ने सरकार से मांग की कि ऐसी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि हासिल करने वाली खिलाड़ियों को उचित सम्मान और जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। उन्होंने पूजा को डीएसपी या एचसीएस जैसे प्रशासनिक पद पर नियुक्त करने की मांग भी रखी। विनेश फोगाट ने कहा कि खेल प्रतिभाओं को केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित रखने के बजाय खेल नीति और प्रशासन में भी उनकी विशेषज्ञता का लाभ लिया जाना चाहिए। उन्होंने कबड्डी को ओलंपिक खेलों में शामिल किए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

‘ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतना लक्ष्य’

अपने स्वागत से अभिभूत पूजा हथवाला ने कहा कि गांव और देशवासियों का प्यार एवं समर्थन खिलाड़ियों को आगे बढ़ने की ताकत देता है। उन्होंने कहा कि उनके खेल जीवन में परिवार और विशेषकर दादा का मार्गदर्शन बेहद महत्वपूर्ण रहा है। पूजा ने युवा खिलाड़ियों और बेटियों को संदेश देते हुए कहा कि चाहे पढ़ाई हो या खेल, सफलता के लिए मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास जरूरी है। अभिभावकों को अपनी बेटियों की प्रतिभा पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में यदि कबड्डी को ओलंपिक में शामिल किया जाता है तो देश के लिए ओलंपिक पदक जीतना उनका प्रमुख लक्ष्य होगा।

दादा का अनुशासन बना सफलता की नींव

पूजा के दादा जापान सिंह ने बताया कि पूजा ने स्कूल के दिनों से ही कबड्डी खेलना शुरू किया था। बचपन से ही उनके जीवन में अनुशासन और खान-पान को लेकर विशेष ध्यान रखा गया। उन्होंने बताया कि पूजा ने शुद्ध शाकाहारी भोजन के साथ नियमित अभ्यास और अनुशासन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया। जापान सिंह के अनुसार, प्रतियोगिताओं के दौरान कई बार विपरीत परिस्थितियां सामने आईं, लेकिन पूजा ने कभी अपने लक्ष्य से ध्यान नहीं हटाया। उन्होंने कहा कि कठिन से कठिन मुकाबले में भी पूजा संयम बनाए रखती हैं और दबाव की स्थिति में बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास करती हैं।

हथवाला गांव का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन

गांव के सरपंच रोहतास सिंह ने कहा कि पूजा हथवाला ने अपनी उपलब्धि से न केवल जींद और हरियाणा, बल्कि पूरे गांव का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। उन्होंने कहा कि गांव की बेटी की सफलता से क्षेत्र के युवाओं और विशेषकर बेटियों को खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। पूजा के गांव लौटने पर आयोजित स्वागत समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीण, खेल प्रेमी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे। ग्रामीणों ने पूजा को भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि वह आने वाले समय में देश के लिए और बड़ी उपलब्धियां हासिल करेंगी।

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